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बाल गोपाल को सजाने के लिए दुकानों पर उमड़ी भीड़
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शामली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर खरीदारी करतीं महिलाएं।
- फोटो : SHAMLI
शामली। जिले में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए लोगों ने एक दिन पहले ही तैयारी कर ली है। जन्मदिन पर लड्डू गोपाल को सजाने संवारने के लिए श्रद्धालुओं ने बाजार में वस्त्र, बांसुरी, पालना, मालाएं और मुकुट आदि लिया। इस दौरान किसी ने पालना लिया तो किसी ने रंग-बिरंगी पोशाक पसंद की।
जिले में सोमवार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को मनाने के लिए श्रद्धालुओं ने अपने-अपने तरीके से तैयारी की है। रविवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा को सजाने संवारने के लिए दिनभर दुकानों पर लोगों भीड़ रही।
कान्हा के परिधान, बांसुरी, माला, मुकुट और पालना आदि लेने के लिए दुकानों पर महिलाओं व पुरुषों की भीड़ रही। महिलाएं बाल-गोपाल के रूप को निखारने के लिए एक से बढ़कर एक पोशाक पसंद की । कान्हा को सजाने के लिए लाल, नीली, काली, सुनहरी और चमकदार पोशाक खूब पसंद की गईं।
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मुकुट, बांसुरी, फूलों एवं मोतियों की मालाएं, लटकन आदि ली गई। कान्हा को झुलाने के लिए पालनों की भी खूब मांग रही। बाजार में आई सुमन और पूजा ने बताया उन्होंने लड्डू गोपाल के लिए सुंदर आकर्षक ड्रेस पसंद की। इसके अलावा पटका, मुकुट, बांसुरी, मालाएं आदि भी ली हैं।
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साप्ताहिक बंदी के दिन कान्हा के सामान वाली दुकानें खुली
रविवार को शामली मेें साप्ताहिक बंदी रहती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को लेकर अधिकांश व्यापारियों ने सुबह बाजार में दुकानें खोल ली थीं, लेकिन बाद में साप्ताहिक बंदी लागू रहने की जानकारी मिलने पर बाजार बंद हो गए थे। बाजार में कान्हा के सामान वाली दुकानों केे छोड़कर बाकी अधिकांश दुकानें बंद रही। कुछ स्थानों पर किराना की दुकानें भी खुली रही। अन्य ट्रेड की कुछ दुकानों को व्यापारी चोरी छिपे खोले रहे।
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भेंट करने के लिए लड्डू गोपाल
बताया गया है कि लड्डू गोपाल सीधे घर नहीं लाए जाते। रिश्तेदार, परिचित या मित्र एक-दूसरे को भेंट करते हैं। दुकानों पर लड्डू गोपाल लेने वालों की भी भीड़ रही। जो लोग लड्डू गोपाल ले जा रहे थे, वे अपने परिचित के लिए ही लेकर जा रहे थे।
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जिले में सोमवार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को मनाने के लिए श्रद्धालुओं ने अपने-अपने तरीके से तैयारी की है। रविवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा को सजाने संवारने के लिए दिनभर दुकानों पर लोगों भीड़ रही।
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कान्हा के परिधान, बांसुरी, माला, मुकुट और पालना आदि लेने के लिए दुकानों पर महिलाओं व पुरुषों की भीड़ रही। महिलाएं बाल-गोपाल के रूप को निखारने के लिए एक से बढ़कर एक पोशाक पसंद की । कान्हा को सजाने के लिए लाल, नीली, काली, सुनहरी और चमकदार पोशाक खूब पसंद की गईं।
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मुकुट, बांसुरी, फूलों एवं मोतियों की मालाएं, लटकन आदि ली गई। कान्हा को झुलाने के लिए पालनों की भी खूब मांग रही। बाजार में आई सुमन और पूजा ने बताया उन्होंने लड्डू गोपाल के लिए सुंदर आकर्षक ड्रेस पसंद की। इसके अलावा पटका, मुकुट, बांसुरी, मालाएं आदि भी ली हैं।
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साप्ताहिक बंदी के दिन कान्हा के सामान वाली दुकानें खुली
रविवार को शामली मेें साप्ताहिक बंदी रहती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को लेकर अधिकांश व्यापारियों ने सुबह बाजार में दुकानें खोल ली थीं, लेकिन बाद में साप्ताहिक बंदी लागू रहने की जानकारी मिलने पर बाजार बंद हो गए थे। बाजार में कान्हा के सामान वाली दुकानों केे छोड़कर बाकी अधिकांश दुकानें बंद रही। कुछ स्थानों पर किराना की दुकानें भी खुली रही। अन्य ट्रेड की कुछ दुकानों को व्यापारी चोरी छिपे खोले रहे।
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भेंट करने के लिए लड्डू गोपाल
बताया गया है कि लड्डू गोपाल सीधे घर नहीं लाए जाते। रिश्तेदार, परिचित या मित्र एक-दूसरे को भेंट करते हैं। दुकानों पर लड्डू गोपाल लेने वालों की भी भीड़ रही। जो लोग लड्डू गोपाल ले जा रहे थे, वे अपने परिचित के लिए ही लेकर जा रहे थे।