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हमले के पुराने मामले खंगाल रही पुलिस

Tue, 06 Dec 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Tue, 06 Dec 2016 12:13 AM IST
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Police are examining old case of attack
- फोटो : Demo Pic
शामली। कैराना में पुलिस पर किए गए जानलेवा हमले के बाद से एसपी ने इस तरह के पुराने मुकदमों की जानकारी मांगी है। उन्होंने सभी मुकदमों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है, ताकि इनमें प्रकाश में आए मुल्जिमों पर कार्रवाई की जा सके। 
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शामली में पिछले कई सालों में दबिश डालने गई पुलिस पर हमले किए गए। जिनमें पुलिस कर्मियों को पीटा गया। रविवार को भी कैराना में हमला किया गया।

हमले में तीन दरोगाओं सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। इस प्रकरण से पूर्व की भांति एक बार पुलिस के इकबाल को हमलावरों ने खुलकर चुनौती दी तथा पुलिस के लिए यह प्रकरण प्रतिष्ठा का सवाल बन गया। लेकिन अब इन मामलों में एसपी चुप बैठने वाले नहीं हैं। बताया जाता है कि एसपी ने जनपद भर के थानों में पुलिस पर हमले के जितने भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनकी प्रगति रिपोर्ट मांगी है। शामली पुलिस द्वारा आज तक इन मुकदमों में कितनी गिरफ्तारियां की र्गइं और कितने हमलावर आज तक भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, इस सब की जानकारी खंगाल रही है।
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एसपी के अनुसार पुलिस इन लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही इन पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई करेगी, ताकि ये लोग भविष्य में पुलिस पर हमले के बारे में सोच भी न पाए। 
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उधर, इस मामले के बारे में एसपी अजयपाल शर्मा ने बताया कि पूर्व में जितने भी हमले पुलिस पर किए गए हैं, उनके संबंध में दर्ज मुकदमों की प्रगति रिपोर्ट मंगाई है, इनमें वांछित चल रहे अभियुक्तों के खिलाफ गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।

हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस
कैराना। राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस पर हमला करने वाले आज तक गिरफ्तार नहीं किए गए। यही कारण है कि खाकी पर हमला करने से भी बदमाश नहीं डरते। पूर्व में भी पुलिस पर पांवटी कला की तरह ही हमले हो चुके हैं। 

रविवार को पांवटी कला में भीड़ ने पुलिस के तीन दरोगाओं और एक कांस्टेबल पर जान लेवा हमला कर दिया। इससे पूर्व नौ सितंबर को गांव गंदराउ में रेत खनन पर छापा मारने गई पुलिस टीम को रेत माफिया ने दौड़ा  -दौड़ा कर पीटा था। पुलिस ने हमलावरों से भाग कर किसी तरह जान बचाई थी। बाद में पुलिस ने 32 हमलावरों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज तो             करा दिया, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी पुलिस आज तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। 

इसके अलावा 30 जुलाई को तीतरवाड़ा में दबिश डालने गई पुलिस पर भी भीड़ ने जमकर फायरिंग की थी। इस मामले में भी पुलिस केवल 30 हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने तक ही सीमित होकर रह गई। राजनीतिक दबाव या पैसों की चमक के आगे पुलिस खाकी पर हमला करने वालों को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। जिस कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

खाकी की पकड़ से दूर आरोपी  
कैराना। खाकी पर हमला करने के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस मुख्य आरोपी सहित 15 नामजद व अन्य अज्ञात में से किसी को भी नहीं पकड़ सकी है।

रविवार को ग्राम पावटी कला में एक वांछित मास्टर आलिम को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर आरोपी पक्ष के लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। वायरलेस सूचना पर तीन थानों की पुलिस व पीएसी के अलावा एसपी तथा सीओ ने मौके पर पहुंचकर पुलिस की जान बचाई थी। भीड़ के हमले में दरोगा आदेश कुमार, दरोगा जितेन्द्र, दरोगा देव सिंह रावत व कांस्टेबल शकील घायल हो गए थे।


बाद में दरोगा आदेश कुमार ने कोतवाली में मास्टर आलिम व उसके तीन पुत्रों तथा पत्नी सहित 15 को नामजद और अन्य अज्ञात के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस रविवार रात से ही हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए क्षेत्र में दबिश डाल रही है। वहीं, इस मामले कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया ने बताया कि पुलिस पर हमला करने के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। 
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