फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Pinda who wanted to meet in Kairana

कैराना में किससे मिलना चाहता था पिंदा

Wed, 30 Nov 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Wed, 30 Nov 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
Pinda who wanted to meet in Kairana
Terrorist - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो 
विज्ञापन

शामली। पंजाब की नाभा जेल से आतंकियों को फरार कराने के मास्टरमाइंड पलविंदर ऊर्फ पिंदा ने देहरादून जाने के लिए सीधे और छोटे रास्ते की जगह लंबा और खतरनाक रास्ता क्यों चुना और कैराना कस्बे में एंट्री क्यों की। इसको लेकर पुलिस भी अचंभे में है। पुलिस की जांच इस पर भी टिक गई है कि आखिर पलविंदर लंबा रास्ता चुनकर कैराना क्यों आया था। कैराना में क्या कोई पलविंदर का मददगार था या आईएसआई का संपर्क सूत्र। 

 रविवार सुबह नाभा जेल से आतंकियों को फरार कराने के बाद फॉर्च्यूनर कार से पलविंदर उर्फ पिंदा तथा खालसा लिबरेशन फ्रंट का चीफ हरमिंदर उर्फ मिंटू सहित अन्य लोग कैथल तक पहुंचे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वहीं से पलविंदर और प्रेमा ने कैथल से सीधे करनाल न जाकर संपर्क मार्ग के जरिए पानीपत रिफाइनरी के पास हाईवे पर जाकर निकले थे। एक तथ्य ये भी हो सकता है कि करनाल में हरियाणा पुलिस के आईजी और डीआईजी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के दफ्तर हैं। वहां पुलिस की चौकसी ज्यादा होगी तथा चेकिंग में पकड़े जाने का खतरा रहेगा। यही सोचकर पलविंदर और प्रेमा वहां से पानीपत पहुंचे और फिर वहां से पलविंदर अकेला ही फार्च्यूनर से कैराना की तरफ आ रहा हो।
विज्ञापन


अंबाला से देहरादून जाने के लिए सबसे सेफ और छोटा रास्ता यमुनानगर और सहारनपुर होते हुए है। वाया शामली से इस रास्ते पर आधे समय में ही देहरादून जाया जा सकता है। दूसरी तरफ यदि पानीपत की ओर से यदि किसी व्यक्ति को शामली की तरफ आना है, तो उसको भी कैराना कस्बे में आने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन


पानीपत रोड पर कैराना से पहले ही बाईपास निकल जाता है। रोडवेज की बसें और अधिकांश भारी वाहन भी बाईपास से निकलते हैं और कैराना कस्बा पार करने के बाद फिर शामली के रास्ते पर पहुंच जाते हैं। पलविंदर को भी मालूम था कि कैराना में बाईपास है, इसके बावजूद वह हथियारों सहित फार्च्यूनर लेकर कैराना में घुस गया। अहम सवाल यह है कि पलविंदर बाईपास की जगह कैराना में गलती से घुसा, या उसके पीछे कैराना में हथियार ठिकाने लगाना उद्देश्य तो नहीं था।

सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि कैराना का इकबाल काना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई में ओहदेदार है। इसी तथ्य को लेकर खुफिया एजेंसी सतर्क हैं और अपने स्तर से पूरी तरह छानबीन कर रही हैं। पलविंदर ड्रग्स रैकेट से भी जुड़ा रहा है और कैराना भी ड्रग्स और नकली नोट को लेकर आईएसआई का ठिकाना रहा है। पुलिस पूछताछ में पलविंदर ने ऐसी कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी कि हथियार किसने उपलब्ध कराए या वारदात के बाद हथियारों का क्या किया जाना था। फिलहाल पलविंदर का कैराना आना संदेह को जन्म देता है।

अभी कई राज हैं पलविंदर के सीने में
शामली। पलविंदर उर्फ पिंदा को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस गंभीरता से पूछताछ करना चाहती है। क्योंकि देहरादून में रहने के दौरान वह पंजाब और हरियाणा में आता जाता रहा।

रविवार शाम गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में उसने पानीपत (हरियाणा) सहित कई ठिकाने पुलिस को बताए थे, जहां वह अक्सर जाकर ठहरता था। अब पुलिस यह मालूम करना चाहती है कि फरारी के दौरान पलविंदर का कैराना अथवा शामली जिले से क्या कनेक्शन रहा। पानीपत आने जाने के दौरान कितनी बार वह इस रूट से निकला।

यदि इसी रूट से आवागमन हुआ, तो यहां भी किसी जगह उसने ठिकाना बनाया था अथवा नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि शामली जिले के किन लोगों से उसका संपर्क रहा। चूंकि पंजाब का ड्रग्स माफिया प्रेमा भी उसके साथ देहरादून में रहता था, जिसके चलते आशंका है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई को लेकर कैराना और झिंझाना क्षेत्र में इस गिरोह का नेटवर्क हो सकता है। उधर, पुलिस ने सोमवार को ही न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर पलविंदर को 10 दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की थी।


न्यायालय ने फिलहाल उसे न्यायिक कस्टडी में जेल भेज दिया था और पुलिस कस्टडी रिमांड के प्रार्थना पत्र पर बाद में सुनवाई करने के लिए कहा था। यदि रिमांड की अनुमति मिल जाती है, तो पलविंदर से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed