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निजी इंश्योरेंस कंपनी पर लगाया जुर्माना
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:33 AM IST
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मुकदमा
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शामली। जिला उपभोक्ता फोरम ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड पर बीस लाख रुपये पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज का जुर्माना लगाते हुए एक माह में पीड़ित को दिए जाने का फैैसला सुनाया है।
जिला उपभोक्ता फोरम में थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के ग्राम कन्नूखेड़ा बधेव निवासी गीता देवी पत्नी रामनिवास ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड के प्रबंधक, मुंबई के एक्सिस बैंक लिमिटेड के अधिशासी निदेशक को आरोपी बनाकर वाद दायर किया। पीड़िता ने अवगत कराया कि उसके पुत्र राजदेशवाल का एक्सिस बैंक लिमिटेड शामली में खाता खोला था।
खाताधारक को फ्री पर्सनल एक्सीडेंट कवर रुपये 1784 रुपये का प्रीमियम बीमा 20 लाख रुपये की बीमा पालिसी आरोपी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी से ली थी, जो दस सितंबर 2013 से लेकर नौ सितंबर 2014 तक वैध थी।
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26 सितंबर 2013 को बीमाधारक उसके पुत्र राज देशवाल की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट थाना आदर्श मंडी में दो आरोपी सचिन, पंकज के विरुद्ध दर्ज कराई। दोनों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। आरोपी कंपनी ने बीमा क्लेम इसलिए अमान्य किया कि बीमाधारक राजदेशवाल ने अपनी आय बढ़ाकर दिखाई तथा उसकी हत्या की घटना में मृत्यु को बीमा शर्तो के विरुद्ध माना।
फोरम के चेयरमैन एसके एस यादव सदस्य श्रवण कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों को पीड़िता को बीमा धनराशि बीस लाख रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज पीड़िता के पुत्र की मृत्यु से 26 सितंबर 2013 से भुगतान की तारीख तक एक माह में धनराशि दिए जाने का आदेश दिया है।
अपने निर्णय में कहा कि एक्सिस बैंक लिमिटेड से बीमा धनराशि वसूलती है, तो तो एक्सिस बैंक वह धनराशि भु्गतान के बाद आरोपी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंश कंपनी से वसूलने के लिए स्वतंत्र है।
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जिला उपभोक्ता फोरम में थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के ग्राम कन्नूखेड़ा बधेव निवासी गीता देवी पत्नी रामनिवास ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड के प्रबंधक, मुंबई के एक्सिस बैंक लिमिटेड के अधिशासी निदेशक को आरोपी बनाकर वाद दायर किया। पीड़िता ने अवगत कराया कि उसके पुत्र राजदेशवाल का एक्सिस बैंक लिमिटेड शामली में खाता खोला था।
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खाताधारक को फ्री पर्सनल एक्सीडेंट कवर रुपये 1784 रुपये का प्रीमियम बीमा 20 लाख रुपये की बीमा पालिसी आरोपी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी से ली थी, जो दस सितंबर 2013 से लेकर नौ सितंबर 2014 तक वैध थी।
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26 सितंबर 2013 को बीमाधारक उसके पुत्र राज देशवाल की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट थाना आदर्श मंडी में दो आरोपी सचिन, पंकज के विरुद्ध दर्ज कराई। दोनों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। आरोपी कंपनी ने बीमा क्लेम इसलिए अमान्य किया कि बीमाधारक राजदेशवाल ने अपनी आय बढ़ाकर दिखाई तथा उसकी हत्या की घटना में मृत्यु को बीमा शर्तो के विरुद्ध माना।
फोरम के चेयरमैन एसके एस यादव सदस्य श्रवण कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों को पीड़िता को बीमा धनराशि बीस लाख रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज पीड़िता के पुत्र की मृत्यु से 26 सितंबर 2013 से भुगतान की तारीख तक एक माह में धनराशि दिए जाने का आदेश दिया है।
अपने निर्णय में कहा कि एक्सिस बैंक लिमिटेड से बीमा धनराशि वसूलती है, तो तो एक्सिस बैंक वह धनराशि भु्गतान के बाद आरोपी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंश कंपनी से वसूलने के लिए स्वतंत्र है।