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गुलजार की बातचीत का मकसद तलाशेगी पुलिस
Sun, 19 May 2019 11:04 PM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Sun, 19 May 2019 11:04 PM IST
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आरोपी गुलजार और शहजाद।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली। रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की ईमेल भेजने के आरोपी मेरठ के नंगलाताशी गांव के गुलजार को रिमांड पर लेने से पहले एटीएस और पुलिस ने भी पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए बाकायदा सवालों की लिस्ट तैयार की जा रही है। इसमें खासतौर से ऐसे सवाल तैैयार किए जा रहे हैं जिनसे गुलजार से उसके मोबाइल में कैद खतरनाक बातचीत का असल मकसद पता चल सके। एटीएस के अलावा इंटेलीजेंस आदि खुफिया एजेंसियां भी उससे पूछताछ करेंगी।
इस पूरे केस में सबसे अहम गुलजार के मोबाइल की वो रिकॉडिँग हैं, जिसमें उसकी खतरनाक बातें दर्ज हैं। इसमें आतंकी, बम, आदि कई गंभीर बातें हो रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद गुलजार से पूछताछ के बाद उसने कुछ वे बातें बताई थी, जो कि मोबाइल की रिकाडिंग में नहीं हैं। सूत्रों के अनुुसार उसने पूछताछ में बताया था कि उसने ख्वाब की बातें की थी, लेकिन ये बात कॉल रिकॉडिँग में कहीं नहीं है । रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ के माध्यम से इन्हीं बातों को स्पष्ट करना चाहती है।
कई बार सुनी रिकॉडिंग, फिर तैयार किए सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुलजार के मोबाइल में मिली बातचीत को एटीएस और स्थानीय पुलिस टीम ने बैठकर कई कई बार सुना और उसके एक एक शब्दों को लिखा। उन बातों के आधार पर ही सवालों की लिस्ट तैयार की जा रही है । इन्हीं सवालों को उससे पूछकर स्थिति को स्पष्ट किया जाएगा। पुलिस चाहती है कि रिमांड अवधि में अधिक से अधिक पूछताछ और उसके नेटवर्क का पता चले लिहाजा रिमांड से पहले ही पुलिस ने पूरी प्लानिंग कर ली है।
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गुलजार के नजदीकियों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
गुलजार के गुरुओं पर पुलिस ने निगरानी शुरू कर दी है। एक सर्विलांस टीम को गुलजार के मोबाइल में दर्ज नंबरों को चेक करने में लगाया गया है। पता किया जा रहा है कि ये नंबर किन लोगों के हैं। उसके बाद उन लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है। जिन नंबरों पर लंबी बात हुई है वे लोग पुलिस निगरानी में हैं। पुलिस फिलहाल किसी पर हाथ डालने के मूड में नहीं है, वो इनके नेटवर्क तक पहुंचना चाहती है।
एटीएस समेत कई एजेंसियां करेंगी पूछताछ
शामली। आरोपी भाइयों का रिमांड स्वीकृत होने के बाद पुलिस के साथ कई जांच एजेंसियां पूछताछ करेंगी। एसपी अजय कुमार ने बताया कि रिमांड स्वीकृत होने की जानकारी एटीएस, आईबी, एलआईयू समेत कई जांच एजेंसियों को दी जाएगी। पुलिस की एक्सपर्ट टीम के साथ जांच एजेंसियां भी बारीकी से पूछताछ करेगी।
अभी तक शामली में कोई लिंक नहीं मिला
शामली। आरोपी गुलजार-शहजाद को लेकर पुलिस की टीमों द्वारा अब तक की गई जांच में मेरठ और गाजियाबाद ही केंद्र में होना पाया गया है। कॉल रिकार्डस् में भी आरोपियों का संपर्क अधिकतर इन दोनों जिलों में पाया गया है। एसपी का कहना है कि शामली जिले से अभी आरोपियों का किसी तरह का संबंध होना सामने नहीं आया है। रिमांड मिलने पर पूछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेेगी।
इस घटना में अब तक
14 मई को शामली पुलिस की ऑफिशियल मेल आईडी पर शामली, मेरठ और दिल्ली के हजरतगंज निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस तरह की धमकी भरी मेल मेरठ और गाजियाबाद पुलिस की मेल आईडी पर भी भेजी गई थी। 16 मई को पुलिस ने मेल भेजकर धमकी देने वाले मेरठ के नंगलाताशी मेरठ निवासी दो भाईयों गुलजार राजा और शहजाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस का दावा है कि आरोपी भाइयों से बरामद मोबाइल के कॉल रिकार्डस में आपत्तिजनक और सनसनीखेज बातों का जिक्र किया गया है। उनकी बातें आतंक फैलाने जैसी प्रतीत हो रही है। कॉल रिकार्डस में बम, गुरु से आर्डर मिलेगा आखिरी दिन होगा जैसी कई खतरनाक बातों का जिक्र है। इन बातों केेे लेकर पुलिस को किसी गहरी साजिश होने की आशंका है।
गुलजार को 10 दिन के रिमांड पर लेने का अनुरोध कोर्ट से किया है। कोर्ट द्वारा जितने दिन का भी रिमांड दिया जाएगा उसी के आधार पर पुलिस अधिक से अधिक पूछताछ और नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करेगी। उनकी कॉल रिकाडिँग में दर्ज खतरनाक बातचीत को स्पष्ट करने के लिए उसी तरह के सवालों की लिस्ट तैयार की जा रही है । रिमांड पर लेने से पहले पुलिस ने पूरी प्लानिंग कर ली है।
अजय कुमार एसपी शामली
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इस पूरे केस में सबसे अहम गुलजार के मोबाइल की वो रिकॉडिँग हैं, जिसमें उसकी खतरनाक बातें दर्ज हैं। इसमें आतंकी, बम, आदि कई गंभीर बातें हो रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद गुलजार से पूछताछ के बाद उसने कुछ वे बातें बताई थी, जो कि मोबाइल की रिकाडिंग में नहीं हैं। सूत्रों के अनुुसार उसने पूछताछ में बताया था कि उसने ख्वाब की बातें की थी, लेकिन ये बात कॉल रिकॉडिँग में कहीं नहीं है । रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ के माध्यम से इन्हीं बातों को स्पष्ट करना चाहती है।
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कई बार सुनी रिकॉडिंग, फिर तैयार किए सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुलजार के मोबाइल में मिली बातचीत को एटीएस और स्थानीय पुलिस टीम ने बैठकर कई कई बार सुना और उसके एक एक शब्दों को लिखा। उन बातों के आधार पर ही सवालों की लिस्ट तैयार की जा रही है । इन्हीं सवालों को उससे पूछकर स्थिति को स्पष्ट किया जाएगा। पुलिस चाहती है कि रिमांड अवधि में अधिक से अधिक पूछताछ और उसके नेटवर्क का पता चले लिहाजा रिमांड से पहले ही पुलिस ने पूरी प्लानिंग कर ली है।
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गुलजार के नजदीकियों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
गुलजार के गुरुओं पर पुलिस ने निगरानी शुरू कर दी है। एक सर्विलांस टीम को गुलजार के मोबाइल में दर्ज नंबरों को चेक करने में लगाया गया है। पता किया जा रहा है कि ये नंबर किन लोगों के हैं। उसके बाद उन लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है। जिन नंबरों पर लंबी बात हुई है वे लोग पुलिस निगरानी में हैं। पुलिस फिलहाल किसी पर हाथ डालने के मूड में नहीं है, वो इनके नेटवर्क तक पहुंचना चाहती है।
एटीएस समेत कई एजेंसियां करेंगी पूछताछ
शामली। आरोपी भाइयों का रिमांड स्वीकृत होने के बाद पुलिस के साथ कई जांच एजेंसियां पूछताछ करेंगी। एसपी अजय कुमार ने बताया कि रिमांड स्वीकृत होने की जानकारी एटीएस, आईबी, एलआईयू समेत कई जांच एजेंसियों को दी जाएगी। पुलिस की एक्सपर्ट टीम के साथ जांच एजेंसियां भी बारीकी से पूछताछ करेगी।
अभी तक शामली में कोई लिंक नहीं मिला
शामली। आरोपी गुलजार-शहजाद को लेकर पुलिस की टीमों द्वारा अब तक की गई जांच में मेरठ और गाजियाबाद ही केंद्र में होना पाया गया है। कॉल रिकार्डस् में भी आरोपियों का संपर्क अधिकतर इन दोनों जिलों में पाया गया है। एसपी का कहना है कि शामली जिले से अभी आरोपियों का किसी तरह का संबंध होना सामने नहीं आया है। रिमांड मिलने पर पूछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेेगी।
इस घटना में अब तक
14 मई को शामली पुलिस की ऑफिशियल मेल आईडी पर शामली, मेरठ और दिल्ली के हजरतगंज निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस तरह की धमकी भरी मेल मेरठ और गाजियाबाद पुलिस की मेल आईडी पर भी भेजी गई थी। 16 मई को पुलिस ने मेल भेजकर धमकी देने वाले मेरठ के नंगलाताशी मेरठ निवासी दो भाईयों गुलजार राजा और शहजाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस का दावा है कि आरोपी भाइयों से बरामद मोबाइल के कॉल रिकार्डस में आपत्तिजनक और सनसनीखेज बातों का जिक्र किया गया है। उनकी बातें आतंक फैलाने जैसी प्रतीत हो रही है। कॉल रिकार्डस में बम, गुरु से आर्डर मिलेगा आखिरी दिन होगा जैसी कई खतरनाक बातों का जिक्र है। इन बातों केेे लेकर पुलिस को किसी गहरी साजिश होने की आशंका है।
गुलजार को 10 दिन के रिमांड पर लेने का अनुरोध कोर्ट से किया है। कोर्ट द्वारा जितने दिन का भी रिमांड दिया जाएगा उसी के आधार पर पुलिस अधिक से अधिक पूछताछ और नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करेगी। उनकी कॉल रिकाडिँग में दर्ज खतरनाक बातचीत को स्पष्ट करने के लिए उसी तरह के सवालों की लिस्ट तैयार की जा रही है । रिमांड पर लेने से पहले पुलिस ने पूरी प्लानिंग कर ली है।
अजय कुमार एसपी शामली