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पति के वियोग में जान दी
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Apr 2017 12:20 AM IST
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फांसी
- फोटो : अमर उजाला
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झिंझाना। पति के खुदकुशी करने के बाद अवसाद में आई महिला ने अपने शरीर पर केरोसिन छिड़कर कर आग लगाकर जान दे दी। शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मामला झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव म्यान कस्बा का है। म्यान कस्बा निवासी धर्मपाल की भतीजी मोनिका (28 ) की शादी गांव जेहरा थाना गंगोह (सहारनपुर) निवासी प्रदीप उर्फ बिटटू के साथ हुई थी। इसके बाद मोनिका ने दो बेटियों को जन्म दिया। काफी समय से परिवार में किसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद चल रहा था।
आए दिन दोनों में अक्सर मारपीट की नौबत आ जाती थी। इससे तंग आकर 22 दिन पूर्व ही मोनिका के पति प्रदीप ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद मोनिका को उसके परिजन मायके ले आए, लेकिन दोनों बेटियों को ससुरालियों ने अपने पास ही रख लिया। इससे मोनिका मानसिक तनाव में घिर गई थी। एक तरफ बेटियों से दूरी बन गई थी, तो पति की मौत का सदमा उसे परेशान कर रहा था। इस तनाव में दो बार उसने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन समय रहते पता चलने पर परिजनों ने उसे बचा लिया था।
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शनिवार शाम करीब छह बजे परिवार के लोग घर पर मौजूद नहीं थे। मोनिका ने कमरे में बंद होकर अपने ऊपर केरोसिन छिड़क कर आग लगा ली। आग की लपटें कमरे से बाहर निकलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मशक्कत कर आग बुझाई गई, मगर तब तक मोनिका बुरी तरह झुलस चुकी थी।
परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन मोनिका की मौत हो गई। इसके बाद सूचना मिलने पर झिंझाना थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला का शव पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। कार्यवाहक थाना प्रभारी पंकज शर्मा ने बताया कि मोनिका के चाचा ने तहरीर देकर बताया कि मोनिका अपने पति की मौत के बाद मानसिक तनाव में थी। इसी कारण उसने आत्महत्या कर ली।
बच्चियों से छिन गया मां-बाप का साया
मोनिका की मौत पर उसके परिवार में कोहराम मच गया। गांव वाले भी शोक में डूब गए। हर कोई मोनिका और उसके पति की मौत के कारण गमजदा था, तो मोनिका की दोनों बेटियों को लेकर चिंता भी जता रहे थे। लोगों का कहना था कि बेचारी बेटियों से माता-पिता का साया छिन गया, अब उनकी परवरिश कैसे होगी।
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मामला झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव म्यान कस्बा का है। म्यान कस्बा निवासी धर्मपाल की भतीजी मोनिका (28 ) की शादी गांव जेहरा थाना गंगोह (सहारनपुर) निवासी प्रदीप उर्फ बिटटू के साथ हुई थी। इसके बाद मोनिका ने दो बेटियों को जन्म दिया। काफी समय से परिवार में किसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद चल रहा था।
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आए दिन दोनों में अक्सर मारपीट की नौबत आ जाती थी। इससे तंग आकर 22 दिन पूर्व ही मोनिका के पति प्रदीप ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद मोनिका को उसके परिजन मायके ले आए, लेकिन दोनों बेटियों को ससुरालियों ने अपने पास ही रख लिया। इससे मोनिका मानसिक तनाव में घिर गई थी। एक तरफ बेटियों से दूरी बन गई थी, तो पति की मौत का सदमा उसे परेशान कर रहा था। इस तनाव में दो बार उसने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन समय रहते पता चलने पर परिजनों ने उसे बचा लिया था।
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शनिवार शाम करीब छह बजे परिवार के लोग घर पर मौजूद नहीं थे। मोनिका ने कमरे में बंद होकर अपने ऊपर केरोसिन छिड़क कर आग लगा ली। आग की लपटें कमरे से बाहर निकलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मशक्कत कर आग बुझाई गई, मगर तब तक मोनिका बुरी तरह झुलस चुकी थी।
परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन मोनिका की मौत हो गई। इसके बाद सूचना मिलने पर झिंझाना थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला का शव पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। कार्यवाहक थाना प्रभारी पंकज शर्मा ने बताया कि मोनिका के चाचा ने तहरीर देकर बताया कि मोनिका अपने पति की मौत के बाद मानसिक तनाव में थी। इसी कारण उसने आत्महत्या कर ली।
बच्चियों से छिन गया मां-बाप का साया
मोनिका की मौत पर उसके परिवार में कोहराम मच गया। गांव वाले भी शोक में डूब गए। हर कोई मोनिका और उसके पति की मौत के कारण गमजदा था, तो मोनिका की दोनों बेटियों को लेकर चिंता भी जता रहे थे। लोगों का कहना था कि बेचारी बेटियों से माता-पिता का साया छिन गया, अब उनकी परवरिश कैसे होगी।