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फुरकान की धमकियों ने कराया कैराना से पलायन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:23 AM IST
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शामली। कैराना पलायन प्रकरण बेशक 2016 में मुद्दा बना, मगर 2014 में व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या से ही पलायन के कारण इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। उसकी वजह थी, फुरकान द्वारा कैराना के व्यापारियों को रंगदारी वसूली के लिए दी जा रही धमकियां। खौफ में व्यापारी अपना कारोबार समेटकर दूसरे शहरों का रुख करने लगे थे तथा कई व्यापारियों ने कैराना से पलायन ही कर लिया था।
दरअसल, अगस्त 2014 में कैराना के परचून व्यापारी विनोद सिंघल की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी। वारदात को कुख्यात बदमाश फुरकान ने अंजाम दिया था। इसके कुछ दिन बाद ही फुरकान ने कोल्ड ड्रिंक्स एजेंसी के संचालक ईश्वरचंद उर्फ बिल्लू की दुकान पर पहुंचकर रंगदारी की धमकी, जिसके बाद ईश्वरचंद का परिवार कैराना से पलायन करके पानीपत में जाकर बस गया था। इसके बाद कुख्यात बदमाश मुकीम काला ने भी रंगदारी का ट्रेक पकड़ा और कैराना के व्यापारी राजेंद्र तथा शिवकुमार की रंगदारी न देने पर ही गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद जिले भर के व्यापारियों ने आंदोलन कर दिया था और बाजार बंद रखकर बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग उठी थी। तब से कैराना में माहौल लगातार बिगड़ता रहा और व्यापारियों का दम घुटने लगा था। धीरे धीरे ऐसे हालात हो गए कि एक के बाद एक कई व्यापारियों ने कैराना से पलायन कर दिया। इसके बाद ही कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने 30 मई 2016 को कैराना पलायन का मुद्दा उठाया और 346 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी।
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सांसद हुकुम सिंह ने कहा था कि कैराना से गुंडागर्दी और रंगदारी की धमकियों के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। इस मुद्दे को भाजपा ने भी हाथों हाथ लिया और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जोरशोर से उठाया गया था। दूसरे राजनीतिक दलों ने इसे भाजपा की चाल कहते हुए सांप्रदायिकता से जुड़ा मुद्दा बताया था।
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दरअसल, अगस्त 2014 में कैराना के परचून व्यापारी विनोद सिंघल की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी। वारदात को कुख्यात बदमाश फुरकान ने अंजाम दिया था। इसके कुछ दिन बाद ही फुरकान ने कोल्ड ड्रिंक्स एजेंसी के संचालक ईश्वरचंद उर्फ बिल्लू की दुकान पर पहुंचकर रंगदारी की धमकी, जिसके बाद ईश्वरचंद का परिवार कैराना से पलायन करके पानीपत में जाकर बस गया था। इसके बाद कुख्यात बदमाश मुकीम काला ने भी रंगदारी का ट्रेक पकड़ा और कैराना के व्यापारी राजेंद्र तथा शिवकुमार की रंगदारी न देने पर ही गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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इसके बाद जिले भर के व्यापारियों ने आंदोलन कर दिया था और बाजार बंद रखकर बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग उठी थी। तब से कैराना में माहौल लगातार बिगड़ता रहा और व्यापारियों का दम घुटने लगा था। धीरे धीरे ऐसे हालात हो गए कि एक के बाद एक कई व्यापारियों ने कैराना से पलायन कर दिया। इसके बाद ही कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने 30 मई 2016 को कैराना पलायन का मुद्दा उठाया और 346 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी।
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सांसद हुकुम सिंह ने कहा था कि कैराना से गुंडागर्दी और रंगदारी की धमकियों के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। इस मुद्दे को भाजपा ने भी हाथों हाथ लिया और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जोरशोर से उठाया गया था। दूसरे राजनीतिक दलों ने इसे भाजपा की चाल कहते हुए सांप्रदायिकता से जुड़ा मुद्दा बताया था।