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नाभा जेल ब्रेक : 10वीं पास परमिंदर ने बनाया फरारी का मास्टर प्लान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 29 Nov 2016 07:47 PM IST
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Terrorist
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। लंबा चौड़े कद वाला परमिंदर महज 10वीं पास है। 2009 में पुलिस कस्टडी से अपराधी दिलबाग उर्फ बागा को फरार कराने के बाद वह सुर्खियों में आया और पुलिस कस्टडी से फरारी का मास्टर बन गया। पुलिस ने पलविंदर की आपराधिक कुंडली खंगाली, तो कई संगीन मामले दर्ज पाए गए।
जालंधर (पंजाब) जिले के थाना लोहिया के गांव निहालूगढ़ निवासी परमिंदर के परिवार में दो भाई और हैं। उसका एक भाई अमेरिका में किसी कंपनी में जॉब करता है, तो दूसरा भाई जसविंदर गांव में ही रहता है। पुलिस के मुताबिक 2009 में पलविंदर ने पुलिस कस्टडी से अपराधी दिलबाग उर्फ बागा को फरार कराया।
इस संबंध में खिलाफ जनपद कपूरथला में मुकदमा पंजीकृत हुआ। इसके बाद थाना शाहकुड में धारा 399 और 402 तथा आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 2010 में पटियाला जनपद में उसके खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने की रिपोर्ट दर्ज हुई, तो पटियाला में ही एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हुए।
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इसके बाद 2013 में परमिंदर ने एएसआई (दरोगा) गुरुदेव सिंह की हत्या कर दी, जिसके बाद वह गिरफ्तार करके नाभा जेल में भेज दिया गया था। नाभा जेल से मार्च 2016 में अस्पताल के लिए रेफर होते समय रास्ते में ही प्रेमा के इशारे पर बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। उस मामले में भी पलविंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। इस तरह उसकी आपराधिक डायरी लगातार लंबी होती चली गई। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद लुधियाना में 10 लाख रुपये और दो किलो सोना लूटने तथा नाभा जेल ब्रेक के मामले और बढ़ गए हैं।
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जालंधर (पंजाब) जिले के थाना लोहिया के गांव निहालूगढ़ निवासी परमिंदर के परिवार में दो भाई और हैं। उसका एक भाई अमेरिका में किसी कंपनी में जॉब करता है, तो दूसरा भाई जसविंदर गांव में ही रहता है। पुलिस के मुताबिक 2009 में पलविंदर ने पुलिस कस्टडी से अपराधी दिलबाग उर्फ बागा को फरार कराया।
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इस संबंध में खिलाफ जनपद कपूरथला में मुकदमा पंजीकृत हुआ। इसके बाद थाना शाहकुड में धारा 399 और 402 तथा आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 2010 में पटियाला जनपद में उसके खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने की रिपोर्ट दर्ज हुई, तो पटियाला में ही एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हुए।
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इसके बाद 2013 में परमिंदर ने एएसआई (दरोगा) गुरुदेव सिंह की हत्या कर दी, जिसके बाद वह गिरफ्तार करके नाभा जेल में भेज दिया गया था। नाभा जेल से मार्च 2016 में अस्पताल के लिए रेफर होते समय रास्ते में ही प्रेमा के इशारे पर बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। उस मामले में भी पलविंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। इस तरह उसकी आपराधिक डायरी लगातार लंबी होती चली गई। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद लुधियाना में 10 लाख रुपये और दो किलो सोना लूटने तथा नाभा जेल ब्रेक के मामले और बढ़ गए हैं।