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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Farhat's network of sleeper modules in West UP

वेस्ट यूपी में फरहत जैसे स्लीपर माड्यूल का जाल

Tue, 01 Nov 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Tue, 01 Nov 2016 11:19 PM IST
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Farhat's network of sleeper modules in West UP
crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जासूसी मामले में कैराना के फरहत खान की गिरफ्तारी ने एक बार फिर वेस्ट यूपी में फैलते आईएसआई के जाल को उजागर किया है। जिस तरह जासूसी के आरोप में फंसा फरहत खान राजनीति का चौला पहनकर अहम दस्तावेज देश के दुश्मनों तक पहुंचा रहा था। ठीक उसी तरह हनी ट्रैप के जरिये
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युवाओं को अपने जाल में फंसाकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई अहम जानकारियां जुटाती है। 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खासकर मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली में ऐसी गतिविधियां पूर्व में भी सामने आती रही हैं। एक साल पूर्व मेरठ में पाक जासूस मोहम्मद इजाज गिरफ्तार हुआ था, तो उससे पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। 
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वहीं, मेरठ के ही आरिफ की गिरफ्तारी से खुलासा हुआ था कि वेस्ट यूपी में आईएसआई की जड़ें कितनी गहरी हो गई हैं। अब कैराना के फरहत खान की गिरफ्तारी ने इस बात को और बल दे दिया है। वैसे भी कैराना पहले से ऐसी गतिविधियों के लिए बदनाम रहा है। 
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गठरी कारोबार के जरिये अवैध हथियार, सोना और नकली करेंसी लाने के मामले पूर्व में कैराना से जुड़े रहे हैं। कैराना का इकबाल काना पाकिस्तान में बैठकर ही नकली नोट सप्लाई का नेटवर्क चला रहा है। खुफिया एजेंसियां भी समय-समय पर अलर्ट जारी करती रहती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर खुफिया एजेंसी ऐसे खुराफातियों के बारे में जानकारी हासिल करने में फेल साबित   होती हैं।

फरहत खान के बारे में भी स्थानीय स्तर पर पुलिस और खुफिया विभाग पूरी तरह फेल रहा। किसी को भनक तक नहीं लगी कि फरहत ऐसा काम भी कर रहा है। कहने को अब पुलिस फरहत की कुंडली खंगाल रही है। परिचितों से लेकर संपर्क रखने वालों के बारे में जानकारी की जा रही है, मगर पुलिस को स्थानीय स्तर पर कोई ठोस जानकारी हासिल नहीं हुई है।

दिल्ली पुलिस ने नहीं किया संपर्क 
जासूसी मामले में फरहत खान को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया, लेकिन अभी तक कैराना से फरहत के बारे में जानकारी के लिए पुलिस अधिकारियों से संपर्क तक नहीं किया गया। चर्चा है कि दिल्ली पुलिस अपने स्तर से ही छानबीन कर रही है, लेकिन फरहत के घर और उसके परिवार से भी कोई संपर्क नहीं   किया गया। 

स्थानीय स्तर पर भी छानबीन कराई जा रही
फरहत खान के बारे में स्थानीय स्तर पर भी छानबीन कराई जा रही है। पुलिस के साथ ही खुफिया विभाग की टीम लगी हुई हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया। यदि दिल्ली पुलिस मदद मांगती है, तो सहयोग किया जाएगा। - डॉ. अजय पाल शर्मा, एसपी।


फेसबुक पर हनी ट्रैप का जाल 
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने फेसबुक पर अपना जाल बिछा रखा है। यह जाल हनी ट्रेप के जरिये बनाया जाता है। हनी ट्रेप में सुंदर लड़कियों का सहारा लिया जाता है, जो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती करती हैं। अनचाही फ्रेंड रिक्वेस्ट होने के बावजूद युवा उनके चक्कर में फंस जाते हैं। फिर दोस्त बनकर जानकारी जुटाने में लग जाती हैं। जब तक फ्रेंड बनने वाला खुद को संभाल पाता है, तब तक बहुत देर हो जाती है। 
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