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फरहत की गिरफ्तारी से परेशान परिजन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:33 PM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जासूसी मामले में कैराना के फरहत खान की गिरफ्तारी से उसके परिजन परेशान हैं। परिजनों को विश्वास नहीं हो रहा कि फरहत जासूसी कर रहा था।
गौरतलब है कि 29 अक्तूबर को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कैराना के मोहल्ला बेदोवाला निवासी फरहत खान को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। फरहत खान राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम का निजी सचिव रहा है। फरहत की गिरफ्तारी को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दिल्ली पुलिस ने एक बार भी कैराना में आकर मामले की छानबीन नहीं की। बुधवार को भी चर्चा रही कि दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम आई, लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क नहीं किया। उधर, फरहत के परिजन पहले से ही कह रहे हैं कि फरहत जासूसी नहीं कर सकता। उसके भाई मुर्शरत का कहना है कि हमें नहीं मालूम कि दिल्ली पुलिस ने किस आधार पर फरहत को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जुलाई से फेसबुक से दूरी
शामली। फरहत खान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सांसद मुनव्वर सलीम के आर्टिकल और विभिन्न स्थानों पर हुए कार्यक्रमों की कवरेज के फोटो पोस्ट किए।
साथ ही मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़ी कवरेज भी वह फेसबुक पर पोस्ट करता था। कैराना में अपराध के मामलों पर भी फरहत कमेंट करता रहता था। हालांकि दो जुलाई के बाद फरहत खान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर किसी तरह की पोस्ट नहीं डाली। खास बात यह है कि फेसबुक पर सक्रिय रहने वाला फरहत दो जुलाई के बाद शांत क्यों हो गया था।
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गौरतलब है कि 29 अक्तूबर को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कैराना के मोहल्ला बेदोवाला निवासी फरहत खान को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। फरहत खान राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम का निजी सचिव रहा है। फरहत की गिरफ्तारी को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दिल्ली पुलिस ने एक बार भी कैराना में आकर मामले की छानबीन नहीं की। बुधवार को भी चर्चा रही कि दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम आई, लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क नहीं किया। उधर, फरहत के परिजन पहले से ही कह रहे हैं कि फरहत जासूसी नहीं कर सकता। उसके भाई मुर्शरत का कहना है कि हमें नहीं मालूम कि दिल्ली पुलिस ने किस आधार पर फरहत को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
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जुलाई से फेसबुक से दूरी
शामली। फरहत खान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सांसद मुनव्वर सलीम के आर्टिकल और विभिन्न स्थानों पर हुए कार्यक्रमों की कवरेज के फोटो पोस्ट किए।
साथ ही मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़ी कवरेज भी वह फेसबुक पर पोस्ट करता था। कैराना में अपराध के मामलों पर भी फरहत कमेंट करता रहता था। हालांकि दो जुलाई के बाद फरहत खान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर किसी तरह की पोस्ट नहीं डाली। खास बात यह है कि फेसबुक पर सक्रिय रहने वाला फरहत दो जुलाई के बाद शांत क्यों हो गया था।
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