पूछताछ के बाद एटीएस ने अब्दुल्ला को छोड़ा
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बृहस्पतिवार को खुफिया इनपुट के आधार पर देशभर में छापामारी हुई थी, जिसमें बिजनौर सहित कई स्थानों से संदिग्धों को उठाया गया था। वहीं, झिंझाना कस्बा के मोहल्ला तलाही निवासी हाजी रहीस के बेटे अब्दुल रहमान उर्फ अब्दुल्ला को भी पुलिस और एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (एटीएस) पकड़कर ले गई थी। उसके घर से तीन मोबाइल फोन के अलावा कुछ किताबें भी टीम अपने साथ ले गई थी। नोएडा स्थित एटीएस के कार्यालय पर अब्दुल्ला से लंबी पूछताछ हुई, जिसके बाद रात में ही एटीएस के अधिकारियों ने अब्दुल्ला के परिजनों से संपर्क किया और उन्हें नोएडा बुला लिया। वहां अब्दुल्ला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि अब्दुल्ला देश से बाहर नहीं जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर पूछताछ के लिए बुलाने पर आएगा।
इसके बाद देर रात अब्दुल्ला को लेकर परिजन झिंझाना लौट आए। घर लौटने पर अब्दुल्ला ने परिजनों को पूरा मामला बताया। अब्दुल्ला का कहना है कि उसने फेसबुक पर अकाउंट बनाया हुआ है। कुछ दिन पूर्व फेसबुक पर एक अनजान व्यक्ति ने आपत्तिजनक पोस्ट डाल रखी थी, जिसे उसने गलती से लाइक कर दिया था। इसके अलावा उसने किसी से संपर्क नहीं किया और न ही किसी तरह की गलत हरकत की। अब्दुल्ला ने कहा कि उसे मालूम नहीं था कि फेसबुक पर अनजान पोस्ट को लाइक करना इतना भारी पड़ेगा।
निष्पक्ष कार्रवाई के लिए शुक्रिया : रहीस
अब्दुल रहमान उर्फ अब्दुल्ला के घर लौटने पर परिवार ने राहत की सांस ली। बृहस्पतिवार सुबह जब एटीएस और पुलिस ने अब्दुल्ला को घर के पास ही मस्जिद से पकड़ा था, तो उसके बाद परिवार वाले परेशानी में आ गए थे। पुलिस अधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाई थी और चिंता में डूबे रहे थे। अब्दुल्ला के घर लौटने पर उसके पिता हाजी रहीस का कहना था कि हमें भरोसा था कि न्याय जरूर मिलेगा, क्योंकि अब्दुल्ला ने कोई गलत कार्य किया ही नहीं। निष्पक्ष कार्रवाई करने के लिए पुलिस, एटीएस और शासन का भी शुक्रिया है कि उन्होंने किसी निर्दोष बच्चे को इतने बड़े मामले में फंसने से बचा लिया।