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डिलीवरी के बाद महिला की मौत
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 14 Feb 2016 12:33 AM IST
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कैराना। सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के बाद ज्यादा खून बहने से महिला की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। बाद में चिकित्सकों के समझाने पर परिजन शांत हुए और बिना किसी कार्रवाई के शव को अपने साथ ले गए।
शनिवार सुबह आठ बजे गांव अकबरपुर सुंहेटी निवासी बबलू की पत्नी अंशु (25) को प्रसव पीड़ा होने पर कैराना सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में महिला डाक्टर के नहीं होने के कारण स्टाफ नर्स ममता रानी और बबीता अंशु को लेबर रूम में ले गई, जहां कुछ देर बाद अंशु ने बेटे को जन्म दिया।
कुछ देर बाद ही ज्यादा खून बहने से अंशु की हालत बिगड़ गई। मौके पर पहुंचे चिकित्सकों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन साढ़े 12 बजे अंशु की मौत हो गई। अंशु की मौत से गुस्साए परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में चिकित्सकों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव को अपने साथ ले गए।
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उधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. कांति प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए अधिकारियों से वार्ता की है। स्टाफ नर्स ही महीने में लगभग 150 डिलवरी करती है। महिला की मौत अत्यधिक खून बहने से हुई है।
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शनिवार सुबह आठ बजे गांव अकबरपुर सुंहेटी निवासी बबलू की पत्नी अंशु (25) को प्रसव पीड़ा होने पर कैराना सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में महिला डाक्टर के नहीं होने के कारण स्टाफ नर्स ममता रानी और बबीता अंशु को लेबर रूम में ले गई, जहां कुछ देर बाद अंशु ने बेटे को जन्म दिया।
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कुछ देर बाद ही ज्यादा खून बहने से अंशु की हालत बिगड़ गई। मौके पर पहुंचे चिकित्सकों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन साढ़े 12 बजे अंशु की मौत हो गई। अंशु की मौत से गुस्साए परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में चिकित्सकों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव को अपने साथ ले गए।
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उधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. कांति प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए अधिकारियों से वार्ता की है। स्टाफ नर्स ही महीने में लगभग 150 डिलवरी करती है। महिला की मौत अत्यधिक खून बहने से हुई है।