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पुलिस पर युवक को बेरहमी से पीटने का आरोप
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:38 PM IST
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चौसाना(शामली)। गांव टोड़ा में दो भाइयों के बीच विवाद होने पर पुलिस ने एक भाई को पकड़ लिया। आरोप है कि समझौता कराने के नाम पर उससे रिश्वत मांगी गई, मना करने पर पुलिसकर्मियों ने उसको बेरहमी से पीटा। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक को उसके परिवार के लोगों ने ही पीटा, पुलिस पर पिटाई का आरोप निराधार है।
चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव टोड़ा निवासी लोकेंद्र और सुरेंद्र के बीच बुधवार रात करीब दस बजे किसी बात पर विवाद हो गया था। सुरेंद्र ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल करके लोकेंद्र के खिलाफ शिकायत कर दी। इसके बाद डायल 100 पुलिस गांव में पहुंची और लोकेंद्र को पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने लोकेंद्र को सड़क पर गिराकर डंडो से पीटा। लोकेंद्र के परिजनों का आरोप है कि फैसला कराने के नाम पर रिश्वत न देने पर लोकेंद्र की पिटाई की गई।
बृहस्पतिवार को परिजनों ने शामली के अस्पताल ले जाकर लोकेंद्र का उपचार कराया। वहीं, चौकी प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि झगड़े की सूचना पर डायल 100 पुलिस टोड़ा गांव में गई थी। लोकेंद्र के साथ उसके परिवार के लोगों ने ही मारपीट की, पुलिस पर मारपीट का आरोप निराधार है। उधर, मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने भी इसका संज्ञान लिया। उनका कहना है कि मामले की जांच सीओ झिंझाना को सौंपी गई है। जांच में यदि पुलिसकर्मियों की गलती पाई जाती है, तो कार्रवाई होगी।
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पीड़ित के परिवार को मनाने में जुटे पुलिसकर्मी
टोड़ा गांव के मामले में एक तरफ पुलिसकर्मी कह रहे हैं कि युवक की पिटाई का आरोप बेबुनियाद है, जबकि सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद कार्रवाई के डर से आरोपी पुलिसकर्मी पीड़ित के परिजनों को मनाने में जुट गए। मालूम चला है कि लोकेंद्र के उपचार का खर्च उठाने तथा आर्थिक सहायता की बात पुलिसकर्मी कर रहे हैं, लेकिन परिजनों ने फिलहाल पुलिसकर्मियों का ऑफर नहीं माना है।
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चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव टोड़ा निवासी लोकेंद्र और सुरेंद्र के बीच बुधवार रात करीब दस बजे किसी बात पर विवाद हो गया था। सुरेंद्र ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल करके लोकेंद्र के खिलाफ शिकायत कर दी। इसके बाद डायल 100 पुलिस गांव में पहुंची और लोकेंद्र को पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने लोकेंद्र को सड़क पर गिराकर डंडो से पीटा। लोकेंद्र के परिजनों का आरोप है कि फैसला कराने के नाम पर रिश्वत न देने पर लोकेंद्र की पिटाई की गई।
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बृहस्पतिवार को परिजनों ने शामली के अस्पताल ले जाकर लोकेंद्र का उपचार कराया। वहीं, चौकी प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि झगड़े की सूचना पर डायल 100 पुलिस टोड़ा गांव में गई थी। लोकेंद्र के साथ उसके परिवार के लोगों ने ही मारपीट की, पुलिस पर मारपीट का आरोप निराधार है। उधर, मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने भी इसका संज्ञान लिया। उनका कहना है कि मामले की जांच सीओ झिंझाना को सौंपी गई है। जांच में यदि पुलिसकर्मियों की गलती पाई जाती है, तो कार्रवाई होगी।
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पीड़ित के परिवार को मनाने में जुटे पुलिसकर्मी
टोड़ा गांव के मामले में एक तरफ पुलिसकर्मी कह रहे हैं कि युवक की पिटाई का आरोप बेबुनियाद है, जबकि सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद कार्रवाई के डर से आरोपी पुलिसकर्मी पीड़ित के परिजनों को मनाने में जुट गए। मालूम चला है कि लोकेंद्र के उपचार का खर्च उठाने तथा आर्थिक सहायता की बात पुलिसकर्मी कर रहे हैं, लेकिन परिजनों ने फिलहाल पुलिसकर्मियों का ऑफर नहीं माना है।