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डिस्ट्रीब्यूरशिप देने के नाम पर 65 हजार की ठगी
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:32 PM IST
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थानाभवन। एक कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर कुछ लोगों ने यारपुर गांव निवासी एक युवक से 65 हजार रुपये ठग लिये। पीड़ित ने थानाध्यक्ष को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र के गांव यारपुर निवासी जयवीर सिंह पुत्र राजपाल सिंह के पास मार्च में छह युवक आए और उनमें से एक ने खुद को एक कंपनी का मैनेजर बताया। उन्होंने जयवीर सिंह को कंपनी का स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर बनने की पेशकश की। जिस पर जयवीर राजी हो गया। कंपनी के कर्मचारियों ने जयवीर सिंह को छह हजार रुपये गोदाम, चार हजार ऑफिस, 13 फीसदी कमीशन व साढ़े सात हजार रुपये तनख्वाह देने की बात कही। इस पर जयवीर सिंह ने दो किश्तों में 65 हजार रुपये कंपनी को भेज दिए। इसमें कुछ माल भी कंपनी की ओर से उसे दिया गया। इसके बाद कंपनी के दो कर्मी आए और जयवीर सिंह से दवाइयां लेकर मार्केटिंग करने की बात कहकर चले गए। पीड़ित ने तहरीर देकर बताया कि न ही उसकी दवाइयों के पैसे आए और न जो पैसा उसने कंपनी को दिया था, वह रिफंड नहीं हुआ। कई दिनों तक जब कंपनी ने संपर्क नहीं किया तो उसने मैनेजर व अन्य कर्मचारियों को फोन किया, लेकिन सभी के मोबाइल नंबर बंद आए। इस पर युवक को ठगी का अहसास हुआ और पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष कृष्णकुमार ने बताया कि मामले की फिलहाल जांच की जा रही है, जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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क्षेत्र के गांव यारपुर निवासी जयवीर सिंह पुत्र राजपाल सिंह के पास मार्च में छह युवक आए और उनमें से एक ने खुद को एक कंपनी का मैनेजर बताया। उन्होंने जयवीर सिंह को कंपनी का स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर बनने की पेशकश की। जिस पर जयवीर राजी हो गया। कंपनी के कर्मचारियों ने जयवीर सिंह को छह हजार रुपये गोदाम, चार हजार ऑफिस, 13 फीसदी कमीशन व साढ़े सात हजार रुपये तनख्वाह देने की बात कही। इस पर जयवीर सिंह ने दो किश्तों में 65 हजार रुपये कंपनी को भेज दिए। इसमें कुछ माल भी कंपनी की ओर से उसे दिया गया। इसके बाद कंपनी के दो कर्मी आए और जयवीर सिंह से दवाइयां लेकर मार्केटिंग करने की बात कहकर चले गए। पीड़ित ने तहरीर देकर बताया कि न ही उसकी दवाइयों के पैसे आए और न जो पैसा उसने कंपनी को दिया था, वह रिफंड नहीं हुआ। कई दिनों तक जब कंपनी ने संपर्क नहीं किया तो उसने मैनेजर व अन्य कर्मचारियों को फोन किया, लेकिन सभी के मोबाइल नंबर बंद आए। इस पर युवक को ठगी का अहसास हुआ और पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष कृष्णकुमार ने बताया कि मामले की फिलहाल जांच की जा रही है, जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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