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व्हाट्सएप नंबर पर आया पाकिस्तान से मैसेज, दहशत
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली/गढ़ीपुख्ता। रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी प्रकरण में पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे पर पहुंच नहीं पाई कि अब गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी युवा किराना व्यापारी के व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से खुद को पाकिस्तानी बताते हुए आपत्तिजनक मेसेज भेजा है। इस मामले में पीड़ित युवक की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई है।
शुक्रवार शाम गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी किरयाना व्यापारी शाकिर ने बताया कि एक मई 2019 को अनजान नंबर से उनके व्हाट्सएप नंबर पर कुछ मेसेज आए। जिसमें मेसेज करने वाले ने अपने आप को पाकिस्तानी बताया और लिखा कि हम आपके यहां टेरेरिस्ट आर्गेनाइजेशन कैंप लगाना चाहते हैं, क्या आप हमारा साथ दोगे। शाकिर का कहना है कि उस समय उसने टेरेरिस्ट की जगह टूरिस्ट लिखा हुए समझ लिया और इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार को उसने मेसेज को देखा तो उसमें टेरेरिस्ट लिखा होने का पता चला। उसने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क किया तो पता चला कि यह उनके किसी परिचित या रिश्तेदार का नंबर नहीं है। जिस नंबर से मेसेज भेजा गया है, वह 37 से शुरू होने के कारण विदेशी लग रहा है। गढ़ीपुख्ता थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि इस मामले की तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, एसपी अजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।
पांच माह पहले मौलाना के फोन पर आई थी पाकिस्तानी कॉल
शामली। शामली में करीब पांच माह पहले जनवरी माह में जमीयत उलेमा हिंद के सदर मौलाना साजिद को अनजान नंबर से कॉल आई थी। जिस नंबर से कॉल आई थी, उस नंबर को पाकिस्तान का होने की संभावना जताई थी। कॉल करने वाले फोन पर मौलाना साजिद से कहा था कि उन्हें सब्जी के नाम गिनाते हुए कहा था कि उन्हें इस तरह का सामान कुछ दिनों के लिए रखना है, इसके लिए वह स्थान उपलब्ध करा दे। जब मौलाना ने समझा कि कोई उनसे कोड वर्ड में बात कर रहा है तो उन्होंने उनका विरोध किया तो कॉल करने वाले ने उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी थी। मौलाना ने इस मामले की जानकारी उसी समय पुलिस अधिकारियों को दी थी, लेकिन अभी तक कॉल करने के वाले के बारे में पता नहीं चल सका है, यहां तक कि कॉल कहां से आई थी, यह भी पता नहीं लग सका।
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शामली/गढ़ीपुख्ता। रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी प्रकरण में पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे पर पहुंच नहीं पाई कि अब गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी युवा किराना व्यापारी के व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से खुद को पाकिस्तानी बताते हुए आपत्तिजनक मेसेज भेजा है। इस मामले में पीड़ित युवक की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई है।
शुक्रवार शाम गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी किरयाना व्यापारी शाकिर ने बताया कि एक मई 2019 को अनजान नंबर से उनके व्हाट्सएप नंबर पर कुछ मेसेज आए। जिसमें मेसेज करने वाले ने अपने आप को पाकिस्तानी बताया और लिखा कि हम आपके यहां टेरेरिस्ट आर्गेनाइजेशन कैंप लगाना चाहते हैं, क्या आप हमारा साथ दोगे। शाकिर का कहना है कि उस समय उसने टेरेरिस्ट की जगह टूरिस्ट लिखा हुए समझ लिया और इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार को उसने मेसेज को देखा तो उसमें टेरेरिस्ट लिखा होने का पता चला। उसने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क किया तो पता चला कि यह उनके किसी परिचित या रिश्तेदार का नंबर नहीं है। जिस नंबर से मेसेज भेजा गया है, वह 37 से शुरू होने के कारण विदेशी लग रहा है। गढ़ीपुख्ता थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि इस मामले की तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, एसपी अजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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पांच माह पहले मौलाना के फोन पर आई थी पाकिस्तानी कॉल
शामली। शामली में करीब पांच माह पहले जनवरी माह में जमीयत उलेमा हिंद के सदर मौलाना साजिद को अनजान नंबर से कॉल आई थी। जिस नंबर से कॉल आई थी, उस नंबर को पाकिस्तान का होने की संभावना जताई थी। कॉल करने वाले फोन पर मौलाना साजिद से कहा था कि उन्हें सब्जी के नाम गिनाते हुए कहा था कि उन्हें इस तरह का सामान कुछ दिनों के लिए रखना है, इसके लिए वह स्थान उपलब्ध करा दे। जब मौलाना ने समझा कि कोई उनसे कोड वर्ड में बात कर रहा है तो उन्होंने उनका विरोध किया तो कॉल करने वाले ने उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी थी। मौलाना ने इस मामले की जानकारी उसी समय पुलिस अधिकारियों को दी थी, लेकिन अभी तक कॉल करने के वाले के बारे में पता नहीं चल सका है, यहां तक कि कॉल कहां से आई थी, यह भी पता नहीं लग सका।
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