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सोनू हत्याकांड में जेल गए शिवम-मनीष की रिहाई के लिए भेजी रिपोर्ट
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शिवम-मनीष की रिहाई के लिए भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। सोनू हत्याकांड में आनन फानन में जेल भेजे गए शिवम और मनीष की रिहाई के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने नामजदगी फर्जी पाए जाने का हवाला देते हुए रिहाई के लिए कोर्ट में रिपोर्ट भेजी है। कोर्ट में इस प्रकरण पर सुनवाई होगी। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद दोनों युवक जेल से रिहा हो सकेंगे।
मेरठ के फूलबाग कॉलोनी निवासी सोनू का शव 15 मई को कैराना रोड स्थित खेड़ीकरमू बिजलीघर के बाहर नाले से बरामद हुआ था। वह 13 मई को अपने साले शिवम की शादी में बिजलीघर की आवासीय कॉलोनी में आए थे। इस मामले में मृतक की मां नर्मदा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतक के साले शिवम, शिवम के साले मनीष, पत्नी शिवानी और सास अंजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने 16 मई को शिवम और मनीष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। उस समय पुलिस ने खुलासा किया था कि शिवम की नई नवेली दुल्हन से बदसलूकी करने पर सोनू की हत्या की गई थी। इसके तीन दिन बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी, शिवानी, उसके प्रेमी मेरठ निवासी शिब्बू, उसके दोस्त हिमांशु और खेड़ीकरमू बिजलीघर कालोनी निवासी लखवीर को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि प्रेम संबंध के चलते सोनू की हत्या की गई थी। कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि नया खुलासा होने और विवेचना में पहले जेल गए शिवम और मनीष की नामजदगी फर्जी पाई गई। इसके चलते दोनों की रिहाई के लिए पत्रावली तैयार कर कोर्ट में भेज दी गई है। कोर्ट में इस प्रकरण पर सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद कोर्ट से स्वीकृति मिलने पर दोनों जेल से रिहा हो सकेंगे।
व्यापारी हत्याकांड में फूंक-फूंककर कदम रख रही पुलिस
शामली। सोनू हत्याकांड में नामजदगी के आधार पर दो बेगुनाह युवकों को जेल भेजने में हुई किरकिरी के बाद पुलिस सोमवार को हुए व्यापारी अमित हत्याकांड में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। व्यापारी हत्याकांड में भी पत्नी और साला समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। नामजद आरोपियों में यूपी पुलिस का सिपाही भी शामिल है। पुलिस इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में जल्दबाजी में ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती। इसलिए पुलिस नामजद आरोपियों की इस हत्याकांड में संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। सोनू हत्याकांड में आनन फानन में जेल भेजे गए शिवम और मनीष की रिहाई के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने नामजदगी फर्जी पाए जाने का हवाला देते हुए रिहाई के लिए कोर्ट में रिपोर्ट भेजी है। कोर्ट में इस प्रकरण पर सुनवाई होगी। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद दोनों युवक जेल से रिहा हो सकेंगे।
मेरठ के फूलबाग कॉलोनी निवासी सोनू का शव 15 मई को कैराना रोड स्थित खेड़ीकरमू बिजलीघर के बाहर नाले से बरामद हुआ था। वह 13 मई को अपने साले शिवम की शादी में बिजलीघर की आवासीय कॉलोनी में आए थे। इस मामले में मृतक की मां नर्मदा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतक के साले शिवम, शिवम के साले मनीष, पत्नी शिवानी और सास अंजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने 16 मई को शिवम और मनीष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। उस समय पुलिस ने खुलासा किया था कि शिवम की नई नवेली दुल्हन से बदसलूकी करने पर सोनू की हत्या की गई थी। इसके तीन दिन बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी, शिवानी, उसके प्रेमी मेरठ निवासी शिब्बू, उसके दोस्त हिमांशु और खेड़ीकरमू बिजलीघर कालोनी निवासी लखवीर को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि प्रेम संबंध के चलते सोनू की हत्या की गई थी। कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि नया खुलासा होने और विवेचना में पहले जेल गए शिवम और मनीष की नामजदगी फर्जी पाई गई। इसके चलते दोनों की रिहाई के लिए पत्रावली तैयार कर कोर्ट में भेज दी गई है। कोर्ट में इस प्रकरण पर सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद कोर्ट से स्वीकृति मिलने पर दोनों जेल से रिहा हो सकेंगे।
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व्यापारी हत्याकांड में फूंक-फूंककर कदम रख रही पुलिस
शामली। सोनू हत्याकांड में नामजदगी के आधार पर दो बेगुनाह युवकों को जेल भेजने में हुई किरकिरी के बाद पुलिस सोमवार को हुए व्यापारी अमित हत्याकांड में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। व्यापारी हत्याकांड में भी पत्नी और साला समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। नामजद आरोपियों में यूपी पुलिस का सिपाही भी शामिल है। पुलिस इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में जल्दबाजी में ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती। इसलिए पुलिस नामजद आरोपियों की इस हत्याकांड में संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
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