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ट्रेक्टर मिला नहीं, और खाते में चढ़ा दिया दो लाख का ऋण
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:29 PM IST
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शामली। तीन साल पूर्व ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर किसान से कागजात ले लिए। इसके बाद ट्रैक्टर तो दिया नहीं गया लेकिन उसके खाते में दो लाख रुपये का ऋण चढ़ा दिया गया। दो साल बाद उसके पास बैंक की ओर से रिकवरी नोटिस पहुंचा तो ठगी का पता चला। उसने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ऊन क्षेत्र के गांव पल्ठेड़ी निवासी अय्युब पुत्र नजीरा ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने साल 2014 में चौधरी ट्रैक्टर एजेंसी के पास ट्रैक्टर लेने के लिए गया था। एजेंसी के संचालक धर्मवीर ने उससे ऋण दिलवाने की बात कही थी और उससे सारे कागजात जमा कर लिए थे। इसके बाद वह लगातार एजेंसी में गया। मगर, एजेंसी वाले यह कहते रहे कि उसका ऋण पास नहीं हुआ है। 2016 में उसके पास एक बैंक का नोटिस आया जिसमें लिखा हुआ था कि दो लाख 17 हजार रुपये ऋण की किश्त जमा करानी है। उसने बैंक से पता किया तो उसके कागजों पर ऋण स्वीकृत कराया गया था। पीड़ित ने इस संबंध में चौधरी ट्रैक्टर एजेंसी वालों से पूछताछ की तो वे ऋण कराने की बात अस्वीकार कर दी। इसके बाद पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। पीड़ित ने अदालत का सहारा लिया और याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ऊन क्षेत्र के गांव पल्ठेड़ी निवासी अय्युब पुत्र नजीरा ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने साल 2014 में चौधरी ट्रैक्टर एजेंसी के पास ट्रैक्टर लेने के लिए गया था। एजेंसी के संचालक धर्मवीर ने उससे ऋण दिलवाने की बात कही थी और उससे सारे कागजात जमा कर लिए थे। इसके बाद वह लगातार एजेंसी में गया। मगर, एजेंसी वाले यह कहते रहे कि उसका ऋण पास नहीं हुआ है। 2016 में उसके पास एक बैंक का नोटिस आया जिसमें लिखा हुआ था कि दो लाख 17 हजार रुपये ऋण की किश्त जमा करानी है। उसने बैंक से पता किया तो उसके कागजों पर ऋण स्वीकृत कराया गया था। पीड़ित ने इस संबंध में चौधरी ट्रैक्टर एजेंसी वालों से पूछताछ की तो वे ऋण कराने की बात अस्वीकार कर दी। इसके बाद पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। पीड़ित ने अदालत का सहारा लिया और याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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