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सीमा पर विवादित 11 सौ बीघा जमीन की फसल कुर्क

Mon, 09 Apr 2018 12:28 AM IST
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:28 AM IST
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सीमा पर विवादित 11 सौ बीघा जमीन की फसल कुर्क
कैराना (शामली)।
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यूपी-हरियाणा सीमा पर विवादित जमीन पर खड़ी करीब 1100 बीघा फसल को प्रशासन ने कुर्क कर लिया। उक्त जमीन पर दोनों प्रदेशों के किसान अपना अपना दावा कर रहे थे।
करीब चार दशकों से यमुना की धारा के यूपी की साइड आने के कारण यूपी के किसानों की कृषि भूमि यमुना के पार चली गई। हरियाणा प्रशासन की लापरवाही के कारण हरियाणा के किसान उक्त हजारों बीघा जमीन पर अपने दावे करते चले आ रहे हैं। जबकि उक्त जमीन राजस्व अभिलेखों में यूपी के किसानों की है। हर साल इस जमीन पर जब भी फसल कटाई का नंबर आता है तो दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच खूनी संघर्ष हो जाते हैं। छह दिन पूर्व ही यूपी के थाना झिंझाना के गांव बल्हेड़ा निवासी किसान राजेश जब अपनी गेहूं की फसल काटने हरियाणा सीमा पर पहुंचा तो हरियाणा के किसानों ने अंधाधुंध फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी थी।
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मामले की गंभीरता को समझते हुए शनिवार को उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार राकेश कुमार त्यागी, नायब तहसीलदार कॉमेंद्र गुप्ता राजस्व टीम के साथ झिंझाना के गांव बल्हेड़ा पहुंचे। यहां पर एसडीएम ने विवादित 250 बीघा तैयार गेहूं की फसल की कुर्क की। इसके बाद टीम कैराना थाना क्षेत्र के गांव मवी में हरियाणा सीमा पर पहुंची। यहां पर हरियाणा के नन्हेडा के किसानों ने जबरन यूपी की जमीन पर गेहूं की फसल बो रखी थी। यहां पर एसडीएम ने विवादित 825 बीघा जमीन पर तैयार खड़ी गेहूं की फसल कुर्क कर ली। नायब तहसीलदार कॉमिन्द्र गुप्ता ने बताया कि सीमा पर खून खराबा रोकने के लिए एसडीएम ने विवादित जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल को कुर्क कर लिया है। उक्त जमीन से कोई भी किसान फसल नहीं काट सकता।
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