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‘वो’ की वजह से दरार, टूट रहे परिवार
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शामली। पत्नी-पत्नी के बीच ‘वो’ आने से परिवार टूट रहे हैं। जिले में घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामलों के मूल में विवाहेतर संबंध और दहेज उत्पीड़न बड़ा कारण बन रहा है।
कस्बा बनत स्थित ट्रांजिट हॉस्टल में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पर गत वर्ष जनवरी-फरवरी माह में शिकायतों की संख्या 21 से 25 के बीच थी, इस वर्ष इन दोनों माह में 28 से 35 शिकायतें दर्ज हुईं हैं। इनमें ज्यादातर शिकायतें घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की हैं। सेंटर की प्रभारी गजाला त्यागी बताती हैं कि घरेलू हिंसा जितने भी मामले दर्ज हो रहे हैं, उनमें 90 प्रतिशत में कारण विवाहेतर संबंध और दहेज की मांग वजह है। इन मामलों के कारण ही घरेलू हिंसा बढ़ रही है। दस प्रतिशत मामलों में विवाहिता के मायके वालों का अनावश्यक हस्तक्षेप रहा है। मायके वालों से लंबे समय तक फोन पर बात करने, सोशल मीडिया पर अधिक सक्रियता से विवाद के भी कुछ मामले सामने आए हैं।
केस-1
थानाभवन क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी शादी को तीन साल हुए हैं। उनका एक बच्चा भी है। शुरुआत में पति का व्यवहार बेहद अच्छा था, लेकिन करीब एक साल से पति घर पर ध्यान नहीं देता। उसके किसी और महिला से संबंध हैं। वह घर के लिए खर्च भी पैसे नहीं देता।
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केस-2
कैराना क्षेत्र की महिला की शिकायत है कि ससुराल वाले बार-बार उसे दहेज कम लाने का ताना देते हैं। पति भी उनका साथ देता है। शादी को अभी दो साल ही हुए हैं। वह मायके में रह रही है। कई बार बिरादरी की पंचायत के बावजूद पति उसे ससुराल ले जाने को तैयार नहीं। दोनों पक्ष दो बार काउंसिलिंग के लिए आ चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
जागरूक हो रहीं महिलाएं
उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं में अब जागरूकता आ रही है। पहले वे शिकायत करते हुए हिचकती थीं, लेकिन अब शिकायतें दर्ज करा रही हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर प्रभारी का कहना है कि महिलाएं स्वयं आकर भी शिकायत कर रहीं हैं और उनका निस्तारण कराया जा रहा है। महिलाओं में आई जागरूकता से भी शिकायतों का आंकड़ा बढ़ा है।
बंद पड़ा है 181 हेल्पलाइन नंबर
सखी वन स्टॉप सेंटर का महिला हेल्पलाइन नंबर 181 कई माह से बंद है। सेंटर प्रभारी का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन नंबर शुरू नहीं हो सका। उनके पास जो शिकायतें आ रहीं हैं वह सेंटर के सीयूजी नंबर 9412102300 पर दर्ज कराई जाती हैं या फिर महिलाएं सीधे सेंटर पर आकर शिकायत करती हैं।
सामाजिक मूल्यों का पालन जरूरी
रासेयो के जिला नोडल अधिकारी अजय बाबू शर्मा बताते हैं कि मिशन शक्ति अभियान से महिलाओं में जागरूकता आई है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों की प्रमुख वजह हमारे सामाजिक ताने-बाने का बिगड़ना है। परिवार एकल हो गए हैं। हम यदि सामाजिक मूल्यों का पालन करेंगे तो इस तरह के मामले निश्चित रूप से कम होंगे।
-मिशन शक्ति शुरू होने के बाद महिलाओं में जागरूकता आई है। अब शिकायतें दर्ज हो रही हैं इसलिए आंकड़ा बढ़ रहा है। औसतन 32 प्रतिशत मामले घरेलू हिंसा और लगभग 18 प्रतिशत मामले दहेज के होते हैं। शिकायतों का आंकड़ा बढ़ा है, अब शिकायतें दर्ज हो रही हैं और महिलाओं को न्याय मिल रहा है। - डॉ. प्रियंवदा तोमर, सदस्य, राज्य महिला आयोग।
बीते दो माह में दर्ज हुए मामले
प्रकरण - जनवरी 2021 - फरवरी 2021
घरेलू हिंसा : 11 - 12
दहेज उत्पीड़न : 03 - 04
घर छोड़ना : 03 - 06
गुमशुदगी : 03 - 02
समस्या है तो सखी-वन स्टॉप सेंटर पर करें शिकायत
- महिलाओं के साथ मारपीट
- लड़कियों या महिलाओं से छेड़छाड़
- घरेलू हिंसा
- एसिड अटैक
- दहेज उत्पीड़न
- पुनर्वासन
एक ही छत के महिलाओं के लिए ये सुविधाएं
- परामर्श
- चिकित्सीय सुविधाएं
- तत्काल पुलिस सहायता
- विधिक सहायता
- रेस्क्यू वैन
- महिला पुलिस रिपोर्टिंग चौकी
- कौशल विकास प्रशिक्षण
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कस्बा बनत स्थित ट्रांजिट हॉस्टल में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पर गत वर्ष जनवरी-फरवरी माह में शिकायतों की संख्या 21 से 25 के बीच थी, इस वर्ष इन दोनों माह में 28 से 35 शिकायतें दर्ज हुईं हैं। इनमें ज्यादातर शिकायतें घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की हैं। सेंटर की प्रभारी गजाला त्यागी बताती हैं कि घरेलू हिंसा जितने भी मामले दर्ज हो रहे हैं, उनमें 90 प्रतिशत में कारण विवाहेतर संबंध और दहेज की मांग वजह है। इन मामलों के कारण ही घरेलू हिंसा बढ़ रही है। दस प्रतिशत मामलों में विवाहिता के मायके वालों का अनावश्यक हस्तक्षेप रहा है। मायके वालों से लंबे समय तक फोन पर बात करने, सोशल मीडिया पर अधिक सक्रियता से विवाद के भी कुछ मामले सामने आए हैं।
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केस-1
थानाभवन क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी शादी को तीन साल हुए हैं। उनका एक बच्चा भी है। शुरुआत में पति का व्यवहार बेहद अच्छा था, लेकिन करीब एक साल से पति घर पर ध्यान नहीं देता। उसके किसी और महिला से संबंध हैं। वह घर के लिए खर्च भी पैसे नहीं देता।
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केस-2
कैराना क्षेत्र की महिला की शिकायत है कि ससुराल वाले बार-बार उसे दहेज कम लाने का ताना देते हैं। पति भी उनका साथ देता है। शादी को अभी दो साल ही हुए हैं। वह मायके में रह रही है। कई बार बिरादरी की पंचायत के बावजूद पति उसे ससुराल ले जाने को तैयार नहीं। दोनों पक्ष दो बार काउंसिलिंग के लिए आ चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
जागरूक हो रहीं महिलाएं
उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं में अब जागरूकता आ रही है। पहले वे शिकायत करते हुए हिचकती थीं, लेकिन अब शिकायतें दर्ज करा रही हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर प्रभारी का कहना है कि महिलाएं स्वयं आकर भी शिकायत कर रहीं हैं और उनका निस्तारण कराया जा रहा है। महिलाओं में आई जागरूकता से भी शिकायतों का आंकड़ा बढ़ा है।
बंद पड़ा है 181 हेल्पलाइन नंबर
सखी वन स्टॉप सेंटर का महिला हेल्पलाइन नंबर 181 कई माह से बंद है। सेंटर प्रभारी का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन नंबर शुरू नहीं हो सका। उनके पास जो शिकायतें आ रहीं हैं वह सेंटर के सीयूजी नंबर 9412102300 पर दर्ज कराई जाती हैं या फिर महिलाएं सीधे सेंटर पर आकर शिकायत करती हैं।
सामाजिक मूल्यों का पालन जरूरी
रासेयो के जिला नोडल अधिकारी अजय बाबू शर्मा बताते हैं कि मिशन शक्ति अभियान से महिलाओं में जागरूकता आई है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों की प्रमुख वजह हमारे सामाजिक ताने-बाने का बिगड़ना है। परिवार एकल हो गए हैं। हम यदि सामाजिक मूल्यों का पालन करेंगे तो इस तरह के मामले निश्चित रूप से कम होंगे।
-मिशन शक्ति शुरू होने के बाद महिलाओं में जागरूकता आई है। अब शिकायतें दर्ज हो रही हैं इसलिए आंकड़ा बढ़ रहा है। औसतन 32 प्रतिशत मामले घरेलू हिंसा और लगभग 18 प्रतिशत मामले दहेज के होते हैं। शिकायतों का आंकड़ा बढ़ा है, अब शिकायतें दर्ज हो रही हैं और महिलाओं को न्याय मिल रहा है। - डॉ. प्रियंवदा तोमर, सदस्य, राज्य महिला आयोग।
बीते दो माह में दर्ज हुए मामले
प्रकरण - जनवरी 2021 - फरवरी 2021
घरेलू हिंसा : 11 - 12
दहेज उत्पीड़न : 03 - 04
घर छोड़ना : 03 - 06
गुमशुदगी : 03 - 02
समस्या है तो सखी-वन स्टॉप सेंटर पर करें शिकायत
- महिलाओं के साथ मारपीट
- लड़कियों या महिलाओं से छेड़छाड़
- घरेलू हिंसा
- एसिड अटैक
- दहेज उत्पीड़न
- पुनर्वासन
एक ही छत के महिलाओं के लिए ये सुविधाएं
- परामर्श
- चिकित्सीय सुविधाएं
- तत्काल पुलिस सहायता
- विधिक सहायता
- रेस्क्यू वैन
- महिला पुलिस रिपोर्टिंग चौकी
- कौशल विकास प्रशिक्षण