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शामली: राज्य वित्त आयोग की धनराशि से गोवंश को मिलेगा भरपेट चारा
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- अभी तक एक गोवंश पर होता था मात्र 30 रुपये खर्च, अब होगा 62 रुपये खर्च
- गोवंश भरण पोषण संचालन समिति की स्वीकृति के बाद मिली 36 लाख की धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों को अब राज्य वित्त की धनराशि से संजीवनी मिलेगी और उनको भरपेट चारा मिलेगी और किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। गोवंश भरण पोषण संचालन समिति की स्वीकृति के बाद ग्राम पंचायतों से 36 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। ये धनराशि वित्तीय वर्ष के आगामी माह के लिए प्रति गोवंश खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए उपभोग की जाएगी।
वर्तमान में जनपद की 22 गोशालाओं में 4416 गोवंश संरक्षित है। प्रत्येक गोवंश पर प्रतिदिन प्रदेश सरकार से तीस रुपये के हिसाब से बजट मिलता है, लेकिन केंद्रीय समिति की सर्वे रिपोर्ट में एक गोवंश पर 62 रुपये खर्च की बात सामने आई थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार व प्रदेश को सौंपी थी। उसके बाद प्रदेश सरकार ने राज्य वित्त आयोग से बजट खर्च करने की स्वीकृति दी थी और अब तीस रुपये प्रदेश सरकार तो राज्य वित्त आयोग से 32 रुपये प्रदेश सरकार ने देने के आदेश दिए है। क्योंकि तीस रुपये में भरपेट गोवंश को चारा नहीं मिल रहा था, जिससे वह बीमार हो रहे थे और इसकी वजह से उनकी मौत भी हो रही थी।
अब उनको भरपेट चारा दिया जाएगा और प्रशासन ने स्थानीय स्तर 36 लाख रुपये एकत्र कर लिए। सभी जगह चरागाह की भूमि पर हरा चारा उगाने के आदेश दिए गए हैं। इससे प्रतिदिन एक किलो भूसा कम करते हुए एक किलो हरा चारा भरण पोषण में जोड़ा गया है। राज्य वित्त आयोग के बजट से मिले 36 लाख रुपये सभी गोशाला में गोवंश के लिए भेजे जाएंगे और इसके लिए सभी बीडीओ से प्रस्ताव मांगा गया है। यह बजट वित्तीय वर्ष से उनके खाते में भेज दिया जाएगा, ताकि गोवंशों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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वर्जन....
शासन के आदेश पर राज्य वित्त आयोग से 36 लाख रुपये एकत्र किए गए है और उनको गोवंश के चारा पर खर्च किया जाएगा। जैसे-जैसे गोवंश के लिए बजट की जरूरत पड़ेगी तो राज्य वित्त आयोग से मांग कर ली जाएगी। - यशवंत सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी शामली।
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- गोवंश भरण पोषण संचालन समिति की स्वीकृति के बाद मिली 36 लाख की धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों को अब राज्य वित्त की धनराशि से संजीवनी मिलेगी और उनको भरपेट चारा मिलेगी और किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। गोवंश भरण पोषण संचालन समिति की स्वीकृति के बाद ग्राम पंचायतों से 36 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। ये धनराशि वित्तीय वर्ष के आगामी माह के लिए प्रति गोवंश खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए उपभोग की जाएगी।
वर्तमान में जनपद की 22 गोशालाओं में 4416 गोवंश संरक्षित है। प्रत्येक गोवंश पर प्रतिदिन प्रदेश सरकार से तीस रुपये के हिसाब से बजट मिलता है, लेकिन केंद्रीय समिति की सर्वे रिपोर्ट में एक गोवंश पर 62 रुपये खर्च की बात सामने आई थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार व प्रदेश को सौंपी थी। उसके बाद प्रदेश सरकार ने राज्य वित्त आयोग से बजट खर्च करने की स्वीकृति दी थी और अब तीस रुपये प्रदेश सरकार तो राज्य वित्त आयोग से 32 रुपये प्रदेश सरकार ने देने के आदेश दिए है। क्योंकि तीस रुपये में भरपेट गोवंश को चारा नहीं मिल रहा था, जिससे वह बीमार हो रहे थे और इसकी वजह से उनकी मौत भी हो रही थी।
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अब उनको भरपेट चारा दिया जाएगा और प्रशासन ने स्थानीय स्तर 36 लाख रुपये एकत्र कर लिए। सभी जगह चरागाह की भूमि पर हरा चारा उगाने के आदेश दिए गए हैं। इससे प्रतिदिन एक किलो भूसा कम करते हुए एक किलो हरा चारा भरण पोषण में जोड़ा गया है। राज्य वित्त आयोग के बजट से मिले 36 लाख रुपये सभी गोशाला में गोवंश के लिए भेजे जाएंगे और इसके लिए सभी बीडीओ से प्रस्ताव मांगा गया है। यह बजट वित्तीय वर्ष से उनके खाते में भेज दिया जाएगा, ताकि गोवंशों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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शासन के आदेश पर राज्य वित्त आयोग से 36 लाख रुपये एकत्र किए गए है और उनको गोवंश के चारा पर खर्च किया जाएगा। जैसे-जैसे गोवंश के लिए बजट की जरूरत पड़ेगी तो राज्य वित्त आयोग से मांग कर ली जाएगी। - यशवंत सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी शामली।