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कोर्ट की अवमानना पर 22 मई तक देना होगा जवाब

Sat, 29 Apr 2017 12:27 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
शामली, अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 29 Apr 2017 12:27 AM IST
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Court will give contempt of court on May 22
अदालत - फोटो : file
शामली। मेरठ-करनाल राज्य राजमार्ग (82) के चौड़ीकरण के लिए ली गई जमीन पर झिंझाना क्षेत्र के गांव म्यान कस्बा बिड़ौली के किसानों ने मुआवजा     मांगा था। मांग पूरी न होने पर     किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। उस पर हाईकोर्ट ने 25 जनवरी में निस्तारण का आदेश दिया था।   बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग ने किसानों को मुआवजा नहीं दिया। 19 अप्रैल को किसानों ने इसे न्यायालय के आदेश की अवमानना मानते हुए पुन: याचिका डाली। जिस पर कोर्ट ने 22 मई तक जवाब मांगा है। 
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 म्यान कस्बा बिड़ौली के किसान जगदीश पुत्र बलवंत सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका डालकर        कहा था कि हाईवे चौड़ीकरण में   उनकी जमीन ली गई, लेकिन   मुआवजा नहीं दिया गया। छह दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट ने एक माह के भीतर निस्तारण का आदेश दिया था, जिसमें जमीन की पैमाइश का    प्राविधान नहीं था। किसान के अधिवक्ता नवीन कुमार सरोहा ने बताया कि लोनिवि के अधिकारियों ने मनमाने ढंग से जगदीश के खेत की पैमाइश कराकर गलत तथ्यों के आधार पर डीएम को रिपोर्ट भेज दी। 
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इस पर किसान ने न्यायालय के आदेश की अवमानना का मामला डाला। जिस पर 25 जनवरी 2017 को आदेश पालन करने के लिए कहा गया था। बावजूद इसके जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने इसका निस्तारण नहीं किया। इसके चलते गत 19 अप्रैल को किसान ने पुन: न्यायालय के अवमानना की याचिका कोर्ट में दाखिल की। जिस पर अब हाईकोर्ट ने 22 मई तक जिला प्रशासन से जवाब मांगा है।
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