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Shamli News: छह प्रतिशत ब्याज समेत एफडी की परिपक्वता धनराशि अदा करने का सुनाया आदेश
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शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने इलाहाबाद बैंक शाखा ऊन के प्रबंधक द्वारा एफडी की परिपक्वता धनराशि जारी न करने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने शाखा प्रबंधक को 10 हजार रुपये परिवाद व्यय और परिवक्वता राशि 74997 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज समेत अदा करने का आदेश सुनाया।
गांव ढिंढाली निवासी नवीन कुमार ने आयोग में तीन अगस्त 2021 को इलाहाबाद बैंक शाखा ऊन के प्रबंधक विरुद्ध परिवाद दायर कराया। परिवादी ने बताया कि वह रजिस्टर्ड ठेकेदार है, जो ठेके लेकर कार्य करता है। परिवादी का कहना है कि उसका खाता इलाहाबाद बैंक शाखा में खाता संचालित है। परिवादी ने कार्यालय अधीक्षण अभियंता सहारनपुर लोक निर्माण विभाग के यहां पर मार्ग कार्य के लिए 24 मार्च 2011 को पंजीकरण कराया था ,जिसके संबंध में उसने बैंक शाखा में अपनी फर्म के नाम से एक एफडी 14 मार्च 2011 को 50 हजार रुपये की बनवाई, जिसकी भुगतान तिथि 14 मार्च 2016 थी और परिपक्वता राशि 74997 थी। इस संबंध में परिवादी ने भुगतान के लिए शाखा में संपर्क किया तो उसे टालते रहे और बैंक शाखा उन्हें फिक्सड डिपॉजिट की धनराशि वापस नहीं दी और न ही कोई कारण बताया गया, जिससे उन्हें आर्थिक, सामाजिक व मानसिक हानि हुई।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद पर सुनवाई के बाद बैंक शाखा को आदेशित किया कि वह सावधि जमा की परिपक्वता धनराशि 74997 रुपये मय छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज परिपक्वता तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक और परिवाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए इस आयोग में जमा करें। इस आदेश का अनुपालन 45 दिन के अंदर सुनिश्चित करें अन्यथा उसके विरुद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।
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गांव ढिंढाली निवासी नवीन कुमार ने आयोग में तीन अगस्त 2021 को इलाहाबाद बैंक शाखा ऊन के प्रबंधक विरुद्ध परिवाद दायर कराया। परिवादी ने बताया कि वह रजिस्टर्ड ठेकेदार है, जो ठेके लेकर कार्य करता है। परिवादी का कहना है कि उसका खाता इलाहाबाद बैंक शाखा में खाता संचालित है। परिवादी ने कार्यालय अधीक्षण अभियंता सहारनपुर लोक निर्माण विभाग के यहां पर मार्ग कार्य के लिए 24 मार्च 2011 को पंजीकरण कराया था ,जिसके संबंध में उसने बैंक शाखा में अपनी फर्म के नाम से एक एफडी 14 मार्च 2011 को 50 हजार रुपये की बनवाई, जिसकी भुगतान तिथि 14 मार्च 2016 थी और परिपक्वता राशि 74997 थी। इस संबंध में परिवादी ने भुगतान के लिए शाखा में संपर्क किया तो उसे टालते रहे और बैंक शाखा उन्हें फिक्सड डिपॉजिट की धनराशि वापस नहीं दी और न ही कोई कारण बताया गया, जिससे उन्हें आर्थिक, सामाजिक व मानसिक हानि हुई।
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आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद पर सुनवाई के बाद बैंक शाखा को आदेशित किया कि वह सावधि जमा की परिपक्वता धनराशि 74997 रुपये मय छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज परिपक्वता तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक और परिवाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए इस आयोग में जमा करें। इस आदेश का अनुपालन 45 दिन के अंदर सुनिश्चित करें अन्यथा उसके विरुद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।
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