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Shamli News: जानलेवा हमले के मुजरिम को 10 वर्ष का कारावास
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कैराना। क्षेत्र के शेखपुरा की युवती को साथ ले जाने के विरोध करने पर गोली मारकर घायल करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी कोर्ट) ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम सागर को दस वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
19 मार्च 2022 की रात करीब ढ़ाई बजे गांव शेखूपुरा निवासी युवती अपने घर पर सोई हुई थी। इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और युवती को साथ ले जाने का प्रयास किया था। युवती द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उसे गोली मार दी थी, जिस कारण वह गंभीर घायल हो गई थी।
घटना के संबंध में पीड़िता की मां की ओर से आदर्शमंडी थाने पर गांव के ही सागर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। बाद में पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में सात गवाह पेश किए गए। शुक्रवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) सुरेंद्र कुमार राय ने आरोपी के दोषी पाए जाने पर आरोपी को दस वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया। इसके अलावा कोर्ट ने 20 हजार रुपये पीड़िता के पुनर्वास देने के भी आदेश दिए हैं। पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर विश्वास था और उन्हें इंसाफ मिला है।
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19 मार्च 2022 की रात करीब ढ़ाई बजे गांव शेखूपुरा निवासी युवती अपने घर पर सोई हुई थी। इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और युवती को साथ ले जाने का प्रयास किया था। युवती द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उसे गोली मार दी थी, जिस कारण वह गंभीर घायल हो गई थी।
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घटना के संबंध में पीड़िता की मां की ओर से आदर्शमंडी थाने पर गांव के ही सागर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। बाद में पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में सात गवाह पेश किए गए। शुक्रवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) सुरेंद्र कुमार राय ने आरोपी के दोषी पाए जाने पर आरोपी को दस वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया। इसके अलावा कोर्ट ने 20 हजार रुपये पीड़िता के पुनर्वास देने के भी आदेश दिए हैं। पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर विश्वास था और उन्हें इंसाफ मिला है।