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Shamli News: परिषदीय विद्यालयों को चार माह से नहीं मिली कंपोजिट ग्रांट
Sun, 25 Aug 2024 02:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 25 Aug 2024 02:16 AM IST
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शामली। नए शिक्षा सत्र शुरू हुए चार महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। अभी तक परिषदीय विद्यालयों को कंपोजिट ग्रांट नहीं मिली है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को चाॅक, डस्टर से लेकर स्कूल की अन्य जरूरत का सामान अपने पास से खरीदना पड़ रहा है। वहीं स्कूल की रंगाई पुताई व छोटी मरम्मत का कार्य भी अधूरा पड़ा है।
जनपद में 596 परिषदीय स्कूल संचालित है। इनमें करीब 80 से 85 हजार छात्र-छात्रा शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट की धनराशि मिलती है। जिसके तहत 100 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार, 200 छात्र संख्या वाले स्कूलों को 50 हजार और 300 छात्र संख्या वाले स्कूलों को एक लाख रुपये की धनराशि कंपोजिट ग्रांट के रूप में प्राप्त होती है। इस राशि से शिक्षक स्कूल में चाॅक डस्टर, डिक्शनरी से लेकर हाथ धोने के लिए साबून, टॉयलेट क्लिनर सहित स्कूलों की जरूरत का सामान खरीदते हैं। साथ ही इस धनराशि से स्कूलों में रंगाई पुताई भी कराई जाती है।
इसके अलावा स्कूल की मरम्मत जैसे जर्जर शौचालय ठीक कराना, पानी की व्यवस्था, फर्नीचर आदि के कार्य भी कंपोजिट ग्रांट से होते हैं। इस ग्रांट से पांच हजार रुपये स्वच्छता के लिए अनिवार्य रूप से खर्च भी किए जाते हैं। अप्रैल माह से शुरू हुए नए शैक्षिक सत्र को चार माह से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कंपोजिट ग्रांट स्कूलों को नहीं मिली हैं। ऐसे में शिक्षक कंपोजिट ग्रांट का बेसब्री से इंतजार कर रहे है।
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शासन स्तर से कंपोजिट ग्रांट जारी होता है। हर वर्ष जनपद को लगभग दो करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित होती है। इसके लिए पत्राचार हो चुका है। जल्द ही कंपोजिट ग्रांट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जो कार्य अधूरे पड़े है, सभी पूरे कराए जाएंगे।
- लता राठौर, बीएसए
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जनपद में 596 परिषदीय स्कूल संचालित है। इनमें करीब 80 से 85 हजार छात्र-छात्रा शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट की धनराशि मिलती है। जिसके तहत 100 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार, 200 छात्र संख्या वाले स्कूलों को 50 हजार और 300 छात्र संख्या वाले स्कूलों को एक लाख रुपये की धनराशि कंपोजिट ग्रांट के रूप में प्राप्त होती है। इस राशि से शिक्षक स्कूल में चाॅक डस्टर, डिक्शनरी से लेकर हाथ धोने के लिए साबून, टॉयलेट क्लिनर सहित स्कूलों की जरूरत का सामान खरीदते हैं। साथ ही इस धनराशि से स्कूलों में रंगाई पुताई भी कराई जाती है।
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इसके अलावा स्कूल की मरम्मत जैसे जर्जर शौचालय ठीक कराना, पानी की व्यवस्था, फर्नीचर आदि के कार्य भी कंपोजिट ग्रांट से होते हैं। इस ग्रांट से पांच हजार रुपये स्वच्छता के लिए अनिवार्य रूप से खर्च भी किए जाते हैं। अप्रैल माह से शुरू हुए नए शैक्षिक सत्र को चार माह से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कंपोजिट ग्रांट स्कूलों को नहीं मिली हैं। ऐसे में शिक्षक कंपोजिट ग्रांट का बेसब्री से इंतजार कर रहे है।
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शासन स्तर से कंपोजिट ग्रांट जारी होता है। हर वर्ष जनपद को लगभग दो करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित होती है। इसके लिए पत्राचार हो चुका है। जल्द ही कंपोजिट ग्रांट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जो कार्य अधूरे पड़े है, सभी पूरे कराए जाएंगे।
- लता राठौर, बीएसए