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ग्राहकों में कोरोना का खौफ, पटरी पर नहीं आया कारोबार
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शामली में जनरल स्टोर पर ग्राहक का इंतजार करते हैं व्यापारी
- फोटो : SHAMLI
ग्राहकों में कोरोना का खौफ, पटरी पर नहीं आया कारोबार
शामली। अनलॉक-1 में दो जून से शहर के बाजारों में सभी दुकानें तो खुल गई हैं, लेकिन कारोबार अभी पटरी पर नहीं आया है। शुक्रवार दोपहर को एक से दो बजे तक शहर के प्रमुख शिव चौक मार्केट में अमर उजाला टीम ने जाकर हाल जाना। कुछ दुकानों पर तो ग्राहकों की भीड़ थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन पूरी तरह नहीं हो पा रहा था। तो कुछ दुकान पर ग्राहक नहीं थे। व्यापारी उनके इंतजार में बैठे थे। कुछ व्यापारियों ने दुकानों को खुलने के समय में बदलाव की भी मांग की है। पेश है अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट।
दुकानों का समय बदलना जरूरी
शिव चौक के पास कपड़ा व्यापारी अरुण गोयल दुकान पर अकेले बैठे थे। एक भी ग्राहक नहीं था। पूछने पर बताया कि लॉकडाउन के बाद से ग्राहक कम आ रहे हैं। दुकान खुलने का समय सुबह नौ से शाम पांच बजे तक तय किया गया है। गर्मी के दिन है। ग्राहक या तो सुबह जल्दी आता है या फिर शाम को छह बजे के बाद। बेहतर हो कि दुकान खुलने का समय सुबह सात से तीन बजे हो जाए तो भी बेहतर रहेगा।
काम है मंदा
पास में ही जूता शोरूम पर ग्राहकों की भीड़ थी। कई महिलाएं भी शॉपिंग को आई थी। ग्राहक सोशल डिस्टेंसिंग के दायरे में नहीं थे। कुछ ने तो मास्क भी नहीं लगाया था। व्यापारी विक्की नरुला ने बताया कि इस बार शादी के साये और ईद की दुकानदारी जाती रही। अब दुकानें खुली हैं। ग्राहक आ रहे हैं, लेकिन जरूरी चीजें खरीद रहे हैं। छोटी आय वाले ग्राहक कम आ रहे हैं। रुपयों की तंगी भी वजह है। बिक्री पहले से केवल 20 प्रतिशत रह गया है।
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आने वाले समय में अच्छे की उम्मीद
पास में ही एक और जूता शोरूम पर भी ग्राहक थे, लेकिन कम। हालांकि दुकानदार और ग्राहकों ने मास्क लगा रखा था, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आई। व्यापारी संजय कुमार ने बताया कि दो जून से बाजार खुले हैं, लेकिन गर्मी में सुबह 11 से चार बजे तक ग्राहक नहीं निकलते। शहरी ग्राहक शाम छह बजे के बाद आता है, लेकिन उम्मीद है आने वाले दिनों में अच्छा हो जाएगा।
बच्चे तो दुकान पर आने ही बंद हो गए
जनरल मर्चेंट के दुकानदार ब्रजेश गर्ग की शॉप पर ग्राहक नहीं थे। पिता और पुत्र दोनों बैठे ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पूछने पर बताया कि कोराना से व्यापारी और ग्राहक दोनों ही डरे हैं। पहले लोग परिवार के सदस्यों के साथ आते थे। महिला और बच्चे साथ होते थे। दो सामान लेने आते थे दो तीन चीजें बच्चे बता देते थे। यानि दुकानदारी अच्छी होती थी । अब बच्चे तो आ ही नहीं रहे। सुबह 11 बजे तक परिवार का एक दो सदस्य आकर जरूरी सामान ले जाता है। इसके बाद गर्मी में ग्राहक नहीं निकले और शाम पांच बजे दुकान बंद हो जाती है। काम केवल 20 प्रतिशत रह गया है, जबकि खर्चे पूरे हैं।
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शामली। अनलॉक-1 में दो जून से शहर के बाजारों में सभी दुकानें तो खुल गई हैं, लेकिन कारोबार अभी पटरी पर नहीं आया है। शुक्रवार दोपहर को एक से दो बजे तक शहर के प्रमुख शिव चौक मार्केट में अमर उजाला टीम ने जाकर हाल जाना। कुछ दुकानों पर तो ग्राहकों की भीड़ थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन पूरी तरह नहीं हो पा रहा था। तो कुछ दुकान पर ग्राहक नहीं थे। व्यापारी उनके इंतजार में बैठे थे। कुछ व्यापारियों ने दुकानों को खुलने के समय में बदलाव की भी मांग की है। पेश है अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट।
दुकानों का समय बदलना जरूरी
शिव चौक के पास कपड़ा व्यापारी अरुण गोयल दुकान पर अकेले बैठे थे। एक भी ग्राहक नहीं था। पूछने पर बताया कि लॉकडाउन के बाद से ग्राहक कम आ रहे हैं। दुकान खुलने का समय सुबह नौ से शाम पांच बजे तक तय किया गया है। गर्मी के दिन है। ग्राहक या तो सुबह जल्दी आता है या फिर शाम को छह बजे के बाद। बेहतर हो कि दुकान खुलने का समय सुबह सात से तीन बजे हो जाए तो भी बेहतर रहेगा।
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काम है मंदा
पास में ही जूता शोरूम पर ग्राहकों की भीड़ थी। कई महिलाएं भी शॉपिंग को आई थी। ग्राहक सोशल डिस्टेंसिंग के दायरे में नहीं थे। कुछ ने तो मास्क भी नहीं लगाया था। व्यापारी विक्की नरुला ने बताया कि इस बार शादी के साये और ईद की दुकानदारी जाती रही। अब दुकानें खुली हैं। ग्राहक आ रहे हैं, लेकिन जरूरी चीजें खरीद रहे हैं। छोटी आय वाले ग्राहक कम आ रहे हैं। रुपयों की तंगी भी वजह है। बिक्री पहले से केवल 20 प्रतिशत रह गया है।
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आने वाले समय में अच्छे की उम्मीद
पास में ही एक और जूता शोरूम पर भी ग्राहक थे, लेकिन कम। हालांकि दुकानदार और ग्राहकों ने मास्क लगा रखा था, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आई। व्यापारी संजय कुमार ने बताया कि दो जून से बाजार खुले हैं, लेकिन गर्मी में सुबह 11 से चार बजे तक ग्राहक नहीं निकलते। शहरी ग्राहक शाम छह बजे के बाद आता है, लेकिन उम्मीद है आने वाले दिनों में अच्छा हो जाएगा।
बच्चे तो दुकान पर आने ही बंद हो गए
जनरल मर्चेंट के दुकानदार ब्रजेश गर्ग की शॉप पर ग्राहक नहीं थे। पिता और पुत्र दोनों बैठे ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पूछने पर बताया कि कोराना से व्यापारी और ग्राहक दोनों ही डरे हैं। पहले लोग परिवार के सदस्यों के साथ आते थे। महिला और बच्चे साथ होते थे। दो सामान लेने आते थे दो तीन चीजें बच्चे बता देते थे। यानि दुकानदारी अच्छी होती थी । अब बच्चे तो आ ही नहीं रहे। सुबह 11 बजे तक परिवार का एक दो सदस्य आकर जरूरी सामान ले जाता है। इसके बाद गर्मी में ग्राहक नहीं निकले और शाम पांच बजे दुकान बंद हो जाती है। काम केवल 20 प्रतिशत रह गया है, जबकि खर्चे पूरे हैं।

शामली में जूते के शोरूम पर खरीदारी करते ग्राहक- फोटो : SHAMLI

जूता व्यापारी संजय कुमार- फोटो : SHAMLI

शामली में कपड़े की दुकान पर खाली बैठे व्यापारी- फोटो : SHAMLI