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कोरोना कर्फ्यू से टूट गई व्यापारियों की कमर
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कोरोना कर्फ्यू से टूट गई व्यापारियों की कमर
शामली। प. उप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के नेतृत्व में डीएम से मिले। उनको सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए 31 मई से प्रदेश के सभी जिलों के साथ-साथ शामली के सभी ट्रेड की दुकानें खोलने की अनुमति देने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि पिछले साल कोरोना की प्रथम लहर में चार माह के लॉकडाउन के बाद कोरोना की दूसरी लहर में मई माह में चालू हो गई। दूसरी लहर में 30 दिन के कोरोना कर्फ्यू लगने से व्यापारी की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। उनके सामने बिजली का बिल, बैंकों की ईएमआई औश्र दुकानों के कर्मचारियों का वेतन आदि का दबाव बढ़ता जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू के चलते व्यापार ठप हो गया है। दुकानों पर काम करने वाले लाखों कर्मचारी के सामने भी आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कोरोना कर्फ्यू हटा कर बाजार खोले जाने की अनुमति दिए जाने मांग की गई है। ज्ञापन में कोरोना संक्रमण से मृत व्यापारियों के परिजनों को जो जीएसटी में पंजीकृत हैं, ऐसे व्यापारियों को 10 लाख रुपये, जीएसटी, दूसरे विभागों में पंजीकृत और कोरोना संक्रमण के दौरान मृत व्यापारियों के परिजनों को पांच लाख रुपये का बीमा राशि दिए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में नगर अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल, नगर महामंत्री रवि संगल, नगर कोषाध्यक्ष महेश धीमान मौजूद रहे।
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शामली। प. उप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के नेतृत्व में डीएम से मिले। उनको सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए 31 मई से प्रदेश के सभी जिलों के साथ-साथ शामली के सभी ट्रेड की दुकानें खोलने की अनुमति देने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि पिछले साल कोरोना की प्रथम लहर में चार माह के लॉकडाउन के बाद कोरोना की दूसरी लहर में मई माह में चालू हो गई। दूसरी लहर में 30 दिन के कोरोना कर्फ्यू लगने से व्यापारी की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। उनके सामने बिजली का बिल, बैंकों की ईएमआई औश्र दुकानों के कर्मचारियों का वेतन आदि का दबाव बढ़ता जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू के चलते व्यापार ठप हो गया है। दुकानों पर काम करने वाले लाखों कर्मचारी के सामने भी आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कोरोना कर्फ्यू हटा कर बाजार खोले जाने की अनुमति दिए जाने मांग की गई है। ज्ञापन में कोरोना संक्रमण से मृत व्यापारियों के परिजनों को जो जीएसटी में पंजीकृत हैं, ऐसे व्यापारियों को 10 लाख रुपये, जीएसटी, दूसरे विभागों में पंजीकृत और कोरोना संक्रमण के दौरान मृत व्यापारियों के परिजनों को पांच लाख रुपये का बीमा राशि दिए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में नगर अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल, नगर महामंत्री रवि संगल, नगर कोषाध्यक्ष महेश धीमान मौजूद रहे।
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