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अलविदा 2022: नवीन कलक्ट्रेट भवन का पूरा नहीं हुआ निर्माण
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शामली निर्माणाधीन डीएम आवास
- फोटो : SHAMLI
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शामली। वर्ष 2022 गुजर रहा है। सात साल बाद भी नवीन कलक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। जबकि शासन से लगभग पूरी धनराशि अवमुक्त हो चुकी है।
जिला बनने के चार साल बाद गोहरनी गांव में वर्ष 2015 में नवीन कलक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए शासन से करीब 10.40 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम किश्त के रुप में चार करोड़ रुपये अवमुक्त हुए थे। दूसरी किश्त में 4.32 करोड़ 19 सितंबर 2016 को और 29 मार्च 2017 को तीसरी किस्त के रुप में 1.56 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हुई। वर्ष 2019 में बजट बढ़ने पर व्यय वित्त समिति ने 29.59 करोड़ की स्वीकृति शासन ने दी थी। 12 मार्च 2020 में चतुर्थ किश्त के रुप में दो करोड़, 16 सितंबर 2020 को पांचवीं किश्त के में 2.20 करोड़ रुपये जारी हुए। एक दिसंबर 2020 को छठी किश्त में 4.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है। सातवीं किश्त में 7.39 करोड़ और आठवीं किश्त में 3.67 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए।
शासन से शामली कलक्ट्रेट के अनावसीय भवनों के निर्माण के लिए स्वीकृत 29.59 करोड़ रुपये के सापेक्ष 28 करोड़ से अधिक धनराशि कलक्ट्रेट की निर्माण एजेंसी को अवमुक्त हो चुकी है। कलक्ट्रेट का निर्माण कर रही राजकीय निर्माण निगम अभी तक नवीन कलक्ट्रेट भवन के चार ब्लॉक में से कोई ब्लॉक पूरी तरह तैयार नहीं है। डीएम ब्लॉक में डीएम कोर्ट, बैंक, स्टाफ रूम, मीटिंग हॉल और दूसरे ब्लॉक में एडीएम समेत चार कोर्ट रूम, प्रवेश लॉबी, फ्लोर पार्किंग तैयार है।
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कलक्ट्रेट में जाने के लिए सीसी रोड बनाने की तैयारी
नवीन कलक्ट्रेट परिसर में सीसी रोड बनाने से पहले निर्माण एजेंसी की ओर से नाली बना दी गई हैं। पानी की निकासी के लिए कलक्ट्रेट परिसर में ड्रेनेज की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में बिजली के पोल लगाए गए है। लेकिन तार और लाइट नहीं लगी है। कलक्ट्रेट भवन परिसर में आने-जाने के लिए सीसी रोड बनाने की तैयारी है।
इनके लिए नहीं मिला बजट
विकास भवन और बीएसए कार्यालय का निर्माण पूरा करने के लिए वर्षों से बजट नहीं मिला है। बधेव गांव की ओर कलक्ट्रेट के आवासीय भवनों की चहारदीवारी और अन्य कार्यों के लिए शासन से 18 करोड़ की धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है। आवासीय भवनों में झाड़ी खड़ी हैं। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि विकास भवन की दूसरी मंजिल की 9 करोड़ से अधिक और बीएसए कार्यालय भवन की दूसरी मंजिल और रैंप लिए 85 लाख रुपये की धनराशि शासन से मांग किए जाने के बाद भी अवमुक्त नहीं हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से अधूरी विकास परियोजना के लिए धनराशि मांगी जा रही है। डीएम जसजीत कौर का कहना है कि राजकीय निर्माण निगम के अफसरों ने नवीन कलक्ट्रेट भवन 31मार्च 2023 तक हैंडओवर करने का आश्वासन दिया है।
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जिला बनने के चार साल बाद गोहरनी गांव में वर्ष 2015 में नवीन कलक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए शासन से करीब 10.40 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम किश्त के रुप में चार करोड़ रुपये अवमुक्त हुए थे। दूसरी किश्त में 4.32 करोड़ 19 सितंबर 2016 को और 29 मार्च 2017 को तीसरी किस्त के रुप में 1.56 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हुई। वर्ष 2019 में बजट बढ़ने पर व्यय वित्त समिति ने 29.59 करोड़ की स्वीकृति शासन ने दी थी। 12 मार्च 2020 में चतुर्थ किश्त के रुप में दो करोड़, 16 सितंबर 2020 को पांचवीं किश्त के में 2.20 करोड़ रुपये जारी हुए। एक दिसंबर 2020 को छठी किश्त में 4.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है। सातवीं किश्त में 7.39 करोड़ और आठवीं किश्त में 3.67 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए।
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शासन से शामली कलक्ट्रेट के अनावसीय भवनों के निर्माण के लिए स्वीकृत 29.59 करोड़ रुपये के सापेक्ष 28 करोड़ से अधिक धनराशि कलक्ट्रेट की निर्माण एजेंसी को अवमुक्त हो चुकी है। कलक्ट्रेट का निर्माण कर रही राजकीय निर्माण निगम अभी तक नवीन कलक्ट्रेट भवन के चार ब्लॉक में से कोई ब्लॉक पूरी तरह तैयार नहीं है। डीएम ब्लॉक में डीएम कोर्ट, बैंक, स्टाफ रूम, मीटिंग हॉल और दूसरे ब्लॉक में एडीएम समेत चार कोर्ट रूम, प्रवेश लॉबी, फ्लोर पार्किंग तैयार है।
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कलक्ट्रेट में जाने के लिए सीसी रोड बनाने की तैयारी
नवीन कलक्ट्रेट परिसर में सीसी रोड बनाने से पहले निर्माण एजेंसी की ओर से नाली बना दी गई हैं। पानी की निकासी के लिए कलक्ट्रेट परिसर में ड्रेनेज की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में बिजली के पोल लगाए गए है। लेकिन तार और लाइट नहीं लगी है। कलक्ट्रेट भवन परिसर में आने-जाने के लिए सीसी रोड बनाने की तैयारी है।
इनके लिए नहीं मिला बजट
विकास भवन और बीएसए कार्यालय का निर्माण पूरा करने के लिए वर्षों से बजट नहीं मिला है। बधेव गांव की ओर कलक्ट्रेट के आवासीय भवनों की चहारदीवारी और अन्य कार्यों के लिए शासन से 18 करोड़ की धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है। आवासीय भवनों में झाड़ी खड़ी हैं। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि विकास भवन की दूसरी मंजिल की 9 करोड़ से अधिक और बीएसए कार्यालय भवन की दूसरी मंजिल और रैंप लिए 85 लाख रुपये की धनराशि शासन से मांग किए जाने के बाद भी अवमुक्त नहीं हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से अधूरी विकास परियोजना के लिए धनराशि मांगी जा रही है। डीएम जसजीत कौर का कहना है कि राजकीय निर्माण निगम के अफसरों ने नवीन कलक्ट्रेट भवन 31मार्च 2023 तक हैंडओवर करने का आश्वासन दिया है।

शामली में निर्माणाधीन सरकारी आवास- फोटो : SHAMLI

शामली में निर्माणाधीन सरकारी आवास- फोटो : SHAMLI