फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Conjunctivitis patients increased due to change in weather

मौसम में बदलाव से अस्पताल में बढ़े कंजक्टिवाइटिस के मरीज

Sun, 28 Aug 2022 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
Conjunctivitis patients increased due to change in weather
अस्पताल में नेत्र रोगियों में कंजक्टिवाइटिस के 20 से 25 फीसदी मरीज आ रहे रोजाना
विज्ञापन

गर्मी व बरसात के मौसम में रोग फैलने का रहता है खतरा, बचाव के लिए बरतें सावधानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम में बदलाव के कारण कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी अस्पताल में आने वाले नेत्र रोगियों में 20 से 25 फीसदी इससे पीड़ित होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कंजक्टिवाइटिस वायरल संक्रमण है। इससे बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। इसमें लापरवाही बरतने से नुकसान हो सकता है।
आजकल कभी गर्मी तो कभी नमी वाला मौसम बन रहा है। इसमें आंखों में संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है। कंजक्टिवाइटिस को आंख आना भी कहते हैं। इसके मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले कंजक्टिवाइटिस से पीड़ित मरीज दो से पांच फीसदी तक आ रहे थे, लेकिन इस महीने में यह संख्या बढ़कर 20 से 25 फीसदी तक पहुंच गई है।
विज्ञापन

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि मौसम में बार-बार बदलाव की वजह से कंजक्टिवाइटिस के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसा वायरल संक्रमण की वजह से है। आंखें बहुत ही नाजुक और संवेदनशील होती हैं। इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके लक्षण नजर आते ही चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए। गर्मी व बरसात के मौसम में यह रोग ज्यादा फैलता है। इसलिए लोगों को रोग से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि कंजक्टिवाइटिस होने पर एंटी बायोटिक आई ड्रॉप डालनी चाहिए। कोई भी स्टेयराइड डालने से बचना चाहिए। यह रोग उपचार करने से तीन से पांच दिन में ठीक हो जाता है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।
लक्षण
एक या दोनों आंखों का लाल या गुलाबी होना।
आंख में जलन या खुजली होना।
चुभन होना व हल्का दर्द रहना।
आंखों से पानी निकलना या चिपचिपाहट होना।
आंखों में किरकरी महसूस होना व सूजन आ जाना।
बचाव
आंखों को हाथ से न छुएं।
काला चश्मा लगाएं।
हर दो घंटे में साबुन से हाथ धोएं।
नियमित रूप से एंटी बायोटिक आई ड्रॉप डालें।
रोगी से हाथ मिलाने से परहेज करें।
अपने रुमाल, तौलिया, तकिया के कवर आदि रोज धोएं।
आंखों को ठंडे पानी से बार-बार धोएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed