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सर्किल रेट से चार गुना मिलेगा मुआवजा
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Compensation will be four times the circle rate
शामली। जिले के पानीपत-नगीना, कोटद्वार और मेरठ करनाल मार्ग शामली बाईपास की जद में भूमि के किसानों को सर्किल रेट से चार गुणा भूमि का मुआवजा मिलेगा। जिला प्रशासन ने हाईवों की जद में आ रही भूमि का अवार्ड घोषित करने के लिए काम बड़ी तेजी से चल रहा है। मेरठ-करनाल मार्ग के शामली बाईपास की जद में आए 15 गांवों में किसानों की भूमि में नौ गांवों का अवार्ड घोषित कर दिया गया है। इस मार्ग के छह गांव और पानीपत-नगीना कोटद्वार मार्ग का सिर्फ बलवा गांव अवार्ड घोषित होने से बचे हैं।
जिले की सीमा में दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर, मेरठ- करनाल व पानीपत-नगीना, कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग होकर गुजर रहे हैं। तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के पास है। दिल्ली- यमुनोत्री सहारनपुर का शामली बाइपास का अवार्ड घोषित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई द्वारा सहारनपुर भूमि अध्यापित अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट सहारनपुर को जिम्मेदारी सौंपी है। छह माह से अधिक समय बीत गया है। मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी द्वारा शामली बाइपास की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया है। पानीपत-नगीना कोटद्वार और मेरठ-करनाल मार्ग के शामली बाइपास की जद में किसानों की जिम्मेदारी एडीएम वित्त अरविंद कुमार सिंह को सौंपी गई है।
एडीएम वित्त अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पानीपत- नगीना कोटद्वार मार्ग की जद में आए 18 गांवों में बलवा गांव को छोड़कर 17 गांवों का अवार्ड प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सिर्फ बलवा गांव की 3डी न होने से यह गांव रह गया है।
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अवार्ड प्रक्रिया पूूरी होने वाले गांवों के किसानों को सर्किल रेट से चार गुणा मुआवजा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेेेरठ करनाल मार्ग की जद में आए 15 गांवों के किसानों की भूमि में से 9 गांवों की अवार्ड प्रक्रिया पूूरी कर ली गई है, जिसमें बनत, पटनीपरतापुर, बधेव, गोहरनी, टपराना, केरटू, खेड़ी जुर्नाधन, मुंडेट, टिटौली गांव शामिल हैं। इस मार्ग के शामली, म्यान कस्बा, बीवीपुर, जमालपुर, झिंझाना गांव की अवार्ड प्रक्रिया अधूरी है। एडीएम ने बताया कि अधूरे गांवों की अवार्ड रिपोर्ट तैयार करके शीघ्र अवार्ड घोषित करते हुए रिपोर्ट तैयार की गई है। अधूरे गांवों की अवार्ड रिपोर्ट तैयार करके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के माध्यम से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भेजी जाएगी।
मेरठ - करनाल मार्ग के अवार्ड होने वाले गांवों की भूमि की सूची
गांव भूमि हेक्टेयर में
1- म्यान कस्बा- 1.0197 हेक्टेयर
2- झिंझाना- 0.1128 हेक्टेयर
3- जमालपुर- 0.3336 हेक्टेयर
4- शामली- 2.1006 हेक्टेयर
5- टिटौली- 6.8861 हेक्टेयर
6- मुंडेट- 2.1516 हेक्टेयर
7- खेडी जुर्नाधन- 0.7077 हेक्टेयर
8- केरटू - .3478 हेक्टेयर
9- टपराना- 5.2800 हेक्टेयर
10- बनत- 2.9290 हेक्टेयर
11- गोहरनी- 11.9669 हेक्टेयर
12- बधेव- 9.6446 हेक्टेयर
13- पटनीपरतापुर- 4.9798 हेक्टेयर
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जिले की सीमा में दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर, मेरठ- करनाल व पानीपत-नगीना, कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग होकर गुजर रहे हैं। तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के पास है। दिल्ली- यमुनोत्री सहारनपुर का शामली बाइपास का अवार्ड घोषित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई द्वारा सहारनपुर भूमि अध्यापित अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट सहारनपुर को जिम्मेदारी सौंपी है। छह माह से अधिक समय बीत गया है। मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी द्वारा शामली बाइपास की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया है। पानीपत-नगीना कोटद्वार और मेरठ-करनाल मार्ग के शामली बाइपास की जद में किसानों की जिम्मेदारी एडीएम वित्त अरविंद कुमार सिंह को सौंपी गई है।
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एडीएम वित्त अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पानीपत- नगीना कोटद्वार मार्ग की जद में आए 18 गांवों में बलवा गांव को छोड़कर 17 गांवों का अवार्ड प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सिर्फ बलवा गांव की 3डी न होने से यह गांव रह गया है।
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अवार्ड प्रक्रिया पूूरी होने वाले गांवों के किसानों को सर्किल रेट से चार गुणा मुआवजा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेेेरठ करनाल मार्ग की जद में आए 15 गांवों के किसानों की भूमि में से 9 गांवों की अवार्ड प्रक्रिया पूूरी कर ली गई है, जिसमें बनत, पटनीपरतापुर, बधेव, गोहरनी, टपराना, केरटू, खेड़ी जुर्नाधन, मुंडेट, टिटौली गांव शामिल हैं। इस मार्ग के शामली, म्यान कस्बा, बीवीपुर, जमालपुर, झिंझाना गांव की अवार्ड प्रक्रिया अधूरी है। एडीएम ने बताया कि अधूरे गांवों की अवार्ड रिपोर्ट तैयार करके शीघ्र अवार्ड घोषित करते हुए रिपोर्ट तैयार की गई है। अधूरे गांवों की अवार्ड रिपोर्ट तैयार करके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के माध्यम से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भेजी जाएगी।
मेरठ - करनाल मार्ग के अवार्ड होने वाले गांवों की भूमि की सूची
गांव भूमि हेक्टेयर में
1- म्यान कस्बा- 1.0197 हेक्टेयर
2- झिंझाना- 0.1128 हेक्टेयर
3- जमालपुर- 0.3336 हेक्टेयर
4- शामली- 2.1006 हेक्टेयर
5- टिटौली- 6.8861 हेक्टेयर
6- मुंडेट- 2.1516 हेक्टेयर
7- खेडी जुर्नाधन- 0.7077 हेक्टेयर
8- केरटू - .3478 हेक्टेयर
9- टपराना- 5.2800 हेक्टेयर
10- बनत- 2.9290 हेक्टेयर
11- गोहरनी- 11.9669 हेक्टेयर
12- बधेव- 9.6446 हेक्टेयर
13- पटनीपरतापुर- 4.9798 हेक्टेयर