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जिले के सात गांव का मुआवजा अवार्ड तैयार
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जिले के सात गांव का मुआवजा अवार्ड तैयार
शामली। छह लाइन का दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की जद में जिले के 22 गांव में से सात का जिला प्रशासन ने मुआवजा अवार्ड तैयार कर लिया है। तीन जी की कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया गया है।
दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे बागपत जिले से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस हाईवे से शुरू होकर शामली और सहारनपुर जिले के गणेश मोड़ तक निर्माण होगा। गणेश मोड़ से लेकर देहरादून तक दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण होगा। यह एक्सप्रेस हाईवे की जद में आने वाले 22 गांवों की अधिसूचना पिछले आठ माह पूर्व जारी कर चुका है। जिला प्रशासन हाईवे से तीन ए, तीन डी की कार्रवाई पर सुनवाई कर आपत्ति का निरस्तारण कर चुका है।
सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बताया कि 22 गांवों में से सात गांवों मुआवजा अवार्ड तैयार करके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बागपत इकाई को भेजा गया है। बागपत इकाई द्वारा जिले में दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की मुआवजा अवार्ड की संस्तुति करते हुए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली को भेजी जाएगी। मुख्यालय में मुआवजा राशि प्राप्त होने के बाद किसानों को वितरण कार्य शुरू किया जाएगा। शामली जिले के सात गांवों में लाडो माजरी, रायपुर, बंतीखेड़ा, गोगवान जलालपुर, चूनसा, कैड़ी, खानपुर, उमरपुर शामिल हैं।
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22 गांव की सूची
बाबरी, अब्दुला मौर माजरा, बंतीखेड़ा, भैसानी इस्लामपुर, भाजू, भिक्का माजरा, चूनसा, गोगवान जलालपुर, हसनपुर लुहारी, कैड़ी, कासमपुर, साल्हापुर, कांजर हेड़ी, ख्याडवड़ी, लाडो माजरी, नांगल, लांक, रायपुर, उमरपुर, लिसाढ़, बुटराड़ा आदि गांव।
क्या है अवार्ड
किसी भी योजना के लिए अगर प्रशासन और किसानों के बीच करार की सहमति नहीं होती है, तब जिला प्रशासन संबंधित योजना को भूमि लेने के लिए अवार्ड घोषित करा देता है। ऐसा होने पर शासन अपनी व्यवस्था अनुसार भूमि के रेट घोषित देता है। ऐसे में अगर किसान मुआवजा नहीं लेते तो कोर्ट में जमा करा दिया जाता है तथा जमीन का अर्जन कर लिया जाता है।
कोट...
15 निर्माण कंपनियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया है। दिसंबर 2021 से पूर्व निर्माण एजेंसी हाईवे की भूमि अधिग्रहण करके निर्माण कार्य शुरू कर देगी। हाईवे की जद में 25 किमी पर आधुनिक होटल-रेस्टोरेंट आदि की सुविधा होगी। राज्य सरकार हाईवे की जद में भूमि खरीद कर औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर सकती है। एनसी मिश्रा, अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दिल्ली
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शामली। छह लाइन का दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की जद में जिले के 22 गांव में से सात का जिला प्रशासन ने मुआवजा अवार्ड तैयार कर लिया है। तीन जी की कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया गया है।
दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे बागपत जिले से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस हाईवे से शुरू होकर शामली और सहारनपुर जिले के गणेश मोड़ तक निर्माण होगा। गणेश मोड़ से लेकर देहरादून तक दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण होगा। यह एक्सप्रेस हाईवे की जद में आने वाले 22 गांवों की अधिसूचना पिछले आठ माह पूर्व जारी कर चुका है। जिला प्रशासन हाईवे से तीन ए, तीन डी की कार्रवाई पर सुनवाई कर आपत्ति का निरस्तारण कर चुका है।
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सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बताया कि 22 गांवों में से सात गांवों मुआवजा अवार्ड तैयार करके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बागपत इकाई को भेजा गया है। बागपत इकाई द्वारा जिले में दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की मुआवजा अवार्ड की संस्तुति करते हुए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली को भेजी जाएगी। मुख्यालय में मुआवजा राशि प्राप्त होने के बाद किसानों को वितरण कार्य शुरू किया जाएगा। शामली जिले के सात गांवों में लाडो माजरी, रायपुर, बंतीखेड़ा, गोगवान जलालपुर, चूनसा, कैड़ी, खानपुर, उमरपुर शामिल हैं।
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22 गांव की सूची
बाबरी, अब्दुला मौर माजरा, बंतीखेड़ा, भैसानी इस्लामपुर, भाजू, भिक्का माजरा, चूनसा, गोगवान जलालपुर, हसनपुर लुहारी, कैड़ी, कासमपुर, साल्हापुर, कांजर हेड़ी, ख्याडवड़ी, लाडो माजरी, नांगल, लांक, रायपुर, उमरपुर, लिसाढ़, बुटराड़ा आदि गांव।
क्या है अवार्ड
किसी भी योजना के लिए अगर प्रशासन और किसानों के बीच करार की सहमति नहीं होती है, तब जिला प्रशासन संबंधित योजना को भूमि लेने के लिए अवार्ड घोषित करा देता है। ऐसा होने पर शासन अपनी व्यवस्था अनुसार भूमि के रेट घोषित देता है। ऐसे में अगर किसान मुआवजा नहीं लेते तो कोर्ट में जमा करा दिया जाता है तथा जमीन का अर्जन कर लिया जाता है।
कोट...
15 निर्माण कंपनियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया है। दिसंबर 2021 से पूर्व निर्माण एजेंसी हाईवे की भूमि अधिग्रहण करके निर्माण कार्य शुरू कर देगी। हाईवे की जद में 25 किमी पर आधुनिक होटल-रेस्टोरेंट आदि की सुविधा होगी। राज्य सरकार हाईवे की जद में भूमि खरीद कर औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर सकती है। एनसी मिश्रा, अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दिल्ली