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Shamli News: रात में ठंड, दिन में गर्मी बिगाड़ रही सेहत, बरतें सावधानी
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शामली। जिले में बदल रहे मौसम के चलते दिन में गर्मी और रात में ठंड लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। दिन और रात के तापमान में 18-20 डिग्री सेल्सियस का अंतर चल रहा है। इसके चलते वायरल संक्रमण के मरीज अस्पताल में बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में खानपान और कपड़े पहनने में लापरवाही लोगों का स्वास्थ्य बिगाड़ रही है।
एक सप्ताह पहले तक जिला अस्पताल में ओपीडी में नए मरीज 700 के आसपास आ रहे थे, लेकिन अब नए पर्चे वाले मरीजों की संख्या एक हजार के पार चल रही है। पुराने पर्चे पर आए मरीजों को शामिल करें तो मरीजों की संख्या 1300 के करीब हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा मौसम में बदलाव के कारण बीमार होने वाले मरीज हैं। चिकित्सक समद अली ने बताया कि इस समय वायरल बुखार, नजला, खांसी के मरीज सबसे ज्यादा है। ओपीडी में इस तरह के मरीजों की संख्या लगभग 500 के आसपास होती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि दिन में गर्मी और रात को ठंडा मौसम होने के कारण चल रहे तापमान के अंतर को शरीर सहन नहीं कर पाता। इस तरह के मौसम में बच्चे और बुजुर्ग और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। अस्पताल में भीड़ के कारण मरीजों को इलाज के लिए कतार में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि लोगों को खानपान और कपड़े पहनने में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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- ये बरतें सावधानी
- दिन में पसीना ज्यादा निकलने के कारण ज्यादा पानी पिये।
- दिन में नींबू पानी और नारियल पानी पीते रहें। रात में हल्का गुनगुना पानी पी सकते हैं।
- दिन के समय सूती और हल्के कपड़े पहने और रात में ठंड से बचाव को हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- हल्का और पौष्टिक भोजन ले। दिन में फल और सलाद का ज्यादा सेवन करें।
- ज्यादा तली भुनी और ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- रात में व सुबह के समय ठंडी हवा से बचाव करें।
- अदरक, तुलसी वाली चाय का सेवन करें।
- विटामिन सी युक्त फल संतरा, आंवला आदि का सेवन करें।
- सर्दी, जुकाम व बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से दवा लें।
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एक सप्ताह पहले तक जिला अस्पताल में ओपीडी में नए मरीज 700 के आसपास आ रहे थे, लेकिन अब नए पर्चे वाले मरीजों की संख्या एक हजार के पार चल रही है। पुराने पर्चे पर आए मरीजों को शामिल करें तो मरीजों की संख्या 1300 के करीब हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा मौसम में बदलाव के कारण बीमार होने वाले मरीज हैं। चिकित्सक समद अली ने बताया कि इस समय वायरल बुखार, नजला, खांसी के मरीज सबसे ज्यादा है। ओपीडी में इस तरह के मरीजों की संख्या लगभग 500 के आसपास होती है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि दिन में गर्मी और रात को ठंडा मौसम होने के कारण चल रहे तापमान के अंतर को शरीर सहन नहीं कर पाता। इस तरह के मौसम में बच्चे और बुजुर्ग और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। अस्पताल में भीड़ के कारण मरीजों को इलाज के लिए कतार में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि लोगों को खानपान और कपड़े पहनने में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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- ये बरतें सावधानी
- दिन में पसीना ज्यादा निकलने के कारण ज्यादा पानी पिये।
- दिन में नींबू पानी और नारियल पानी पीते रहें। रात में हल्का गुनगुना पानी पी सकते हैं।
- दिन के समय सूती और हल्के कपड़े पहने और रात में ठंड से बचाव को हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- हल्का और पौष्टिक भोजन ले। दिन में फल और सलाद का ज्यादा सेवन करें।
- ज्यादा तली भुनी और ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- रात में व सुबह के समय ठंडी हवा से बचाव करें।
- अदरक, तुलसी वाली चाय का सेवन करें।
- विटामिन सी युक्त फल संतरा, आंवला आदि का सेवन करें।
- सर्दी, जुकाम व बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से दवा लें।