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Shamli News: छापों के दाैरान बंद मिले अधिकांश कोचिंग सेंटर
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शामली। कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में सुरक्षा मानकों की जांच को लेकर प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को अधिकारियों के छापों और जांच अभियान के चलते शहर के अधिकांश कोचिंग सेंटर बंद मिले। कई स्थानों पर कोचिंग संस्थानों के बाहर ताले लटके दिखाई दिए। वहीं जो कोचिंग सेंटर खुले मिले, उन्हें आवश्यक मानक पूरे करने और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
हाल ही में लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद शासन ने प्रदेशभर में कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और बेसमेंट में संचालित संस्थानों की जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद शामली जिले में भी प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने शहर और कस्बों के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान शहर के आर्यपुरी, नाला पटरी और सीबी गुप्ता कॉलोनी क्षेत्र में संचालित कई कोचिंग सेंटर बंद मिले। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही अधिकांश संस्थानों पर ताले लग चुके थे। वहीं अग्रसेन पार्क के निकट स्थित त्यागी कोचिंग सेंटर और भगत सिंह कोचिंग सेंटर खुले मिले। यहां अधिकारियों ने संचालकों से सुरक्षा संबंधी दस्तावेजों और अग्निशमन व्यवस्था की जानकारी ली तथा सभी मानक पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि आगामी निरीक्षण में कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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उधर कस्बा कैराना में भी प्रशासनिक कार्रवाई जारी रही। यहां चाणक्य कोचिंग सेंटर और तक्षशिला कोचिंग सेंटर को बंद कराया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से गठित सात सदस्यीय टीम भी जिलेभर में कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर रही है। टीम को सभी संस्थानों की जांच कर 10 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ऐश्वर्या जायसवाल ने बताया कि जिले में केवल 24 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं, जबकि 200 से अधिक कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश संस्थानों में सुरक्षा और अग्निशमन मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
जिलाधिकारी आलोक यादव ने बताया कि कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और बेसमेंट में संचालित अस्पतालों की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम में एसडीएम, सीओ, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, शिक्षा विभाग तथा नगर निकाय के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षा, अग्निशमन और अन्य आवश्यक मानकों की गहन जांच करेगी।
फायर स्टेशन अधिकारी युवकेश ने बताया कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। शुक्रवार को भी शहर और कस्बों में टीमों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवश्यक मानक पूरे करने के बाद ही संस्थानों का संचालन करें।
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हाल ही में लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद शासन ने प्रदेशभर में कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और बेसमेंट में संचालित संस्थानों की जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद शामली जिले में भी प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने शहर और कस्बों के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया।
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जांच के दौरान शहर के आर्यपुरी, नाला पटरी और सीबी गुप्ता कॉलोनी क्षेत्र में संचालित कई कोचिंग सेंटर बंद मिले। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही अधिकांश संस्थानों पर ताले लग चुके थे। वहीं अग्रसेन पार्क के निकट स्थित त्यागी कोचिंग सेंटर और भगत सिंह कोचिंग सेंटर खुले मिले। यहां अधिकारियों ने संचालकों से सुरक्षा संबंधी दस्तावेजों और अग्निशमन व्यवस्था की जानकारी ली तथा सभी मानक पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि आगामी निरीक्षण में कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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उधर कस्बा कैराना में भी प्रशासनिक कार्रवाई जारी रही। यहां चाणक्य कोचिंग सेंटर और तक्षशिला कोचिंग सेंटर को बंद कराया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से गठित सात सदस्यीय टीम भी जिलेभर में कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर रही है। टीम को सभी संस्थानों की जांच कर 10 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ऐश्वर्या जायसवाल ने बताया कि जिले में केवल 24 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं, जबकि 200 से अधिक कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश संस्थानों में सुरक्षा और अग्निशमन मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
जिलाधिकारी आलोक यादव ने बताया कि कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और बेसमेंट में संचालित अस्पतालों की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम में एसडीएम, सीओ, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, शिक्षा विभाग तथा नगर निकाय के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षा, अग्निशमन और अन्य आवश्यक मानकों की गहन जांच करेगी।
फायर स्टेशन अधिकारी युवकेश ने बताया कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। शुक्रवार को भी शहर और कस्बों में टीमों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवश्यक मानक पूरे करने के बाद ही संस्थानों का संचालन करें।