फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Clerk trapped in anti-corruption trap after 10 days of filing

Shamli News: 10 दिन की फिल्डिंग के बाद एंटी करप्शन के जाल में फंसा लिपिक

Sun, 01 Oct 2023 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 01 Oct 2023 12:50 AM IST
विज्ञापन
Clerk trapped in anti-corruption trap after 10 days of filing
शामली विकास भवन के डीडीओ कार्यालय में पकडा रिशवत लेने का आरोपी बाबू अक्ष्य
शामली। सहारनपुर की एंटी करप्शन टीम ने दस दिन की फिल्डिंग के बाद लिपिक को रंगे हाथ दबोचने में सफलता हासिल की है। शिकायत के बाद टीम लगी हुई थी। एक बार लिपिक के कार्यालय में नहीं मिलने पर टीम लौट गई थी। शनिवार को लिपिक को टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़कर सफलता हासिल की।
विज्ञापन

भैंसवाल गांव के अश्वनी की शिकायत पर सहारनपुर की एंटी करप्शन टीम डीडीओ कार्यालय के लिपिक अक्षय को रंगेहाथ पकड़ने के लिए दस दिन लगी हुई थी। एक सप्ताह पहले टीम जब लिपिक अक्षय को रंगेहाथ पकड़ने के लिए अश्वनी के साथ पहुंची तो कार्यालय में लिपिक नहीं मिला। वह किसी कार्य से बाहर गया हुआ था। उसके बाद लिपिक से कई बार संपर्क किया, लेकिन वह कार्यालय से गायब रहा। उसके बाद पीड़ित ने लिपिक अक्षय से बिल पास कराने के लिए दी जाने वाली तीस हजार की रिश्वत को देने के लिए उससे मिलने का समय मांगा। लिपिक अक्षय ने शनिवार को उसको 11 बजे कार्यालय बुलाया। टीम ने पीड़ित को 500-500 के 60 नोट देकर कार्यालय में भेजा। जैसे ही उसने लिपिक अक्षय को रुपये दिए और उसने गिनने शुरू किए तो सहारनपुर की एंटी करप्शन टीम प्रभारी सुभाष चंद्रा ने उसको रंगेहाथ पकड़ लिया।
विज्ञापन

ऑफिस में बुलाकर रिश्वत की मांग की
अश्वनी का आरोप है कि इस मामले में डीडीओ रजत कुमार जिन पर विकास अधिकारी का भी चार्ज था और उनके लिपिक अक्षय कुमार ने कई बार ऑफिस में बुलाकर रिश्वत की मांग की। जिसमें उन्होंने मेरे से कई बार ऑफिस में बाहर या फोन के माध्यम से भी रिश्वत की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेखपाल व बीएसए कार्यालय का बाबू हो चुका है गिरफ्तार
सरकारी कार्यालयों में रिश्वत लेने का मामला नया नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई कर्मचारी कार्य करने नाम पर रिश्वत लेते पकड़े जा चुका है। मुजफ्फरनगर के एक किसान से लेखपाल को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। उसके बाद बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू निलंबित शिक्षिका को बहाल करने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा था। इस मामले में तत्कालीन बीएसए राहुल कुमार का नाम सामने आया था और टीम इस मामले में जांच कर रही है।

टीम ने डीडीओ का नाम किया शामिल
एंटी करप्शन टीम इंचार्ज सुभाष चंद्रा का कहना है कि हम लोगों ने 30000 की रिश्वत लेते हुए विकास भवन के एक बाबू अक्षय को गिरफ्तार किया है। पीड़ित अश्वनी के बयान के आधार पर डीडीओ रजत यादव का नाम भी जांच में शामिल किया गया है और जांच करने के बाद कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
आखिर क्यों एक साल का अनुबंध पांच माह में किया खत्म
एनआरएलएम विभाग में एक साल के लिए गाड़ी का अनुबंध किया गया था, लेकिन पांच माह में ही अनुबंध खत्म करना भ्रष्टाचार की पोल खोलना है। जब गाड़ी का अनुबंध हो गया था तो उसको पांच माह में क्यों खत्म किया गया है। इसके अलावा भी कई बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है और अधिकारी भी सवालों के घेरे में आ रहे हैं।
विकास भवन में मची रही अफरातफरी
विकास भवन में जैसे ही टीम ने लिपिक अक्षय को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा तो अन्य कार्यालयों में भी अफरातफरी मच गई। जिसके बाद कर्मचारी भी फरियादियोंं से बात करने से कतरा रहे थे।

डीएम ने तहसीलदार को भेजा
डीएम रविंद्र सिंह को जैसे ही लिपिक अक्षय के रिश्वत लेते हुए पकड़ने की सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल तहसीलदार को कोतवाली भेजा। जिसके बाद तहसीलदार ने भी पीड़ित के बयान लिए और अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी।

पीड़ित और कर्मचारी की फोन पर कुछ यूं हुई थी बात...
पीड़ित- मेरा पांच माह से गाड़ी का भुगतान लंबित है, भाई इसे करा दो
लिपिक- यदि भुगतान कराना है तो बीस फीसदी पैसा देना होगा
पीड़ित- वह बीस फीसदी कहां से लाएगा, थोड़ा कम कर लो
लिपिक- बीस फीसदी यानि तीस हजार से कम पर कार्य नहीं होगा
पीड़ित- वह कहां से लाएगा इतना पैसा
लिपिक- बिल में कमी निकाल दी जाएगी और फिर भटकते रहना
पीड़ित अश्वनी डीडीओ कार्यालय पहुंचा

पीड़ित: सर मेरा पांच माह का गाड़ी का भुगतान लंबित है इसको करा दो
डीडीओ- लिपिक से बात कर लेना, तुम्हारा भुगतान हो जाएगा
पीड़ित: सर आप लिपिक को बुलाकर कह दो
डीडीओ- अक्षय इनकी फाइल सही से जांच करने के बाद बात कर भुगतान कर देना
पीड़ित- अभी तक भुगतान नहीं हुआ, परेशान हो चुका हूं
डीडीओ- आवास पर आ जाना फिर बात करेंगे
पीड़ित- सर बताओ
डीडीओ- लिपिक ने जो बीस फीसदी मांगा है उसको करा दो भुगतान हो जाएगा, बात खत्म
पीड़ित द्वारा एंटी करप्शन टीम को सौंपी रिकॉर्डिंग व बताई गई बातों के आधार पर है।

शामली विकास भवन के डीडीओ कार्यालय में पकडा रिशवत लेने का आरोपी बाबू अक्ष्य

शामली विकास भवन के डीडीओ कार्यालय में पकडा रिशवत लेने का आरोपी बाबू अक्ष्य

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed