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सिटीजन फीडबैक लेने में जुटे पालिका कर्मचारी
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स्वच्छता सर्वेक्षण : सिटीजन फीडबैक लेने में जुटे पालिका कर्मचारी
शामली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सिटीजन फीडबैक का अंतिम दिन होने के कारण नगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी दिनभर लोगों से ऑनलाइन फीडबैक भिजवाने में जुटे रहे। पालिका ने इस बार 12 हजार लोगों की फीड बैक भिजवाने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अंतिम दिन तक आधे से कम ही लक्ष्य पूरा हो सका।
भारत सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निकायों में कराए जाने वाले कार्यों की हकीकत जानने के लिए देशभर में चार जनवरी से 31 जनवरी तक स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है। सर्वेक्षण के आधार पर शहरों को रैंकिंग जारी की जाती है। पिछले तिमाही में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की स्थिति अच्छी नहीं रही। इस महीने हुए सर्वेक्षण में नगरपालिका के लिए अच्छी रैंक पाने के लिए अंतिम मौका था। स्वच्छता सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक की भी अहम रोल होता है। सर्वेक्षण के कुछ छह हजार अंकों में सिटीजन फीडबैक के 1500 अंक मिलते है।
नगरपालिका ने सिटीजन फीडबैक पर पूरा जोर दिया है ताकि अधिक से अधिक लोगों की फीडबैक स्वच्छ भारत मिशन की साइट पर पहुंच सके। इसके लिए पालिका ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को 12 हजार लोगों की फीड बैक दिलाने का लक्ष्य तय किया था। शुक्रवार को सिटीजन फीडबैक का अंतिम दिन होने के कारण पालिका कर्मचारी और अधिकारी दिनभर शहर में घूमकर लोगों को जागरूक कर फीडबैक भिजवाने में लगे रहे। शुक्रवार शाम तक लगभग 5200 लोगों की ऑनलाइन फीडबैक भेजी जा सकी, तो निर्धारित लक्ष्य के आधे से भी कम रही।
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जीएफसी का प्रमाण पत्र न होने से कटेंगे अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण में कुल छह हजार अंकों में एक हजार अंक जीएफसी (गार्वेज फ्री सिटी) प्रमाणपत्र के निर्धारित हैं। शामली शहर को जीएफसी का प्रमाण पत्र नहीं मिला है। स्वच्छता मिशन के जिला कोआर्डिनेटर उत्तम कुमार ने बताया कि जीएफसीके लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का यूजर चार्ज लेने समेत कई शर्तें हैं। शामली में कूड़ा कलेक्शन का चार्ज घर-घर से नहीं लिया जाता, जिस कारण अभी तक जीएफसी के आवेदन नहीं किया गया है। शहर ओडीएफ घोषित हो चुका है, इसके उन्हें निर्धारित अंक मिलेंगे।
स्वच्छता सर्वेक्षण में इस तरह होगी रैंकिंग
सिटीजन फीडबैक- 1500 अंक
एवरेज रैंक - 200 अंक
सर्विस लेवल प्रोग्रेस- 1300 अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण- 1500
ओडीएफ - 500 अंक
जीएफसी- 1000 अंक
--------कोट
स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की आबादी का पांच प्रतिशत सिटीजन फीडबैक न्यूनतम मानक है। शामली की आबादी के हिसाब से पांच हजार से अधिक फीडबैक मिलने से न्यूनतम मानक का पूरा कर लिया गया है। पालिका कर्मचारियों को अधिक से अधिक फीडबैक भिजवाने के लिए अपने स्तर से 12 हजार लोगों का लक्ष्य तय किया गया गया था - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
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शामली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सिटीजन फीडबैक का अंतिम दिन होने के कारण नगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी दिनभर लोगों से ऑनलाइन फीडबैक भिजवाने में जुटे रहे। पालिका ने इस बार 12 हजार लोगों की फीड बैक भिजवाने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अंतिम दिन तक आधे से कम ही लक्ष्य पूरा हो सका।
भारत सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निकायों में कराए जाने वाले कार्यों की हकीकत जानने के लिए देशभर में चार जनवरी से 31 जनवरी तक स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है। सर्वेक्षण के आधार पर शहरों को रैंकिंग जारी की जाती है। पिछले तिमाही में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की स्थिति अच्छी नहीं रही। इस महीने हुए सर्वेक्षण में नगरपालिका के लिए अच्छी रैंक पाने के लिए अंतिम मौका था। स्वच्छता सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक की भी अहम रोल होता है। सर्वेक्षण के कुछ छह हजार अंकों में सिटीजन फीडबैक के 1500 अंक मिलते है।
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नगरपालिका ने सिटीजन फीडबैक पर पूरा जोर दिया है ताकि अधिक से अधिक लोगों की फीडबैक स्वच्छ भारत मिशन की साइट पर पहुंच सके। इसके लिए पालिका ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को 12 हजार लोगों की फीड बैक दिलाने का लक्ष्य तय किया था। शुक्रवार को सिटीजन फीडबैक का अंतिम दिन होने के कारण पालिका कर्मचारी और अधिकारी दिनभर शहर में घूमकर लोगों को जागरूक कर फीडबैक भिजवाने में लगे रहे। शुक्रवार शाम तक लगभग 5200 लोगों की ऑनलाइन फीडबैक भेजी जा सकी, तो निर्धारित लक्ष्य के आधे से भी कम रही।
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जीएफसी का प्रमाण पत्र न होने से कटेंगे अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण में कुल छह हजार अंकों में एक हजार अंक जीएफसी (गार्वेज फ्री सिटी) प्रमाणपत्र के निर्धारित हैं। शामली शहर को जीएफसी का प्रमाण पत्र नहीं मिला है। स्वच्छता मिशन के जिला कोआर्डिनेटर उत्तम कुमार ने बताया कि जीएफसीके लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का यूजर चार्ज लेने समेत कई शर्तें हैं। शामली में कूड़ा कलेक्शन का चार्ज घर-घर से नहीं लिया जाता, जिस कारण अभी तक जीएफसी के आवेदन नहीं किया गया है। शहर ओडीएफ घोषित हो चुका है, इसके उन्हें निर्धारित अंक मिलेंगे।
स्वच्छता सर्वेक्षण में इस तरह होगी रैंकिंग
सिटीजन फीडबैक- 1500 अंक
एवरेज रैंक - 200 अंक
सर्विस लेवल प्रोग्रेस- 1300 अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण- 1500
ओडीएफ - 500 अंक
जीएफसी- 1000 अंक
--------कोट
स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की आबादी का पांच प्रतिशत सिटीजन फीडबैक न्यूनतम मानक है। शामली की आबादी के हिसाब से पांच हजार से अधिक फीडबैक मिलने से न्यूनतम मानक का पूरा कर लिया गया है। पालिका कर्मचारियों को अधिक से अधिक फीडबैक भिजवाने के लिए अपने स्तर से 12 हजार लोगों का लक्ष्य तय किया गया गया था - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।