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Shamli News: मौसम में बनी ठिठुरन, हडि्डयों में होने लगी जकड़न
Sun, 10 Dec 2023 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 10 Dec 2023 12:03 AM IST
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शामली। मौसम लगातार ठंडा होने से सुबह-शाम ठिठुरन बन रही है। ठिठुरन बढ़ने के साथ अस्पतालों में हडि्डयाें और शरीर के जोड़ों में दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हड्डी से संबंधित आने वाले मरीजों में आधे से ज्यादा जोड़ों के दर्द वाले मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक उन्हें ठंड से बचने की सलाह दे रहे हैं।
पहाड़ों में बर्फबारी शुरू होने से मैदानी इलाकों में भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है। जिले में रात को मौसम ठंडा होने से सुबह-शाम ठिठुरन बन रही है। दिन के समय ठंडी हवा चलती है। धूप निकलने पर हवा में ठंड का अहसास होता है। ठंड का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ना शुरू हो गया है। इस मौसम में हड्डी रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सीएचसी शामली में रोजाना करीब 125 मरीज आ रहे हैं। इनमें करीब 70 मरीज जोड़ों में दर्द के और करीब 15 मरीज कमर दर्द के है। इसके अलावा चोट लगने व फ्रैक्चर के मरीज आ रहे हैं।
सीएचसी शामली के चिकित्साधीक्षक एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर के जोड़ों में ऐंठन होने लगती है, जिससे दर्द होने लगता है। कोई पुरानी चोट होती है तो ठंडी हवा चलने से वह भी दर्द करने लगती है। जो मरीज गठिया बाय के होते हैं, वैसे तो उन्हें दर्द रहता है, लेकिन सर्दी के मौसम में दर्द ज्यादा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि इस तरह के मरीजों को ठंड से बचाव करना चाहिए औ कोई भी समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए।
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जिला अस्पताल में नहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ
शामली। जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण मरीज परेशान रहते हैं। सर्दी के मौसम में हड्डी संबंधी रोगों के मरीज रोजाना आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सक न होने के कारण मरीज बिना उपचार के ही वापस जाने को मजबूर होते हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि हड्डी रोग विशेषज्ञ के लिए शासन को पत्राचार किया गया है।
ये बरतें सावधानी
-ठंड से बचाव को गर्म ऊनी कपड़े पहने।
- ठंडी हवा में घर से बाहर न निकले।
- खानपान में ठंडी चीजों का सेवन करने से बचे।
- कोई परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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पहाड़ों में बर्फबारी शुरू होने से मैदानी इलाकों में भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है। जिले में रात को मौसम ठंडा होने से सुबह-शाम ठिठुरन बन रही है। दिन के समय ठंडी हवा चलती है। धूप निकलने पर हवा में ठंड का अहसास होता है। ठंड का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ना शुरू हो गया है। इस मौसम में हड्डी रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सीएचसी शामली में रोजाना करीब 125 मरीज आ रहे हैं। इनमें करीब 70 मरीज जोड़ों में दर्द के और करीब 15 मरीज कमर दर्द के है। इसके अलावा चोट लगने व फ्रैक्चर के मरीज आ रहे हैं।
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सीएचसी शामली के चिकित्साधीक्षक एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर के जोड़ों में ऐंठन होने लगती है, जिससे दर्द होने लगता है। कोई पुरानी चोट होती है तो ठंडी हवा चलने से वह भी दर्द करने लगती है। जो मरीज गठिया बाय के होते हैं, वैसे तो उन्हें दर्द रहता है, लेकिन सर्दी के मौसम में दर्द ज्यादा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि इस तरह के मरीजों को ठंड से बचाव करना चाहिए औ कोई भी समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए।
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जिला अस्पताल में नहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ
शामली। जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण मरीज परेशान रहते हैं। सर्दी के मौसम में हड्डी संबंधी रोगों के मरीज रोजाना आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सक न होने के कारण मरीज बिना उपचार के ही वापस जाने को मजबूर होते हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि हड्डी रोग विशेषज्ञ के लिए शासन को पत्राचार किया गया है।
ये बरतें सावधानी
-ठंड से बचाव को गर्म ऊनी कपड़े पहने।
- ठंडी हवा में घर से बाहर न निकले।
- खानपान में ठंडी चीजों का सेवन करने से बचे।
- कोई परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।