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Shamli News: तीसरी कक्षा तक के बच्चों को देनी होगी निपुण परीक्षा

Fri, 12 Apr 2024 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2024 01:00 AM IST
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Children up to third class will have to appear for expert exam.
शामली। परिषदीय स्कूलों के बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहतर होगा। इसके लिए कक्षा एक से तीन तक पंजीकृत बच्चों को हिंदी व गणित में दक्ष बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की है।
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प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाते हुए स्कूल को निपुण बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक कार्य एफएलएन के तहत प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए नई पहल की है। इसमें पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को निपुणता की परीक्षा देनी होगी। यदि बच्चा पास नहीं होता है तो उसे निपुण विद्यार्थी का दर्जा नहीं मिल पाएगा। साथ ही उसे नए शैक्षणिक सत्र में पहले तीन महीने में पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम को दोबारा करवाया जाएगा। बीएसए कुमारी कोमल ने बताया कि शैक्षिक में शतप्रतिशत स्कूल को निपुण बनाते हुए बच्चों को हिंदी व गणित में दक्ष किया जाएगा। इसके लिए बीईओ, एआरपी व प्रधानाध्यापकों को जिम्मेदारी दी गई है। परिषदीय स्कूलों में बाल वाटिका से लेकर कक्षा तीन तक एफएलएन के तहत पढ़ाई करवाई जा रही है।
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-कक्षा दो के बच्चों को 99 तक जोड़ आना जरूरी
गणित में बाल वाटिका के बच्चों को दस तक संख्या पढ़नी आनी चाहिए। एक अंकीय जोड़ व घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना। कक्षा दूसरी के बच्चों को 99 तक जोड़, दो अंकीय घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना, कक्षा तीसरी के बच्चों को 99 तक जोड़, तीन अंकीय का घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना जरूरी है।
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-बच्चों में पढ़ने की कला होना जरूरी
हिंदी में बच्चों को निपुण बनाने के लिए मूलभूत भाषा व साक्षरता, शब्दावली, पढ़ना समझना, मौखिक भाषा का विकास, पठन प्रवाह, प्रिंट के बारे में अवधारणा, लेखन और कल्चर ऑफ रीडिंग में परिपक्व बनाना होगा। कोई बच्चा यह सब पढ़ने व समझने में सक्षम नहीं है तो उस विद्यार्थी को निपुण छात्र का दर्जा नहीं दिया जाएगा।

-75 प्रतिशत प्रश्न हल करने होंगे
बाल वाटिका से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को हिंदी और गणित में निधारित सूची में से दो अक्षर वाले पांच शब्दों को सही से पढ़ना होगा। पहली कक्षा के बच्चों को पांच सरल शब्दों के दो अक्षर से बने वाक्य पढ़ने होंगे। दूसरी कक्षा के बच्चों को अनुच्छेद को 45 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ना और अनुच्छेद को पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना होगा।
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