फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Children in the grip of winter diarrhea, cases increase in hospitals

विंटर डायरिया की चपेट में बच्चे, अस्पतालों में बढ़े केस

Thu, 03 Dec 2020 12:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 12:05 AM IST
विज्ञापन
Children in the grip of winter diarrhea, cases increase in hospitals
नर्सिंगहोम में भर्ती बीमार बच्चा। - फोटो : SHAMLI
शामली। ठंड बढ़ने के साथ ही मासूमों को विंटर डायरिया चपेट में ले रहा है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में विंटर डायरिया से पीड़ित बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन

पिछले करीब 15 दिन से तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड की मार सबसे ज्यादा मासूमों पर पड़ रही है। इस मौसम में विंटर डायरिया मासूमों को अपनी चपेट में ले रहा है। इसके चलते निजी अस्पतालों में विंटर डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेदभानू मलिक ने बताया कि विंटर डायरिया से एक साल तक की उम्र के बच्चों में ज्यादा है। उनके यहां 100 बच्चों में 40 से 50 बच्चे विंटर डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। पहले बच्चों को सर्दी जुकाम और हल्का बुखार होता है। इसके बाद डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आईएमए के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि पांच साल के बच्चों पर ठंड का ज्यादा असर पड़ रहा है। इस उम्र के बच्चे विंटर डायरिया का शिकार हो रहे हैं। कुल मरीजों में लगभग 45 प्रतिशत बच्चे विंटर डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। उन्होंने ठंड से बच्चों को बचाने के सभी उपाय करने की सलाह दी। सीएचसी शामली के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि ठंड में बच्चों को विंटर डायरिया होने का खतरा रहता है। ठंड से बच्चों बचाना चाहिए।
--
शुरूआती लक्षण
गले में खरास या दुखना
सर्दी, जुकाम, खांसी होना
हल्का बुखार होना।
--
बचाव
खाने पीने की चीजों में साफ-सफाई का ध्यान रखें।
सर्दी से बचने के गरम ऊनी कपड़े पहने।
ठंडी हवा से बचाव करें।
नजला-जुकाम वाले मरीजों से बच्चों को दूर रखें।
गुनगुना तरल पदार्थ पिलाएं।
बाहर की खाने पीने की चीजों का सेवन न करें।
बच्चों को मां का दूध ज्यादा से ज्याद पिलाएं।
डायरिया होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
एक साल तक के बच्चों को रोटा वायरस के टीके लगवाएं।

नर्सिंगहोम में भर्ती बीमार बच्चा।

नर्सिंगहोम में भर्ती बीमार बच्चा।- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed