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Shamli News: परिषदीय विद्यालयों में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे

Thu, 04 Jul 2024 02:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Thu, 04 Jul 2024 02:57 AM IST
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Children forced to risk their lives to study in council schools
प्राथमिक  विद्यालय बनत न02 में बिना लाइट के गर्मी में पढाई करते बच्चे  ।
शामली। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों में जान जोखिम में डालकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर है। कई विद्यालयों के ऊपर से विद्युत लाइन जा रही है तो कहीं पर स्कूल की इमारत ही जर्जर हालत में है। इसके अलावा कई जगहों पर विद्यार्थी अभी भी जमीन पर टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। बुधवार को जिले में कई परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल की गई तो इस तरह की स्थिति सामने आई।
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गांव हसनपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन जर्जर हालत में मिला। दीवारों व छत में सीलन के कारण सीमेंट का मलबा जगह-जगह टूटा हुआ था। विद्यार्थी टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हुए मिले। कमरे की खिड़की भी जर्जर हालत में थी। प्रधानाध्यापिका मंजू ने बताया कि अभी बच्चों के लिए बेंच नहीं आई है। इस कारण टाट पट्टी पर बैठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
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प्राथमिक विद्यालय बनत नंबर दो में बिजली न आने के कारण पंखे बंद थे और कमरे में अंधेरा छाया था। कमरे में लगी खिड़की का सरिया निकला हुआ था। एक कमरे में गैस सिलिंडर व चूल्हा रखा था। कमरे में ही शिक्षिका की स्कूटी खड़ी थी। कमरे में सामान अस्त व्यस्त था और उनका रखरखाव भी ठीक नहीं था। बच्चे बरामदे में टाट पट्टी पर बैठकर पढाई करते हुए मिले। प्रधानाध्यापिका उमा रानी ने बताया कि अभी विद्यालय में बेंच न होने के कारण बच्चे टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं।
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चौसाना क्षेत्र के गांव टोडा के प्राथमिक स्कूल के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजर रही है। अध्यापकों का कहना है कि अधिक गर्मी में तार टूटकर गिरने और बरसात में करंट दौड़ने का खतरा रहता है। स्कूल में कुल छात्र 50 में बुधवार को 25 की उपस्थिति दर्ज थी। छात्र टाट पट्टी पर बैठकर खुले आसमान के नीचे पढ़ रहे थे। अध्यपिका कमंदरा का कहना है कि अधिक गर्मी के कारण विद्यार्थियों को बाहर बैठाया गया था। विद्युत लाइन के संबंध में विभागीय अधिकारियों को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
कांधला के मोहल्ला गुजरान स्थित प्राथमिक विद्यालय बालक नंबर सात के पास जमीन पर ही विद्युत ट्रांसफार्मर रखे जाने के कारण छात्राओं की जान को खतरा बना रहता हैं। प्रधानाध्यापक इंचार्ज राजेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व में विद्युत विभाग को लिखित में शिकायत की गई थी लेकिन विद्युत विभाग की तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल के रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद भी नगर पालिका ने कोई ध्यान नहीं दिया।
ऊन कस्बे के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में में बच्चे टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ते मिले। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए अभी तक बेंच नही आई। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी विकास पंवार ने बताया कि अभी कुछ स्कूलों में डीएलएफ निधि व कृषि भूमि के पैसे से फर्नीचर आया है। बाकी स्कूलों में भी फर्नीचर जल्दी ही आ जाएगा।

जिले में लगभग 75 प्रतिशत विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था है। बाकी स्कूलों में भी जल्द ही बेंच की व्यवस्था की जाएगी। पिछले करीब आठ माह में ज्यादातर स्कूलों से विद्युत लाइन व ट्रांसफार्मर हटाए जा चुके हैं। छह-सात स्कूल रह गए हैं, उनके लिए भी विद्युत विभाग को पत्र भेजा गया है। जल्द ही उन विद्यालयों से विद्युत संबंधी समस्या का समाधान हो जाएगा।

- विकास कुमार, प्रभारी बीएसए

प्राथमिक  विद्यालय बनत   न02 में बिना लाइट  के गर्मी में पढाई करते बच्चे  ।

प्राथमिक  विद्यालय बनत न02 में बिना लाइट के गर्मी में पढाई करते बच्चे  ।

प्राथमिक  विद्यालय बनत   न02 में बिना लाइट  के गर्मी में पढाई करते बच्चे  ।

प्राथमिक  विद्यालय बनत न02 में बिना लाइट के गर्मी में पढाई करते बच्चे  ।

प्राथमिक  विद्यालय बनत   न02 में बिना लाइट  के गर्मी में पढाई करते बच्चे  ।

प्राथमिक  विद्यालय बनत न02 में बिना लाइट के गर्मी में पढाई करते बच्चे  ।

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