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Shamli News: निमोनिया, कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे
Sat, 16 Dec 2023 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:31 AM IST
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शामली। जिले में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बच्चों की सेहत पर ठंड का असर पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से सरकारी व निजी अस्पतालों में ठंड से निमोनिया व कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा नजला, जुकाम व खांसी के मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड से बच्चों को बचाने के लिए सभी जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिसंबर माह में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। रात को मौसम ज्यादा ठंडा होने के साथ ही सुबह व शाम को ठिठुरन बनी रहती है। दिन में धूप भी निकल रही है, लेकिन ठंडी हवा चलने के कारण सर्दी से ज्यादा राहत नहीं मिल पाती। ठंड का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस वजह से सरकारी व निजी अस्पतालों में ठंड से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। दस साल तक के बच्चे ठंड का शिकार हो रहे हैं। एक सप्ताह में ठंड से बीमार होने वाले बच्चों की संख्या करीब 15 प्रतिशत बढ़ी है। ठंड लगने से निमोनिया, कोल्ड डायरिया, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वैसे तो इस समय हेल्दी सीजन माना जाता है, लेकिन ठंड के मौसम में बच्चों में निमोनिया और कोल्ड डायरिया के होने की संभावना रहती है। इस मौसम में बच्चों को ठंड से बचाव के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। सीएचसी के चिकित्सक उपकार मलिक का कहना है कि ठंड लगने की वजह से कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। डॉ. वेदभानू मलिक ने बताया कि कोल्ड डायरिया के केस कम है, लेकिन निमोनिया के केस ज्यादा आ रहे हैं। इसके अलावा ठंड लगने से नजला जुकाम व खांसी के मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं। इस मौसम में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
सावधानी।
- पानी में बार-बार भीगने से बचे।
- ज्यादा ठंडी चीजों के खाने पीने से परहेज करें।
- गीले व नमी वाले कपड़े न पहने।
- ऊनी गर्म कपड़े पहने।
- घर से बाहर निकलते समय शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहने।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
निमोनिया के लक्षण-
- सांस लेने में परेशानी होना।
- चिड़चिड़ापन होना।
-पसलियां चलना।
- बच्चे का रोते हुए चुप न होना।
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दिसंबर माह में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। रात को मौसम ज्यादा ठंडा होने के साथ ही सुबह व शाम को ठिठुरन बनी रहती है। दिन में धूप भी निकल रही है, लेकिन ठंडी हवा चलने के कारण सर्दी से ज्यादा राहत नहीं मिल पाती। ठंड का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस वजह से सरकारी व निजी अस्पतालों में ठंड से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। दस साल तक के बच्चे ठंड का शिकार हो रहे हैं। एक सप्ताह में ठंड से बीमार होने वाले बच्चों की संख्या करीब 15 प्रतिशत बढ़ी है। ठंड लगने से निमोनिया, कोल्ड डायरिया, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वैसे तो इस समय हेल्दी सीजन माना जाता है, लेकिन ठंड के मौसम में बच्चों में निमोनिया और कोल्ड डायरिया के होने की संभावना रहती है। इस मौसम में बच्चों को ठंड से बचाव के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। सीएचसी के चिकित्सक उपकार मलिक का कहना है कि ठंड लगने की वजह से कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। डॉ. वेदभानू मलिक ने बताया कि कोल्ड डायरिया के केस कम है, लेकिन निमोनिया के केस ज्यादा आ रहे हैं। इसके अलावा ठंड लगने से नजला जुकाम व खांसी के मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं। इस मौसम में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
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सावधानी।
- पानी में बार-बार भीगने से बचे।
- ज्यादा ठंडी चीजों के खाने पीने से परहेज करें।
- गीले व नमी वाले कपड़े न पहने।
- ऊनी गर्म कपड़े पहने।
- घर से बाहर निकलते समय शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहने।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
निमोनिया के लक्षण-
- सांस लेने में परेशानी होना।
- चिड़चिड़ापन होना।
-पसलियां चलना।
- बच्चे का रोते हुए चुप न होना।