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टीकाकरण से वंचित बच्चों खोजेंगी आशाएं
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शामली। जनपद में टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को तलाश करने के लिये डोर टू डोर अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत आशाएं घर-घर जाकर टीकाकरण में छूटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का सर्वे किया जाएगा। यह विशेष अभियान 21 नवंबर तक चलेगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कराने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। इसके बाद भी जिले में संपूर्ण टीकाकरण नहीं हो पाया है। शासन के निर्देश पर 90 प्रतिशत के कम टीकाकरण वाले ब्लाकों में अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए गए। जनपद के चार ब्लाक कांधला, कैराना, थानाभवन और ऊन में 90 प्रतिशत से कम टीकाकरण होना पाया गया है। इन ब्लाकों में आशाओं को डोर-टू-डोर सर्वे कर टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को तलाश करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए 21 नवंबर तक सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजकुमार सागर ने बताया कि जनपद के चार ब्लाकों में सर्वे के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद 25 नवंबर तक सर्वे कार्य की रिपोर्ट मिलने पर टीकाकरण की कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके बाद वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीके लगाने का अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान का लक्ष्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं में 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण करना है।
दो दिसंबर से शुरू होगा टीकाकरण अभियान
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरके सागर ने बताया कि टीकाकरण अभियान दो दिसंबर से शुरू होकर चार माह तक यानी मार्च माह तक चलाया जाएगा। यह अभियान हर महीने के पहले सोमवार को शुरू होगा और पूरे सप्ताह शनिवार तक चलेगा। एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें टीकाकरण करेंगी। इस अभियान के तहत घुमंतू परिवार, ईंट भट्ठों, कोल्हू आदि पर काम करने वाले परिवारों को टीकाकरण कर संतृप्त किया जाएगा।
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इन छूटे बच्चों में टीकाकरण पर रहेगा फोकस
- तीन माह का बच्चा, जिसे कोई भी टीका न लगा हो।
- पांच माह का बच्चा हो गया, उसके पैंटा का कोई टीका न लगा हो।
- एक साल का बच्चा हो गया, एमआर-1 और जेई-1 का टीका न लगा हो।
- डेढ़ साल का हो गया एमआर-2 और जेई- 2 का टीका न लगा हो।
- वे गर्भवती महिलाएं, जिन्हें समय पर टीका नहीं लगा हो।
कोट
जनपद के चार ब्लाकों में विशेष अभियान चलाकर छूटे गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए आशाएं डोर-टू-डोर सर्वे कर छूटे गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं की जानकारी करेंगी। छूट गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए दो दिसंबर से टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कराने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। इसके बाद भी जिले में संपूर्ण टीकाकरण नहीं हो पाया है। शासन के निर्देश पर 90 प्रतिशत के कम टीकाकरण वाले ब्लाकों में अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए गए। जनपद के चार ब्लाक कांधला, कैराना, थानाभवन और ऊन में 90 प्रतिशत से कम टीकाकरण होना पाया गया है। इन ब्लाकों में आशाओं को डोर-टू-डोर सर्वे कर टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को तलाश करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए 21 नवंबर तक सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजकुमार सागर ने बताया कि जनपद के चार ब्लाकों में सर्वे के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद 25 नवंबर तक सर्वे कार्य की रिपोर्ट मिलने पर टीकाकरण की कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके बाद वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीके लगाने का अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान का लक्ष्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं में 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण करना है।
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दो दिसंबर से शुरू होगा टीकाकरण अभियान
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरके सागर ने बताया कि टीकाकरण अभियान दो दिसंबर से शुरू होकर चार माह तक यानी मार्च माह तक चलाया जाएगा। यह अभियान हर महीने के पहले सोमवार को शुरू होगा और पूरे सप्ताह शनिवार तक चलेगा। एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें टीकाकरण करेंगी। इस अभियान के तहत घुमंतू परिवार, ईंट भट्ठों, कोल्हू आदि पर काम करने वाले परिवारों को टीकाकरण कर संतृप्त किया जाएगा।
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इन छूटे बच्चों में टीकाकरण पर रहेगा फोकस
- तीन माह का बच्चा, जिसे कोई भी टीका न लगा हो।
- पांच माह का बच्चा हो गया, उसके पैंटा का कोई टीका न लगा हो।
- एक साल का बच्चा हो गया, एमआर-1 और जेई-1 का टीका न लगा हो।
- डेढ़ साल का हो गया एमआर-2 और जेई- 2 का टीका न लगा हो।
- वे गर्भवती महिलाएं, जिन्हें समय पर टीका नहीं लगा हो।
कोट
जनपद के चार ब्लाकों में विशेष अभियान चलाकर छूटे गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए आशाएं डोर-टू-डोर सर्वे कर छूटे गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं की जानकारी करेंगी। छूट गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए दो दिसंबर से टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।