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Shamli News: बारिश के मौसम में बच्चे बन रहे डायरिया का शिकार, बरतें सावधानी
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- सरकारी अस्पताल में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी, 80 प्रतिशत बच्चे डायरिया से पीड़ित
- चिकित्सकों ने खानपान में सावधानी और साफ-सफाई रखने की दे रहे सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस महीने में हो रही बारिश के कारण अस्पतालों में डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। 80 प्रतिशत बच्चे उल्टी दस्त के आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में पेट में संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए खानपान में सावधानी बरतें और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
जुलाई माह में चल रही बारिश होने से सीएचसी शामली में उल्टी दस्त के मरीज बढ़ गए हैं। अस्पताल में डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बच्चों में उल्टी दस्त ज्यादा चल रहा है। इसके अलावा वायरल बुखार, जुकाम खांसी और त्वचार संबंधी रोगों के मरीज आ रहे है। सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उपकार मलिक ने बताया 10 साल तक के बच्चों में उल्टी दस्त वाले मरीज ज्यादा है। ओपीडी में रोजाना 115 के करीब बच्चे आ रहे हैं। इनमें 80 प्रतिशत बच्चे उल्टी व दस्त से पीड़ित थे। बाकी बारिश नजला, जुकाम, खांसी व बुखार के आ रहे हैं।
उनका कहना है कि बारिश के मौसम में गलत खानपान की वजह से पेट में संक्रमण होता है, जिस कारण उल्टी दस्त होते हैं। इसलिए खानपान में सावधानी बरते और खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह पानी व साबुन से धोएं और साफ-सफाई का ध्यान रखे। अगर गंदगी पेट में जाएगी तो बीमार होने का खतरा रहेगा। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया बाजार में बनी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। घर पर बना ताजा भोजन खाना चाहिए। बासी भोजन नहीं खाना चाहिए। ज्यादा तली भुनी व कटे फटे फल आदि खाने से बचना चाहिए।
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ये बरतें सावधानियां:
- कटे हुए फलों का सेवन न करें।
- तली भुनी चीजें ज्यादा न खाएं।
- बाजार में बनी चीजों को खाने से परहेज करें।
- बारिश में ज्यादा देर भीगने से बचना चाहिए।
-साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- खाना बनाते समय व खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करें।
- ताजा बना खाना खाएं, बासी भोजन करने से बचें।
- उल्टी दस्त होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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- चिकित्सकों ने खानपान में सावधानी और साफ-सफाई रखने की दे रहे सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस महीने में हो रही बारिश के कारण अस्पतालों में डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। 80 प्रतिशत बच्चे उल्टी दस्त के आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में पेट में संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए खानपान में सावधानी बरतें और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
जुलाई माह में चल रही बारिश होने से सीएचसी शामली में उल्टी दस्त के मरीज बढ़ गए हैं। अस्पताल में डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बच्चों में उल्टी दस्त ज्यादा चल रहा है। इसके अलावा वायरल बुखार, जुकाम खांसी और त्वचार संबंधी रोगों के मरीज आ रहे है। सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उपकार मलिक ने बताया 10 साल तक के बच्चों में उल्टी दस्त वाले मरीज ज्यादा है। ओपीडी में रोजाना 115 के करीब बच्चे आ रहे हैं। इनमें 80 प्रतिशत बच्चे उल्टी व दस्त से पीड़ित थे। बाकी बारिश नजला, जुकाम, खांसी व बुखार के आ रहे हैं।
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उनका कहना है कि बारिश के मौसम में गलत खानपान की वजह से पेट में संक्रमण होता है, जिस कारण उल्टी दस्त होते हैं। इसलिए खानपान में सावधानी बरते और खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह पानी व साबुन से धोएं और साफ-सफाई का ध्यान रखे। अगर गंदगी पेट में जाएगी तो बीमार होने का खतरा रहेगा। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया बाजार में बनी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। घर पर बना ताजा भोजन खाना चाहिए। बासी भोजन नहीं खाना चाहिए। ज्यादा तली भुनी व कटे फटे फल आदि खाने से बचना चाहिए।
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ये बरतें सावधानियां:
- कटे हुए फलों का सेवन न करें।
- तली भुनी चीजें ज्यादा न खाएं।
- बाजार में बनी चीजों को खाने से परहेज करें।
- बारिश में ज्यादा देर भीगने से बचना चाहिए।
-साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- खाना बनाते समय व खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करें।
- ताजा बना खाना खाएं, बासी भोजन करने से बचें।
- उल्टी दस्त होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।