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हुनर के दम पर ऊंचाइयां छू रहे बाल वैज्ञानिक
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इंट्रो : शामली जनपद के होनहारों ने विज्ञान के क्षेत्र में शामली का नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चमकाने में पीछे नहीं रहे हैं। जिले के कई बाल वैज्ञानिक राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा चुके हैं। हर साल 28 फरवरी का दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विज्ञान से होने वाले लाभ के प्रति समाज में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच पैदा करना है। विज्ञान के क्षेत्र में जिले की कई प्रतिभाओं ने अपने हुनर के दम पर पहचान दिलाई है। जिले के बाल वैज्ञानिकों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली विज्ञान प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए हैं।
मानवी का प्रोजेक्ट अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में हुआ शामिल
जिले के गांव टिटौली निवासी एवं बीएसएम स्कूल की छात्रा रही मानवी चौधरी ने तीन साल पहले रोड सेफ्टी को लेकर प्रोजेक्ट तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट को सेंसर लगाकर तैयार किया गया था। इसका लाभ ये था कि अगर सड़क पर या किसी मोड़ पर गाड़ी आमने-सामने आ जाए तो वे खुद रुक जाएंगी, जिससे दुर्घटना होने से बच सकेगी। यह प्रोजेक्ट जिला, राज्य स्तर में चयनित होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में चयनित हुआ। इसके बाद 2018 में जापान में हुई अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में इस प्रोजेक्ट के साथ मानवी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
अवनी ने बनाया अल्ट्रासोनिक ब्लाइंड स्टिक मॉडल
कस्बा कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी अवनी अग्रवाल शहर के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। अवनी ने 2019 में अल्ट्रासोनिक ब्लाइंड स्टिक प्रोजेक्ट तैयार किया था। यह प्रोजेक्ट मुजफ्फरनगर में आयोजित जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पहले स्थान पर रहने के कारण राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल किया गया। एक फरवरी 2019 को लखनऊ में आयोजित इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में यह प्रोजेक्ट शामिल हुआ। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रोजेक्ट पसंद आने पर छात्रा को प्रशस्ति पत्र दिया गया। अवनी अग्रवाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट बुजुर्गों और आंखों से कम दिखाई देने वालों के लिए बनाया गया है। इनके लिए स्टिक में सेंसर लगाया गया था, जिसमें जैसे ही कोई स्टिक के संपर्क में आने पर रिंग बजने से यह पता चल सकता है कि उनके आसपास कोई है। इसके अलावा अंधेरे में लाइट स्वयं ऑन होने पर रोशनी भी देती है।
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जतिन-आकांशा ने बनाया एंटी कार एंड बाइक हाईजैकिंग प्रोजेक्ट
स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल के इंटर के छात्र शामली के माजरा रोड निवासी यतिन गर्ग और आकांशा कुंडू ने संयुक्त रूप से एंटी कार एंड बाइक हाईजैकिंग प्रोजेक्ट तैयार किया। इसमें एक चिप तैयार की गई। इस चिप को बाइक या कार में लगाने पर चोरी होने से रोकने में मदद कर सकती है। उनका कहना है कि इस चिप को लगाने के बाद कार ट्रैस ही नहीं हो सकती, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम की मदद से कार दो मिनट बाद खुद बंद हो जाएगी। उनका यह प्रोजेक्ट पिछले साल 2019 में नोएडा के मयूर विहार में आयोजित सीबीएसई की राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हुआ। इनके अलावा राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में रॉक गोल्ड की खुशी शर्मा, खुशी तायल, देवी उमराकौर बनत की कशिश और सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र अनुराग ने पिछले साल गोरखपुर में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर जिले का प्रतिनिधित्व किया था। जवाहरलाल नेहरू गणित एवं विज्ञान प्रदर्शनी में सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के नदीम और सूरज ने मेरठ में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में जनपद का प्रतिनिधित्व किया था।
कोट
विज्ञान के क्षेत्र में जिले के बाल वैज्ञानिकों ने विभिन्न स्तर की राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का लगातार प्रदर्शन कर शामली को पहचान दिलाने में कामयाबी हासिल की है। होनहार छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट सराहनीय रहे हैं। - वीके गुलाटी, समन्वय, जिला विज्ञान क्लब शामली।
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मानवी का प्रोजेक्ट अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में हुआ शामिल
जिले के गांव टिटौली निवासी एवं बीएसएम स्कूल की छात्रा रही मानवी चौधरी ने तीन साल पहले रोड सेफ्टी को लेकर प्रोजेक्ट तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट को सेंसर लगाकर तैयार किया गया था। इसका लाभ ये था कि अगर सड़क पर या किसी मोड़ पर गाड़ी आमने-सामने आ जाए तो वे खुद रुक जाएंगी, जिससे दुर्घटना होने से बच सकेगी। यह प्रोजेक्ट जिला, राज्य स्तर में चयनित होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में चयनित हुआ। इसके बाद 2018 में जापान में हुई अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में इस प्रोजेक्ट के साथ मानवी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
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अवनी ने बनाया अल्ट्रासोनिक ब्लाइंड स्टिक मॉडल
कस्बा कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी अवनी अग्रवाल शहर के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। अवनी ने 2019 में अल्ट्रासोनिक ब्लाइंड स्टिक प्रोजेक्ट तैयार किया था। यह प्रोजेक्ट मुजफ्फरनगर में आयोजित जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पहले स्थान पर रहने के कारण राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल किया गया। एक फरवरी 2019 को लखनऊ में आयोजित इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में यह प्रोजेक्ट शामिल हुआ। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रोजेक्ट पसंद आने पर छात्रा को प्रशस्ति पत्र दिया गया। अवनी अग्रवाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट बुजुर्गों और आंखों से कम दिखाई देने वालों के लिए बनाया गया है। इनके लिए स्टिक में सेंसर लगाया गया था, जिसमें जैसे ही कोई स्टिक के संपर्क में आने पर रिंग बजने से यह पता चल सकता है कि उनके आसपास कोई है। इसके अलावा अंधेरे में लाइट स्वयं ऑन होने पर रोशनी भी देती है।
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जतिन-आकांशा ने बनाया एंटी कार एंड बाइक हाईजैकिंग प्रोजेक्ट
स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल के इंटर के छात्र शामली के माजरा रोड निवासी यतिन गर्ग और आकांशा कुंडू ने संयुक्त रूप से एंटी कार एंड बाइक हाईजैकिंग प्रोजेक्ट तैयार किया। इसमें एक चिप तैयार की गई। इस चिप को बाइक या कार में लगाने पर चोरी होने से रोकने में मदद कर सकती है। उनका कहना है कि इस चिप को लगाने के बाद कार ट्रैस ही नहीं हो सकती, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम की मदद से कार दो मिनट बाद खुद बंद हो जाएगी। उनका यह प्रोजेक्ट पिछले साल 2019 में नोएडा के मयूर विहार में आयोजित सीबीएसई की राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हुआ। इनके अलावा राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में रॉक गोल्ड की खुशी शर्मा, खुशी तायल, देवी उमराकौर बनत की कशिश और सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र अनुराग ने पिछले साल गोरखपुर में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर जिले का प्रतिनिधित्व किया था। जवाहरलाल नेहरू गणित एवं विज्ञान प्रदर्शनी में सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के नदीम और सूरज ने मेरठ में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में जनपद का प्रतिनिधित्व किया था।
कोट
विज्ञान के क्षेत्र में जिले के बाल वैज्ञानिकों ने विभिन्न स्तर की राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का लगातार प्रदर्शन कर शामली को पहचान दिलाने में कामयाबी हासिल की है। होनहार छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट सराहनीय रहे हैं। - वीके गुलाटी, समन्वय, जिला विज्ञान क्लब शामली।