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सर्पदंश से बालक की मौत, पिता गंभीर
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:00 AM IST
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accident
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। पानीपत (हरियाणा) जिले में पोल्ट्री फार्म पर नौकरी करने वाले पिता-पुत्र को शुक्रवार की रात सांप ने काट लिया। परिजनों ने दोनों को पानीपत और फिर झिंझाना में झाड़ फूंक करने वाले को दिखाया।
मगर, पांच वर्षीय बालक की जान नहीं बच सकी जबकि पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के कारण परिवार में कोहराम मच गया।
कैराना क्षेत्र के गांव अलीपुर निवासी खालिद (30) हरियाणा के जिला पानीपत के गांव हड़ताड़ी के पास स्थित पोल्ट्री फार्म में नौकरी करता है। पत्नी और बच्चों के साथ पोल्ट्री फार्म में ही रहता है। शुक्रवार की रात वह अपने पांच वर्षीय बेटे आवेश के साथ चारपाई पर सो रहा था। रात में जहरीले सांप ने दोनों को काट लिया।
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इसके बाद परिजन दोनों को हरियाणा में ही एक झाड़ फूंक करने वाले के पास ले गए। वहां से भी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो परिजन उनको झिंझाना में झाड़ फूंक करने वाले व्यक्ति के पास ले गए। वहां आवेश की मौत हो गई। खालिद की हालत में सुधार नहीं होने पर उसको शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
अंधविश्वास में गई जान
सर्पदंश के बाद खालिद और उसके बेटे आवेश को परिजन अंध विश्वास के चलते झाड़ फूंक करने वालों के यहां ले गए। यदि उन्हें समय पर ठीक से उपचार मिल जाता तो शायद मासूम आवेश की जिंदगी बचाई जा सकती थी। अंध विश्वास के कारण आवेश की जान चली गई।
ये रखें सावधानी
ग्रीष्म ऋतु में बरसात आने के दौरान ही सांप अपने बिल से बाहर निकलने लगते हैं। सांप के काटने से बचने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है। खुले में घास के मैदान अथवा पेड़ पौधे के पास सोने से बचा जाएं। शामली के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सुशील कुमार का कहना है कि सांप के काटने पर झाड़ फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि घायल को आधा घंटे के भीतर उपचार मिल जाना चाहिए। एंटी स्नेक वीनम वैक्सीन सीएचसी पर उपलब्ध है। यदि किसी भी व्यक्ति को सांप काटता है, तो उसे आधा घंटे के भीतर ही अस्पताल लाकर यह वैक्सीन लगवाकर जान बचाई जा सकती है। यदि कोबरा काटता है, तो उस दशा में पांच से 10 मिनट के भीतर ही यह वैक्सीन लगनी जरूरी है।
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मगर, पांच वर्षीय बालक की जान नहीं बच सकी जबकि पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के कारण परिवार में कोहराम मच गया।
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कैराना क्षेत्र के गांव अलीपुर निवासी खालिद (30) हरियाणा के जिला पानीपत के गांव हड़ताड़ी के पास स्थित पोल्ट्री फार्म में नौकरी करता है। पत्नी और बच्चों के साथ पोल्ट्री फार्म में ही रहता है। शुक्रवार की रात वह अपने पांच वर्षीय बेटे आवेश के साथ चारपाई पर सो रहा था। रात में जहरीले सांप ने दोनों को काट लिया।
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इसके बाद परिजन दोनों को हरियाणा में ही एक झाड़ फूंक करने वाले के पास ले गए। वहां से भी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो परिजन उनको झिंझाना में झाड़ फूंक करने वाले व्यक्ति के पास ले गए। वहां आवेश की मौत हो गई। खालिद की हालत में सुधार नहीं होने पर उसको शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
अंधविश्वास में गई जान
सर्पदंश के बाद खालिद और उसके बेटे आवेश को परिजन अंध विश्वास के चलते झाड़ फूंक करने वालों के यहां ले गए। यदि उन्हें समय पर ठीक से उपचार मिल जाता तो शायद मासूम आवेश की जिंदगी बचाई जा सकती थी। अंध विश्वास के कारण आवेश की जान चली गई।
ये रखें सावधानी
ग्रीष्म ऋतु में बरसात आने के दौरान ही सांप अपने बिल से बाहर निकलने लगते हैं। सांप के काटने से बचने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है। खुले में घास के मैदान अथवा पेड़ पौधे के पास सोने से बचा जाएं। शामली के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सुशील कुमार का कहना है कि सांप के काटने पर झाड़ फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि घायल को आधा घंटे के भीतर उपचार मिल जाना चाहिए। एंटी स्नेक वीनम वैक्सीन सीएचसी पर उपलब्ध है। यदि किसी भी व्यक्ति को सांप काटता है, तो उसे आधा घंटे के भीतर ही अस्पताल लाकर यह वैक्सीन लगवाकर जान बचाई जा सकती है। यदि कोबरा काटता है, तो उस दशा में पांच से 10 मिनट के भीतर ही यह वैक्सीन लगनी जरूरी है।