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Shamli News: सीएचसी शामली और 35 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिला एनक्यूएएस प्रमाणपत्र
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बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के मानक पूरा करने पर मिला प्रमाण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के मानक पूरे करने पर भारत सरकार की तरफ से जिले में सीएचसी शामली और 35 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्रों) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड मानकों पर खरा उतरे हैं। इन स्वास्थ्य केंद्राें को भारत सरकार की तरफ से एनक्यूएएस प्रमाण पत्र जारी करने की सूची में शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहतर प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को मान्यता देना तथा लोगों में सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता में सुधार लाना है। इस कार्यक्रम के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की समय-समय मानकों के आधार पर सत्यापन किया जाता है। इस वर्ष में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों का मानकों के आधार पर सत्यापन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक फईम अहमद ने बताया कि सत्यापन में जिले में सीएचसी शामली समेत 36 स्वास्थ्य केंद्राें को मानक पूरे करने पर एनक्यूएएस प्रमाण पत्र मिला है।
-- इन केंद्रों को मिला प्रमाण पत्र
सीएचसी शामली, आयुष्मान आरोग्य मंदिर टपराना, मंसूरा, झाल, बुटराड़ा, बधेव, रामड़ा, उमरपुर, मवी, मालेंडी, दुल्लाखेड़ी, सोंहजनी, सोंटा, दखोड़ी जमालपुर, खानपुर, कसेरवा खुर्द, हुरमजपुर, वेदखेड़ी, हसनपुर, भैंसवाल, कसेरवाल कलां, गोहरनी, सिकंदरपुर, बुच्चाखेड़ी, बीनड़ा, पावटी कलां, ताना, शेखुपूरा, मलकपुर, हिंड, सींगरा, जगनपुर, टिटौली, चौसाना, नाला और लिसाढ़।
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-- एनक्यूएएस के प्रमुख मानक
- सेवा प्रावधान में रोगियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुंच और उपयोग।
- रोगियों के अधिकार का सम्मान करना और उन्हें सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त करना।
- आवश्यक संसाधनों दवाएं, उपकरण और मानव संंसाधन की उपलब्धता।
- सहायक सेवाएं प्रयोगशाला, इमेजिंग और फार्मेसी जैसी सहायक सेवाओं की गुणवत्ता होना।
- रोगियों को प्रदान की जाने वाली नैदानिक देखभाल की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना।
- अस्पताल में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं को लागू करना।
- स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली स्थापित करना और उसे बनाए रखना।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के मानक पूरे करने पर भारत सरकार की तरफ से जिले में सीएचसी शामली और 35 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्रों) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड मानकों पर खरा उतरे हैं। इन स्वास्थ्य केंद्राें को भारत सरकार की तरफ से एनक्यूएएस प्रमाण पत्र जारी करने की सूची में शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहतर प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को मान्यता देना तथा लोगों में सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता में सुधार लाना है। इस कार्यक्रम के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की समय-समय मानकों के आधार पर सत्यापन किया जाता है। इस वर्ष में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों का मानकों के आधार पर सत्यापन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक फईम अहमद ने बताया कि सत्यापन में जिले में सीएचसी शामली समेत 36 स्वास्थ्य केंद्राें को मानक पूरे करने पर एनक्यूएएस प्रमाण पत्र मिला है।
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सीएचसी शामली, आयुष्मान आरोग्य मंदिर टपराना, मंसूरा, झाल, बुटराड़ा, बधेव, रामड़ा, उमरपुर, मवी, मालेंडी, दुल्लाखेड़ी, सोंहजनी, सोंटा, दखोड़ी जमालपुर, खानपुर, कसेरवा खुर्द, हुरमजपुर, वेदखेड़ी, हसनपुर, भैंसवाल, कसेरवाल कलां, गोहरनी, सिकंदरपुर, बुच्चाखेड़ी, बीनड़ा, पावटी कलां, ताना, शेखुपूरा, मलकपुर, हिंड, सींगरा, जगनपुर, टिटौली, चौसाना, नाला और लिसाढ़।
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- सेवा प्रावधान में रोगियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुंच और उपयोग।
- रोगियों के अधिकार का सम्मान करना और उन्हें सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त करना।
- आवश्यक संसाधनों दवाएं, उपकरण और मानव संंसाधन की उपलब्धता।
- सहायक सेवाएं प्रयोगशाला, इमेजिंग और फार्मेसी जैसी सहायक सेवाओं की गुणवत्ता होना।
- रोगियों को प्रदान की जाने वाली नैदानिक देखभाल की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना।
- अस्पताल में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं को लागू करना।
- स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली स्थापित करना और उसे बनाए रखना।