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सीएचसी का हाल पशुओं के अस्पताल से भी खराब

Fri, 07 Feb 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2020 12:06 AM IST
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CHC's condition worse than animal hospital: Priyamvada
शामली। राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. प्रियंवदा तोमर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षक किया। अस्पताल में अव्यवस्थाएं मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था नाम की चीज नहीं है। साफ-सफाई नहीं है। महिला चिकित्सक का पता नहीं, पशुओं के अस्पताल से भी इस अस्पताल की बुरी हालत है। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. प्रियवंदा तोमर सीएचसी शामली पहुंची। निरीक्षण के दौरान गेट पर कूड़े का ढेर लगा मिला। ओपीडी में महिला चिकित्सक नहीं मिली और मरीज पर्ची लेकर इधर से उधर भटक रहे थे। पर्चियों की जांच करने पर आधा अधूरा विवरण पाया गया। महिला वार्ड में भर्ती महिला का हीमोग्लोबीन कम होने के बाद भी समुचित उपचार न होने की शिकायत मिली। लेबर रूम में भी समुचित साफ-सफाई नहीं मिली। उन्होंने सीएचसी चिकित्साधीक्षक डा. रमेश चंद्रा से चिकित्सकों के ओपीडी में न होने पर नाराजगी व्यक्त की। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि महिला चिकित्सक डा. मंजीत कौर कैंप में गई है, जबकि दूसरी संविदा महिला चिकित्सक स्वास्थ्य खराब होने के कारण चार दिन से नहीं आ रही हैं। निरीक्षण की सूचना मिलते ही सीएमओ डा. संजय भटनागर भी सीएचसी पहुंचे।
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डॉ. प्रियंवदा ने सीएमओ से अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में डा. प्रियंवदा तोमर ने कहा कि सीएचसी में व्यवस्था नाम की चीज नहीं है। गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पशु अस्पताल से भी बदतर हालात यहां के बने हुए हैं। महिला चिकित्सक बिना छुट्टी लिए गायब है। अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। मरीजों ने शिकायत की है कि दूसरी जगह अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर उनसे पैसे लिए जाते हैं। मीटिंग के नाम पर चिकित्सक इधर से उधर घूम रहे है। डिलीवरी के लिए महिलाएं भर्ती है, लेकिन कोई देखरेख करने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि मरीजों को समुचित उपचार की सुविधा मिल सके।
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