{"_id":"5eefa7f18ebc3e432a62b4a2","slug":"charged-for-kidnapping-teenager-shamli-news-mrt487543764","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं में आई कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं में आई कमी
विज्ञापन
कैराना में प्राचीन देवी मन्दिर तालाब पर अर्न्तराष्ट्रीय योग दिवस पर योगा करते साधक
- फोटो : SHAMLI
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नहीं पहुंचे श्रद्धालु
कैराना। अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण पर स्नान और दान का विशेष महत्व है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यमुना पर स्नान करने के लिए बहुत ही कम श्रद्धालु पहुंचे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य का अर्घ्य अर्पण किया।
रविवार को आषाढ़ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण पर स्नान दान आदि का विशेष महत्व होता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यमुना पर स्नान करने के लिए बहुत ही कम श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने यमुना मे स्नान, माला जाप व ध्यान कर पूजा अर्चना की तथा मन्नतें मांगी। हरियाणा के जींद निवासी पंडित बलजीत गिरी ने बताया कि आषाढ़ मास की अमावस्या का विशेष महत्व है, इस दिन जप-तप-दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। आषाढ़ माह में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस माह की हर तिथि का अपना महत्व है लेकिन अमावस्या विशेष लाभप्रद मानी जाती है। इस अमावस्या के बाद वर्षा ऋतु आरंभ होती है। साथ ही रविवार को सूर्यग्रहण भी हुआ तो यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। इसका असर देश-दुनिया पर पड़ेगा। अगर ग्रहण के बाद कुछ उपाय किए जाए तो शनि दोष, पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है। हर बार स्नान करने के लिए हरियाणा सहित अन्य जनपदों से श्रद्धालु यमुना पर पहुंचते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण सामूहिक कार्यक्रमों व स्नान पर प्रतिबंध है। इसके चलते यमुना किनारे पुलिस फोर्स तैनात रहा।
विज्ञापन
कैराना। अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण पर स्नान और दान का विशेष महत्व है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यमुना पर स्नान करने के लिए बहुत ही कम श्रद्धालु पहुंचे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य का अर्घ्य अर्पण किया।
रविवार को आषाढ़ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण पर स्नान दान आदि का विशेष महत्व होता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यमुना पर स्नान करने के लिए बहुत ही कम श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने यमुना मे स्नान, माला जाप व ध्यान कर पूजा अर्चना की तथा मन्नतें मांगी। हरियाणा के जींद निवासी पंडित बलजीत गिरी ने बताया कि आषाढ़ मास की अमावस्या का विशेष महत्व है, इस दिन जप-तप-दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। आषाढ़ माह में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस माह की हर तिथि का अपना महत्व है लेकिन अमावस्या विशेष लाभप्रद मानी जाती है। इस अमावस्या के बाद वर्षा ऋतु आरंभ होती है। साथ ही रविवार को सूर्यग्रहण भी हुआ तो यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। इसका असर देश-दुनिया पर पड़ेगा। अगर ग्रहण के बाद कुछ उपाय किए जाए तो शनि दोष, पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है। हर बार स्नान करने के लिए हरियाणा सहित अन्य जनपदों से श्रद्धालु यमुना पर पहुंचते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण सामूहिक कार्यक्रमों व स्नान पर प्रतिबंध है। इसके चलते यमुना किनारे पुलिस फोर्स तैनात रहा।

अमावस्या पर कैराना यमुना नदी किनारे पुजा करता श्रद्घालू- फोटो : SHAMLI

कैराना में यमुना नदी में स्नान के दौरान सूर्य का आर्ध्य अर्पण करते श्रद्घालू- फोटो : SHAMLI
विज्ञापन