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बदलता मौसम बांट रहा बीमारियां, रहें सावधान
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शामली। जनपद में बदलता मौसम लोगों को बीमारियां बांट रहा है। कभी गरम तो कभी ठंडा मौसम होने से अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी है। इनमें सबसे अधिक मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित थे, जिन्हें नजला, जुकाम, खांसी की शिकायत थी। शनिवार को ओपीडी में 1050 से अधिक मरीजों की जांच कर दवा दी गई।
पिछले कई दिन से मौसम गरम हो रहा था जबकि रात में ठंड बन रही थी। बदलते मौसम में लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुककर होती रही। कांधला और जलालाबाद में ओलावृष्टि हुई। शुक्रवार को मौसम में आए बदलवा से दिन का तापमान 26 डिग्री से आठ डिग्री कम होकर 18 डिग्री तक पहुंच गया था। बारिश थमने पर शनिवार सुबह तेज धूप निकलने से मौसम फिर से गरमाने लगा। शनिवार को दिन का तापमान पांच डिग्री बढ़कर 23 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम के इस उतार-चढ़ाव में लोग बीमार हो रहे है। शुक्रवार को महाशिवरात्रि की छुट्टी के बाद शनिवार को सरकारी अस्पताल खुले तो सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग गई। दोपहर साढ़े 12 बजे तक करीब 775 नए मरीजों की पर्ची बन चुकी थी। चिकित्सकों के मुताबिक बदलते मौसम की वजह से सबसे अधिक मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित रहे। जिनमें नजला, जुकाम, खांसी, वायरल फीवर के साथ कुछ मरीज निमोनिया के थे।
163 में 100 से अधिक मरीज नजला-जुकाम के आए
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेशचंद्रा ने बताया कि दोपहर 12 बजे उनके पास करीब 163 मरीज आए है। इनमें 100 से अधिक मरीज नजला, जुकाम, खांसी से पीड़ित थे। सभी का उपचार किया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को ओपीडी में करीब 1050 मरीजों की जांच हुई, जिनमें करीब 150 बच्चे शामिल है। एक तिहाई मरीज पुरानी पर्ची पर दिखाने वाले शामिल थे।
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55 में 30 मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित
चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि दोपहर सवा 12 बजे तक उन्होंने करीब 55 मरीजों की जांच की। इनमें लगभग 30 से अधिक मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित थे। इनके अलावा शुगर, थायराइड और अन्य बीमारियों के मरीज आए है। इनके अलावा दोपहर साढ़े 12 बजे तक महिला चिकित्सक डॉ. मंजीत कौर ने करीब 118 मरीजों की और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रामनिवास 128 मरीजों की ओपीडी कर चुके थे।
सावधानी एवं बचाव
सुबह और शाम के वक्त शरीर केे अधिक ढकने वाले गरम ऊनी कपड़े पहने।
दिन में मौसम गरम होने पर ज्यादा कपड़े न पहने।
ठंडी चीजों और पेय पदार्थों का सेवन न करें।
बदलते मौसम में एहतियात बरतें।
कोई भी परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
कोट
मौसम में बदलाव होने के समय नजला, जुकाम, खांसी होने की संभावना रहती है। इसकी वजह ये है कि मौसम बदलने के दौरान शरीर को मौसम के अनुकूल होने में थोड़ा समय लगता है। इस वजह से वायरल संक्रमण हो जाता है। ऐसे मौसम में कपड़े पहनने और खाने पीने की चीजों में सावधानी बरतनी चाहिए। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
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पिछले कई दिन से मौसम गरम हो रहा था जबकि रात में ठंड बन रही थी। बदलते मौसम में लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुककर होती रही। कांधला और जलालाबाद में ओलावृष्टि हुई। शुक्रवार को मौसम में आए बदलवा से दिन का तापमान 26 डिग्री से आठ डिग्री कम होकर 18 डिग्री तक पहुंच गया था। बारिश थमने पर शनिवार सुबह तेज धूप निकलने से मौसम फिर से गरमाने लगा। शनिवार को दिन का तापमान पांच डिग्री बढ़कर 23 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम के इस उतार-चढ़ाव में लोग बीमार हो रहे है। शुक्रवार को महाशिवरात्रि की छुट्टी के बाद शनिवार को सरकारी अस्पताल खुले तो सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग गई। दोपहर साढ़े 12 बजे तक करीब 775 नए मरीजों की पर्ची बन चुकी थी। चिकित्सकों के मुताबिक बदलते मौसम की वजह से सबसे अधिक मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित रहे। जिनमें नजला, जुकाम, खांसी, वायरल फीवर के साथ कुछ मरीज निमोनिया के थे।
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163 में 100 से अधिक मरीज नजला-जुकाम के आए
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेशचंद्रा ने बताया कि दोपहर 12 बजे उनके पास करीब 163 मरीज आए है। इनमें 100 से अधिक मरीज नजला, जुकाम, खांसी से पीड़ित थे। सभी का उपचार किया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को ओपीडी में करीब 1050 मरीजों की जांच हुई, जिनमें करीब 150 बच्चे शामिल है। एक तिहाई मरीज पुरानी पर्ची पर दिखाने वाले शामिल थे।
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55 में 30 मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित
चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि दोपहर सवा 12 बजे तक उन्होंने करीब 55 मरीजों की जांच की। इनमें लगभग 30 से अधिक मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित थे। इनके अलावा शुगर, थायराइड और अन्य बीमारियों के मरीज आए है। इनके अलावा दोपहर साढ़े 12 बजे तक महिला चिकित्सक डॉ. मंजीत कौर ने करीब 118 मरीजों की और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रामनिवास 128 मरीजों की ओपीडी कर चुके थे।
सावधानी एवं बचाव
सुबह और शाम के वक्त शरीर केे अधिक ढकने वाले गरम ऊनी कपड़े पहने।
दिन में मौसम गरम होने पर ज्यादा कपड़े न पहने।
ठंडी चीजों और पेय पदार्थों का सेवन न करें।
बदलते मौसम में एहतियात बरतें।
कोई भी परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
कोट
मौसम में बदलाव होने के समय नजला, जुकाम, खांसी होने की संभावना रहती है। इसकी वजह ये है कि मौसम बदलने के दौरान शरीर को मौसम के अनुकूल होने में थोड़ा समय लगता है। इस वजह से वायरल संक्रमण हो जाता है। ऐसे मौसम में कपड़े पहनने और खाने पीने की चीजों में सावधानी बरतनी चाहिए। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।