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Shamli News: आईपीसी व सीआरपीसी में बदलाव से पुराने मुकदमों पर नहीं पड़ेगा असर

Mon, 14 Aug 2023 01:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Aug 2023 01:05 AM IST
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Changes in IPC and CrPC will not affect old cases
- आपराधिक कानूनों में बदलाव की अधिवक्ताओं की सराहना
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- मोदी सरकार के आपराधिक कानूनों में बदलाव के लिए तीन विधेयक पेश करने पर अधिवक्ताओं की राय

संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/ कैराना। केंद्र की मोदी सरकार ने अंग्रेजों के समय से चले आ रहे आपराधिक कानूनों में बदलाव के लिए तीन विधेयक पेश किए हैं। इस संबंध में अधिवक्ताओं की राय ली गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि कानूनों में बदलाव होना जरूरी था। इससे पीड़ितों को न्याय सुलभ मिलेगा। वहीं अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि इससे पुराने मुकदमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान का कहना है कि जिन आपराधिक कानूनों में बदलाव किया जा रहा है, वे बहुत पुराने हो चुके थे। उनमें बदलाव की जरूरत थी। सरकार की ये अच्छी पहल है। इससे पीड़ितों को न्याय सुलभ होगा और न्याय प्रक्रिया भी सुलभ होगी।
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- वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा ने कहा सरकार का आपराधिक कानूनों की आईपीसी, सीआरपीसी व आईईसी में बदलाव करना सराहनीय है। यह सरकार का अच्छा कदम है। जिन कानूनों में बदलाव किया जा रहा है, वे बहुत पुराने समय के एक्ट हैं, उनमें बदलाव किया जाना जरूरी है। कानूनों में बदलाव से पीड़ितों को न्याय मिलेगा। यह पीड़ितों के हक में सराहनीय पहल है।
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- बार एसोसिएशन के महासचिव आलोक चौहान एडवोकेट ने बताया कि विधेयक पास होने से पहले के सभी मुकदमे पूर्व की भाति चलेंगे। राजद्रोह का कानून बिना वजह चल रहा था। उसे खत्म करके अच्छा किया है। केवल आईपीसी की नई धाराओं को मुकदमा लड़ते समय याद रखने में थोड़ा समय लगेगा। जिस प्रकार 2012 में पोक्सो एक्ट आया था लेकिन अब पोक्सो एक्ट में रोज सजाएं हो रही हैं।



- अधिवक्ता शगुन मित्तल ने बताया कि पुराने आपराधिक मुकदमों में कोई बदलाव नही आयेगा। पहली की आईपीसी की धाराओं पर सुनवाई होगी तथा सजाएं होगी। नये विधेयक पास होने के बाद से पुलिस को भी नई धाराओं में अपराध पंजीकृत करने होगें। अधिवक्ताओं को भी नई धाराओं को याद करने में कुछ समय लगेगा। बाकी अपराध की श्रेणी में सुनवाई और सजा पहले की भाति रहेगी।
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