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Shamli News: अस्पताल में कैंसर की जांच न उपचार की सुविधा
Tue, 04 Feb 2025 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 04 Feb 2025 12:14 AM IST
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शामली। जिले में कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। कई लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के साथ ही जांच और उपचार की सुविधा नहीं है। मरीजों को बाहर दूसरे शहरों में निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
हर वर्ष चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना होता है, ताकि समय रहते इसकी पहचान होने पर पहली स्टेज में ही उपचार शुरू किया जा सके। जिले में कृष्णा नदी किनारे के गांवों में कैंसर के रोगी ज्यादा मिल रहे हैं। थानाभवन क्षेत्र के गांव चंदेनामाल, हसनपुर लुहारी, शामली क्षेत्र के गांव बहावड़ी व काबड़ौत, झिंझाना क्षेत्र के खोड़समा आदि गांवों में कैंसर के मरीज है। इनका दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड व हरियाणा आदि प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज चल रहा है। पूर्व में कैंसर से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। गांव बहावड़ी निवासी बंटी चौधरी ने बताया कि उनके गांव में कई लोग कैंसर से पीड़ित है। जिले में जांच की सुविधा न होने पर कैंसर का पता देर से चलता है, तब तक मरीज की जान खतरे में पड़ जाती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि अस्पताल में कैंसर की जांच और उपचार की सुविधा नहीं है। अगर कोई मरीज जानकारी में आता है तो उसे मेरठ मेडिकल या दिल्ली रेफर किया जाता है।
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लाइलाज नहीं कैंसर, समय पर कराएं जांच व उपचार
जिला अस्पताल के चिकित्सक समद अली का कहना है कि कैंसर किसी भी आयु वर्ग में और किसी भी अंग में हो सकता है। यह दूषित वातावरण, दूषित पानी, ध्रूमपान करने से फेफड़े का, तंबाकू गुटखा, मसाला खाने से मुंह का, ज्यादा तेज मिर्च-मसाले खाने से पेट का कैंसर होने का खतरा रहता है। अगर किसी परिवार में पहले से कोई कैंसर का मरीज है तो उसके परिवार के सदस्यों को भी समय-समय पर जांच करानी चाहिए। अगर किसी के शरीर में कोई गांठ होती है, आवाज बदल रही है या वजन घट रहा है। किसी स्थान पर लगातार दर्द होता है। इसके अलावा भूख न लगना और लंबे समय तक बुखार होना भी कैंसर के लक्षण हैं। इस तरह के लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सक की सलाह से जांच करानी चाहिए। बताया शुरूआत में ही कैंसर का पता चल जाए तो उसका इलाज संभव है।
लक्षण
शरीर के किसी भी हिस्से पर ऊतकों में असामान्य रूप से गांठ बनना या उभार होना।
कोशिकाओं का असामान्य तौर पर वृद्धि करना।
सावधानी
सिगरेट, शराब का सेवन कम करें।
ज्यादा तला भुना व चिकनाई युक्त भोजन का सेवन कम करें।
रोजाना व्यायाम करें।
समय-समय पर जांच कराएं।
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हर वर्ष चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना होता है, ताकि समय रहते इसकी पहचान होने पर पहली स्टेज में ही उपचार शुरू किया जा सके। जिले में कृष्णा नदी किनारे के गांवों में कैंसर के रोगी ज्यादा मिल रहे हैं। थानाभवन क्षेत्र के गांव चंदेनामाल, हसनपुर लुहारी, शामली क्षेत्र के गांव बहावड़ी व काबड़ौत, झिंझाना क्षेत्र के खोड़समा आदि गांवों में कैंसर के मरीज है। इनका दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड व हरियाणा आदि प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज चल रहा है। पूर्व में कैंसर से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। गांव बहावड़ी निवासी बंटी चौधरी ने बताया कि उनके गांव में कई लोग कैंसर से पीड़ित है। जिले में जांच की सुविधा न होने पर कैंसर का पता देर से चलता है, तब तक मरीज की जान खतरे में पड़ जाती है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि अस्पताल में कैंसर की जांच और उपचार की सुविधा नहीं है। अगर कोई मरीज जानकारी में आता है तो उसे मेरठ मेडिकल या दिल्ली रेफर किया जाता है।
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लाइलाज नहीं कैंसर, समय पर कराएं जांच व उपचार
जिला अस्पताल के चिकित्सक समद अली का कहना है कि कैंसर किसी भी आयु वर्ग में और किसी भी अंग में हो सकता है। यह दूषित वातावरण, दूषित पानी, ध्रूमपान करने से फेफड़े का, तंबाकू गुटखा, मसाला खाने से मुंह का, ज्यादा तेज मिर्च-मसाले खाने से पेट का कैंसर होने का खतरा रहता है। अगर किसी परिवार में पहले से कोई कैंसर का मरीज है तो उसके परिवार के सदस्यों को भी समय-समय पर जांच करानी चाहिए। अगर किसी के शरीर में कोई गांठ होती है, आवाज बदल रही है या वजन घट रहा है। किसी स्थान पर लगातार दर्द होता है। इसके अलावा भूख न लगना और लंबे समय तक बुखार होना भी कैंसर के लक्षण हैं। इस तरह के लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सक की सलाह से जांच करानी चाहिए। बताया शुरूआत में ही कैंसर का पता चल जाए तो उसका इलाज संभव है।
लक्षण
शरीर के किसी भी हिस्से पर ऊतकों में असामान्य रूप से गांठ बनना या उभार होना।
कोशिकाओं का असामान्य तौर पर वृद्धि करना।
सावधानी
सिगरेट, शराब का सेवन कम करें।
ज्यादा तला भुना व चिकनाई युक्त भोजन का सेवन कम करें।
रोजाना व्यायाम करें।
समय-समय पर जांच कराएं।