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इंद्रदेव की कृपा से ‘धरतीपुत्र’ होगा धनवान

Thu, 01 Sep 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Thu, 01 Sep 2016 12:13 AM IST
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By the grace of the rain gods' son of the soil would be rich
agriculture - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पिछले साल की अपेक्षा इस साल अच्छी बारिश होने से धान की बंपर फसल होने की उम्मीद है। पूसा वन, पूसा 1121-1509 धान की प्रजाति किसानों के खेतों में लहरा रही है। 
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जिले में ज्यादातर धान की फसल यमुना खादर के ऊन, कैराना थानाभवन और शामली ब्लाक में होती है। पिछले साल धान 19 हजार 800 हेक्टेयर रकबे में धान बोया गया था। पिछले साल की अपेक्षा इस साल कृषि विभाग को धान का रकबा का लक्ष्य बढ़ाकर दिया गया। इस साल 20 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य दिया गया था।
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किसानों ने धान के प्रति उत्साह दिखाते हुए इस साल जबरदस्त बारिश होने से 20 हजार 400 हेक्टेयर में धान बोया गया है। इस साल छह सौ हेक्टेयर में पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा हेक्टेयर में धान बोया गया है। जिले में पूसा वन, पूसा बासमती 1509, पूसा 1121, शंकर धान की पौध जबरदस्त बारिश होने से खेतों में धान की फसल लहरा रही है।
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 जिला कृषि अधिकारी आनंद त्रिपाठी ने बताया कि जिले में लक्ष्य के चार सौ हेक्टेयर में ज्यादा धान बोया गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल ज्यादा बारिश होने से धान की फसल के लिए अमृत वर्षा है। गत वर्ष धान की उत्पादकता 24.98 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 29.32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बढ़ने की उम्मीद है।


उप निदेशक कृषि हरेंद्र उपाध्याय ने बताया है कि जिले में धान का रकबा बढ़ने से पंद्रह प्रतिशत से लेकर बीस प्रतिशत उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। 50 बीघा धान की खेती करने वाले कुड़ाना निवासी किरतपाल का कहना है कि धान की फसल के लिए मौसम अनुकूल है, अगर कोई रोग नहीं लगा तो पांच क्विंटल प्रति बीघा से ज्यादा धान की पैदावार हो सकती है। खोड़समा के प्रगतिशील किसान कुलदीप सिंह बताते है कि अभी तक धान की बंपर फसल खड़ी है।

शामली जिले का  धान का रकबा 
 धान की प्रजाति            रकबा  हेक्टेयर
पूसा बासमती वन और
पूसा बासमती 1509,1121        19 हजार 760
मोटा धान                463
शंकर धान            177
मौजूदा कुल रकबा धान        20 हजार 400 हेक्टेयर।     
गत वर्ष का रकबा धान        19 हजार 180 हेक्टेयर।
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